भारत और फिजी के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत दोनों देशों ने कृषि और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया है। इस कड़ी में फिजी में भारत के उच्चायुक्त सुनीत मेहता ने फिजी के कृषि, जलमार्ग और चीनी उद्योग मंत्री तोमासी टुनाबुना से मुलाकात की।
इस बैठक के दौरान खेती से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को विस्तार देने, तकनीकी ज्ञान के आदान-प्रदान और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि कृषि क्षेत्र में साझेदारी को मजबूत कर न केवल उत्पादन बढ़ाया जा सकता है, बल्कि किसानों की आय में भी सुधार लाया जा सकता है। उच्चायुक्त ने इस बैठक को सकारात्मक और उपयोगी बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच बढ़ती साझेदारी को और गहरा करने की दिशा में यह बातचीत अहम साबित होगी।
हाल के दिनों में भारत और फिजी के बीच कई स्तरों पर संवाद बढ़ा है। 10 मार्च को दोनों देशों के बीच डिजिटल और मल्टीमीडिया संचार, जलवायु परिवर्तन से जुड़े प्रयास, कचरा प्रबंधन, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने को लेकर भी चर्चा हुई थी। यह दर्शाता है कि द्विपक्षीय संबंध केवल कृषि तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तेजी से विस्तार हो रहा है।
इससे पहले सुनीत मेहता ने फिजी डेवलपमेंट बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी फिलिमोन वकाबाका से भी मुलाकात की थी। इस बैठक में विकास वित्त, निवेश और सतत आर्थिक विकास के क्षेत्र में सहयोग के नए अवसरों पर विचार-विमर्श किया गया। दोनों पक्षों ने इस बात पर जोर दिया कि मजबूत वित्तीय सहयोग से दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को नई दिशा मिल सकती है।
वहीं, पिछले महीने नई दिल्ली में विदेश मामलों के केंद्रीय राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने फिजी के वित्त, वाणिज्य और व्यापार विकास मंत्री एस्रोम इमैनुएल के साथ बैठक की थी। इस दौरान द्विपक्षीय संबंधों, साझा प्राथमिकताओं और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने विकास साझेदारी और क्षमता निर्माण को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई।
भारत और फिजी के संबंध ऐतिहासिक रूप से मजबूत रहे हैं, जो आपसी सम्मान, सांस्कृतिक जुड़ाव और लोगों के बीच गहरे संबंधों पर आधारित हैं। वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी के फिजी दौरे के बाद इन संबंधों को नई गति मिली थी। इसी दौरान फोरम फॉर इंडिया-पैसिफिक आइलैंड्स कोऑपरेशन की पहली बैठक भी आयोजित की गई थी, जिसने भारत और प्रशांत द्वीपीय देशों के बीच सहयोग को नई दिशा दी।

