भारत में स्वास्थ्य क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग को नई गति देने के उद्देश्य से IndiaAI और Central Drugs Standard Control Organization (सीडीएससीओ) ने संयुक्त रूप से “सीडीएससीओ–इंडिया एआई हेल्थ इनोवेशन एक्सेलरेशन हैकाथॉन” की शुरुआत की है। यह पहल 2 अप्रैल 2026 को आधिकारिक रूप से लॉन्च की गई, जिसका उद्देश्य हेल्थकेयर रेगुलेटरी सिस्टम को अधिक स्मार्ट, तेज और सुरक्षित बनाना है। इस हैकाथॉन के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इच्छुक स्टार्टअप्स व कंपनियां 17 अप्रैल 2026 तक आवेदन कर सकती हैं।
यह हैकाथॉन Digital India Corporation के अंतर्गत संचालित इंडिया एआई एप्लीकेशन डेवलपमेंट इनिशिएटिव (IADI) का हिस्सा है, जिसका मकसद विभिन्न क्षेत्रों में एआई आधारित समाधान विकसित करना और उन्हें अपनाने को बढ़ावा देना है। स्वास्थ्य क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए इस पहल के जरिए ऐसे इनोवेटिव समाधान विकसित किए जाएंगे, जो रेगुलेटरी प्रक्रियाओं को आसान और प्रभावी बना सकें।
हैकाथॉन को दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। पहले चरण में प्रतिभागियों को ऐसे एआई टूल्स विकसित करने होंगे, जो डेटा को सुरक्षित रखते हुए उसे उपयोगी बना सकें। इसमें डेटा एनोनिमाइजेशन यानी संवेदनशील जानकारी को गोपनीय बनाना एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। इसके साथ ही, इंटेलिजेंट डॉक्यूमेंट समराइजेशन जैसे फीचर्स विकसित करने होंगे, जो SUGAM एप्लीकेशंस, गंभीर प्रतिकूल घटनाओं (SAE) की रिपोर्ट और विभिन्न बैठकों के दस्तावेजों से महत्वपूर्ण जानकारी निकालकर उसे व्यवस्थित रूप में प्रस्तुत कर सकें।
इसके अलावा, प्रतिभागियों के समाधान ऐसे होने चाहिए जो रेगुलेटरी फॉर्म में छूटे हुए डेटा की पहचान कर सकें, मामलों को उनकी गंभीरता के आधार पर वर्गीकृत कर सकें और दस्तावेजों के अलग-अलग संस्करणों के बीच हुए बदलावों को स्पष्ट रूप से दिखा सकें। यहां तक कि सिस्टम को असंरचित या हस्तलिखित नोट्स से स्वतः औपचारिक निरीक्षण रिपोर्ट तैयार करने में भी सक्षम होना चाहिए। यह सभी विशेषताएं हेल्थकेयर रेगुलेटरी सिस्टम को अधिक पारदर्शी और तेज बनाने में मदद करेंगी।
दूसरे चरण में चयनित टीमों को सीडीएससीओ के विशेष डेटासेट तक पहुंच प्रदान की जाएगी, ताकि वे अपने एआई मॉडल को और बेहतर बना सकें। साथ ही, उन्हें SUGAM और MD Online जैसे पोर्टलों के साथ अपने समाधान को एकीकृत करना होगा। इस चरण का उद्देश्य रेगुलेटरी मंजूरी की प्रक्रिया को तेज करना और हेल्थकेयर नवाचारों तक पहुंच को आसान बनाना है। अंत में प्रतिभागियों को अपने कार्य का विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट प्रस्तुत करना होगा।
पुरस्कारों की बात करें तो इस हैकाथॉन में प्रतिभागियों के लिए आकर्षक इनाम रखे गए हैं। पहले चरण में चयनित शीर्ष 10 टीमों को नई दिल्ली स्थित सीडीएससीओ कार्यालय में 5 दिन के विशेष ऑन-प्रिमाइसेस डेवलपमेंट राउंड में भाग लेने का अवसर मिलेगा। विजेता टीम को ₹10 लाख तक का नकद पुरस्कार दिया जाएगा, साथ ही उन्हें अपने समाधान को लागू करने के लिए ₹50 लाख तक का एक साल का कार्य अनुबंध भी मिल सकता है। इसके अलावा दूसरे और तीसरे स्थान पर रहने वाली टीमों को क्रमशः ₹7 लाख और ₹3 लाख तक के पुरस्कार दिए जाएंगे। खास बात यह है कि पूरी तरह महिला टीम के लिए ₹5 लाख तक का विशेष पुरस्कार भी निर्धारित किया गया है।
इच्छुक प्रतिभागी AIKosh पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। यह पहल भारत में डिजिटल हेल्थ और एआई आधारित नवाचार को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे न केवल स्टार्टअप्स और टेक कंपनियों को अवसर मिलेगा, बल्कि देश के हेल्थकेयर सिस्टम को भी अधिक सक्षम और आधुनिक बनाने में मदद मिलेगी।

