उत्तर प्रदेश के चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय (सीएसए) में आयोजित स्वर्ण जयंती वर्ष के अवसर पर तीन दिवसीय कॉन्क्लेव में कृषि क्षेत्र को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं। प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि आधुनिक तकनीक और स्टार्टअप के माध्यम से गांवों की तस्वीर बदली जाएगी और किसानों को नई संभावनाओं से जोड़ा जाएगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ने बताया कि किसानों को सटीक मौसम जानकारी उपलब्ध कराने के लिए हर ग्राम पंचायत और विकास खंड स्तर पर मौसम उपकरण लगाए जाएंगे। इससे किसानों को समय पर मौसम पूर्वानुमान मिल सकेगा, जिससे फसल उत्पादन में सुधार होगा और नुकसान की आशंका कम होगी।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि युवाओं को कृषि आधारित उद्योगों की ओर आकर्षित करने के लिए सभी कृषि विश्वविद्यालयों में आईआईटी की तर्ज पर इन्क्यूबेशन सेंटर और कॉमन फैसिलिटी सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और स्टार्टअप शुरू करने के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
मंत्री ने बताया कि सरकार द्वारा दलहन और तिलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए चलाई गई योजनाओं का सकारात्मक असर देखने को मिला है। प्रदेश में तिलहन उत्पादन बढ़कर 35 लाख मीट्रिक टन और दलहन उत्पादन 30 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया है। उन्होंने किसानों से इन फसलों के क्षेत्रफल और उत्पादन को और बढ़ाने का आह्वान किया।
कॉन्क्लेव के दौरान कृषि और उद्यमिता से जुड़े कई नवाचारों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। प्रदर्शनी में केले के रेशों, अलसी, भांग और कमल जैसे प्राकृतिक स्रोतों से तैयार कपड़ों को प्रदर्शित किया गया, जो पर्यावरण के अनुकूल और त्वचा के लिए सुरक्षित बताए गए। इसके अलावा मूंगफली के छिलकों से तैयार प्राकृतिक डाई भी खास आकर्षण का केंद्र रही, जिसे कपड़ों पर उपयोग करने से रंग और निखरता है।
स्टार्टअप सेक्टर में भी युवाओं की भागीदारी उत्साहजनक रही। औरैया के एक उद्यमी द्वारा देसी गाय, गिर गाय और भैंस के दूध से तैयार शुद्ध घी का स्टार्टअप प्रस्तुत किया गया। इस उत्पाद को प्राकृतिक और उच्च गुणवत्ता वाला बताया गया, जिसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी उपलब्ध कराया जा रहा है और भविष्य में निर्यात की योजना है।
इस अवसर पर राज्य सरकार के अन्य प्रतिनिधियों ने भी युवाओं को रोजगार से जोड़ने और स्वरोजगार को बढ़ावा देने पर जोर दिया। जानकारी दी गई कि प्रदेश में लाखों युवाओं को विभिन्न योजनाओं के तहत ऋण देकर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। साथ ही, शैक्षणिक संस्थानों और उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए कई समझौते भी किए गए।
कार्यक्रम में कृषि मशीनरी, ड्रोन तकनीक, खाद्य प्रसंस्करण और लघु उद्योगों से जुड़े उत्पादों का प्रदर्शन भी किया गया, जिससे किसानों और युवाओं को नए अवसरों की जानकारी मिली।

