ग्रेन एथेनॉल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (GEMA) ने पेट्रोल (मोटर स्पिरिट) और संबंधित पेट्रोलियम उत्पादों पर उत्पाद शुल्क को तर्कसंगत बनाने के सरकार के हालिया फैसले का स्वागत किया है। संगठन का मानना है कि यह कदम देशभर के उपभोक्ताओं के लिए ईंधन कीमतों में स्थिरता बनाए रखने में मदद करेगा।
वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण जहां कई देशों में पेट्रोल के दाम बढ़ रहे हैं, वहीं भारत ने समय रहते नीति-निर्णय लेकर उपभोक्ताओं को अचानक महंगाई के झटकों से बचाने का प्रयास किया है। यह निर्णय आर्थिक स्थिरता और जनहित के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में अपनाई गई नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि इन कदमों से भारत अंतरराष्ट्रीय बाजार की अनिश्चितताओं से काफी हद तक सुरक्षित रह पाया है।
भारत का एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम (Ethanol Blending Programme) अब देश की ऊर्जा रणनीति का एक मजबूत आधार बन चुका है। इससे कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटाने, किसानों को अतिरिक्त आय देने, विदेशी मुद्रा की बचत करने और ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने में मदद मिली है। ई20 मिश्रण की सफलता इस बात का प्रमाण है कि एथेनॉल अब केवल पर्यावरणीय विकल्प नहीं, बल्कि एक आर्थिक सुरक्षा कवच भी बन चुका है।
एसोसिएशन के अनुसार, यह समय एथेनॉल मिश्रण को ई20 से आगे बढ़ाने के लिए निर्णायक कदम उठाने का है। मिश्रण स्तर बढ़ाने से देश की दीर्घकालिक ईंधन सुरक्षा मजबूत होगी, मक्का व अन्य अनाज जैसे कृषि उत्पादों की मांग बढ़ेगी और भविष्य में पेट्रोल की कीमतों को स्थिर रखने में मदद मिलेगी।
GEMA का कहना है कि मोटर स्पिरिट में एथेनॉल का हर अतिरिक्त प्रतिशत मिश्रण कच्चे तेल के आयात को कम करता है, किसानों की आय में सुधार लाता है और भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक ईंधन कीमतों के उतार-चढ़ाव से बचाता है।
एसोसिएशन ने विश्वास जताया कि सरकार के नेतृत्व में भारत स्वच्छ, किफायती और आत्मनिर्भर परिवहन ऊर्जा की दिशा में तेजी से आगे बढ़ता रहेगा।

