आईसीएआर–भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (ICAR–IARI), नई दिल्ली में कृषि अनुसंधान को नई गति देने वाले दो अत्याधुनिक ढाँचों—“क्रॉप एक्सेलेरेटर” और “क्रॉप स्क्रीन (हाई-टेक ग्लास हाउस)”—का शिलान्यास आज सम्पन्न हुआ। ये अवसंरचनाएँ भारत में फसल सुधार, जलवायु–स्मार्ट कृषि अनुसंधान और उन्नत प्रजनन तकनीकों को नई दिशा देने वाली हैं।
शिलान्यास कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (DARE) के सचिव तथा आईसीएआर के महानिदेशक, डॉ. एम. एल. जात द्वारा किया गया। इस अवसर पर आईसीएआर के उप महानिदेशक (फसल विज्ञान), डॉ. डी. के. यादव, और आईसीएआर–आईएआरआई के निदेशक, डॉ. च. श्रीनिवास राव, विशेष रूप से उपस्थित रहे। संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक और तकनीकी स्टाफ भी समारोह में सम्मिलित हुए।
क्रॉप एक्सेलेरेटर: तेज़ गति से फसल विकास की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम
“क्रॉप एक्सेलेरेटर” सुविधा का उद्देश्य उन्नत पौध प्रजनन तकनीकों के माध्यम से फसल सुधार की प्रक्रिया को तेजी देना है। इससे—
- नई किस्मों के विकास की अवधि कम होगी,
- जीनोमिक चयन और फिनोटाइपिंग को मजबूत समर्थन मिलेगा,
- बदलते जलवायु परिदृश्य के अनुरूप अधिक सहनशील फसलें विकसित की जा सकेंगी।
क्रॉप स्क्रीन (हाई-टेक ग्लास हाउस): नियंत्रित परिस्थितियों में उन्नत शोध
यह हाई-टेक ग्लास हाउस अत्याधुनिक पर्यावरण नियंत्रण तकनीकों से सुसज्जित होगा। इसके माध्यम से:
- फसलों के विकास, प्रतिकूल मौसम सहनशीलता और रोग-कीट प्रतिक्रिया का सटीक अध्ययन संभव होगा,
- विभिन्न जलवायु परिदृश्यों की कृत्रिम परिस्थितियों में शोध कराया जा सकेगा,
- वैज्ञानिकों को उच्च गुणवत्ता वाले डेटा प्राप्त होंगे, जिससे फसल सुधार और तेज़ होगा।
नेतृत्वकर्ताओं के विचार
कार्यक्रम में डॉ. एम. एल. जात ने कहा कि ये सुविधाएँ भारत की कृषि अनुसंधान क्षमता को वैश्विक स्तर पर और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएंगी। उन्होंने बताया कि भविष्य की कृषि चुनौतियों, विशेषकर जलवायु परिवर्तन से निपटने में ये अवसंरचनाएँ महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगी।
डॉ. डी. के. यादव ने फसल विज्ञान अनुसंधान को मजबूती देने में इन परियोजनाओं की उपयोगिता पर प्रकाश डाला, जबकि डॉ. च. श्रीनिवास राव ने कहा कि आईएआरआई लगातार उच्च स्तरीय वैज्ञानिक अवसंरचना विकसित कर रहा है, जिससे देश की खाद्य सुरक्षा प्रणाली और मजबूत होगी।
भारत के कृषि अनुसंधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
इन दोनों सुविधाओं का निर्माण आईसीएआर–आईएआरआई को फसल सुधार, जलवायु–स्मार्ट कृषि और उच्च दक्षता वाली शोध प्रणालियों के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने में सक्षम बनाएगा। इससे वैज्ञानिक समुदाय को उन्नत शोध और नवाचार के लिए विश्व–स्तरीय मंच उपलब्ध होगा।
कार्यक्रम का समापन संस्थान द्वारा इन नई सुविधाओं को देश की कृषि उन्नति हेतु समर्पित करने के संकल्प के साथ हुआ।

