ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उनके उत्पादों को बाजार तक सीधी पहुंच दिलाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल ‘शी-मार्ट’ (स्वयं सहायता उद्यम मार्ट) की घोषणा की है। यह जानकारी लोकसभा में ग्रामीण विकास राज्य मंत्री Dr Chandrasekhar Pemmasani ने दी।
सरकार की इस नई पहल के तहत ‘शी-मार्ट’ को एक संरचित खुदरा मंच (रिटेल प्लेटफॉर्म) के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां स्वयं सहायता समूह (Self Help Groups – SHGs) से जुड़ी महिलाएं अपने उत्पादों को प्रदर्शित और सीधे उपभोक्ताओं को बेच सकेंगी। इससे न केवल उत्पादों की बिक्री बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को अपने व्यवसाय को विस्तार देने का भी अवसर मिलेगा।
यह पहल Deendayal Antyodaya Yojana National Rural Livelihood Mission (DAY-NRLM) के अंतर्गत शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण आजीविका को मजबूत करना और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। ‘शी-मार्ट’ के माध्यम से सरकार महिलाओं को बाजार से सीधा जोड़ने, उनकी उत्पादकता बढ़ाने और उद्यमिता कौशल विकसित करने पर जोर दे रही है।
मंत्री ने बताया कि ‘शी-मार्ट’ केवल एक बिक्री केंद्र नहीं होगा, बल्कि यह महिलाओं के लिए व्यवसायिक प्रशिक्षण, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग जैसी सुविधाओं का भी केंद्र बनेगा। इससे ग्रामीण महिलाएं अपने उत्पादों को बड़े बाजार में प्रतिस्पर्धी बना सकेंगी और उनकी आय में वृद्धि होगी।
इस योजना के तहत ‘शी-मार्ट’ को क्लस्टर स्तर के संघों द्वारा संचालित सामुदायिक खुदरा केंद्रों के रूप में स्थापित किया जाएगा। इन केंद्रों का स्वामित्व और संचालन स्वयं महिलाओं के हाथ में होगा, जिससे उनमें नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास का भी विकास होगा।
हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि अभी इस योजना के लिए कोई विशेष बजट स्वीकृत या व्यय नहीं किया गया है, लेकिन इसे जल्द ही चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। इसके लिए नवाचार आधारित वित्तीय साधनों और सामुदायिक सहयोग का सहारा लिया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि ‘शी-मार्ट’ पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है। इससे लाखों महिलाएं अपने कौशल के आधार पर आय अर्जित कर सकेंगी और उन्हें रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं पहले से ही हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी, सिलाई-कढ़ाई जैसे विभिन्न कार्यों में सक्रिय हैं। लेकिन बाजार तक सीधी पहुंच न होने के कारण उन्हें उचित मूल्य नहीं मिल पाता। ‘शी-मार्ट’ इस समस्या का समाधान बनकर उभरेगा और महिलाओं को उनके उत्पादों का सही मूल्य दिलाने में मदद करेगा।
‘शी-मार्ट’ पहल ग्रामीण महिलाओं के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई है। यह न केवल उन्हें आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि उन्हें एक सफल उद्यमी के रूप में स्थापित करने का मार्ग भी प्रशस्त करेगी। सरकार का यह कदम देश में समावेशी विकास और महिला सशक्तिकरण को नई गति देगा।

