कृषि विज्ञान के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान और जलवायु–अनुकूल खेती को बढ़ावा देने के लिए आईसीएआर–भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (ICAR–IARI), नई दिल्ली के निदेशक एवं कुलपति डॉ. चेरेकूमल्ली श्रीनिवास राव को प्रतिष्ठित प्रो. एम. एस. स्वामीनाथन अवॉर्ड 2024–25 के लिए चुना गया है। यह सम्मान देश के उन प्रमुख कृषि वैज्ञानिकों को दिया जाता है जिन्होंने खाद्य सुरक्षा और कृषि विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई हो।
स्वामीनाथन अवॉर्ड: कृषि वैज्ञानिकों के लिए सर्वोच्च सम्मान में से एक
यह पुरस्कार वर्ष 2004–05 में स्थापित किया गया था और तब से यह कृषि वैज्ञानिकों के लिए एक अत्यंत प्रतिष्ठित मान्यता माना जाता है। इस वर्ष यह पुरस्कार विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह कृषि शास्त्री प्रो. एम. एस. स्वामीनाथन की जन्म शताब्दी के अवसर पर प्रदान किया जा रहा है। प्रो. स्वामीनाथन को देश में हरित क्रांति के जनक के रूप में जाना जाता है और उनका योगदान भारत की खाद्य सुरक्षा की रीढ़ माना जाता है।
पुरस्कार चयन समिति की अध्यक्षता पूर्व आईसीएआर महानिदेशक डॉ. त्रिलोचन मोहपात्रा ने की, जबकि समिति में डॉ. विजय गुप्ता और डॉ. सौम्या स्वामीनाथन शामिल रहे। समिति ने सर्वसम्मति से डॉ. राव को इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए चुना।
जलवायु–अनुकूल खेती को बढ़ावा देने में डॉ. राव का उल्लेखनीय योगदान
डॉ. च. श्रीनिवास राव पिछले कई वर्षों से नेचुरल रिसोर्स मैनेजमेंट, कंसर्वेशन एग्रीकल्चर, और क्लाइमेट–स्मार्ट खेती पर महत्वपूर्ण शोध और नीतिगत कार्य कर रहे हैं।
उनके नेतृत्व में—
- 4 मिलियन हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में संरक्षण कृषि तकनीकों को बड़े पैमाने पर अपनाया गया।
- कृषि–जिलों और गाँवों के लिए क्लाइमेट एडाप्टेशन प्लानिंग तैयार करने में केंद्रीय भूमिका निभाई।
- जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने के लिए खेती की वैज्ञानिक रणनीतियों को जमीनी स्तर पर लागू किया गया।
उनकी इन पहलों ने न केवल कृषि उत्पादन क्षमता बढ़ाने में सहायता की है बल्कि किसानों को जलवायु–संबंधी जोखिमों से बचाने के लिए सशक्त बनाया है। यही कारण है कि डॉ. राव को इस वर्ष स्वामीनाथन अवॉर्ड के लिए चुना गया है।
पुरस्कार में स्वर्ण पदक, प्रशस्ति-पत्र और दो लाख रुपये शामिल
प्रो. एम. एस. स्वामीनाथन अवॉर्ड में एक स्वर्ण पदक, सम्मान–पत्र, और ₹2 लाख की पुरस्कार राशि शामिल है। इस वर्ष का पुरस्कार 18 अप्रैल 2026 को एमसीआरएचआरडी संस्थान, हैदराबाद में आयोजित समारोह में प्रदान किया जाएगा। इस कार्यक्रम में पूर्व उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडू मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेंगे।
कृषि क्षेत्र में भारत की प्रगति की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि
डॉ. राव का यह सम्मान भारतीय कृषि प्रणाली में हो रहे परिवर्तन और नवाचारों का परिचायक है। जलवायु परिवर्तन आज वैश्विक चुनौती बन चुका है, और ऐसे समय में भारत के कृषि वैज्ञानिकों द्वारा विकसित की जा रही रणनीतियाँ और तकनीकें करोड़ों किसानों के भविष्य को सुरक्षित करने में निर्णायक भूमिका निभा रही हैं।
डॉ. राव को मिला यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत योगदान की सराहना है, बल्कि यह भारतीय कृषि वैज्ञानिक समुदाय के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। यह पुरस्कार यह संदेश देता है कि वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीकी नवाचार और सतत कृषि मॉडल भारत की खाद्य सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।
प्रो. एम. एस. स्वामीनाथन अवॉर्ड 2024–25 से सम्मानित किए जाने के साथ ही डॉ. राव ने देश में जलवायु–अनुकूल कृषि को अपनाने और इसे व्यापक स्तर पर लागू करने की दिशा में अपने अनुसंधान और नेतृत्व की नई पहचान स्थापित की है।

