मध्यप्रदेश के रायसेन में आयोजित तीन दिवसीय उन्नत कृषि महोत्सव का भव्य शुभारंभ देश के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी में हुआ, जहां हजारों किसानों, वैज्ञानिकों और कृषि विशेषज्ञों ने एक साथ जुटकर खेती के भविष्य की नई दिशा तय करने की शुरुआत की। इस ऐतिहासिक आयोजन में रक्षा मंत्री Rajnath Singh, केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan और मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने किसानों को आधुनिक, लाभकारी और टिकाऊ खेती का संदेश दिया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि “किसान केवल अन्न ही नहीं उगाता, बल्कि पूरी अर्थव्यवस्था को खड़ा करता है।” उन्होंने किसानों के परिश्रम को देश की रीढ़ बताते हुए कहा कि खेती, उद्योग और सेवा—तीनों क्षेत्रों की जड़ें खेत से ही जुड़ी हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि अब किसानों को बिना किसी बिचौलिये के सीधे योजनाओं का लाभ मिल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रायसेन की धरती को “ज्ञान, विज्ञान, अनुसंधान और किसान का महासंगम” बताते हुए कहा कि यह आयोजन केवल एक मेला नहीं, बल्कि खेती की दिशा बदलने का ठोस प्रयास है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर इंटीग्रेटेड फार्मिंग अपनाएं। उन्होंने बताया कि यदि एक या दो एकड़ में भी फसल, पशुपालन, बागवानी और अन्य गतिविधियों को जोड़ा जाए, तो किसान सालाना दो लाख रुपये तक की आय प्राप्त कर सकते हैं।
श्री चौहान ने यह भी घोषणा की कि रायसेन, विदिशा, सीहोर और देवास जिलों को कृषि रोडमैप के तहत हॉर्टिकल्चर और दलहन हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए वैज्ञानिक आधार पर फसल चयन, बीज, तकनीक और बाजार से जुड़ाव की पूरी योजना तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि लागत घटाकर किसानों की आय को स्थिर और सुरक्षित बनाना है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने “सीमा पर जवान, खेत में किसान—दोनों का सम्मान बराबर” बताते हुए कहा कि यह आयोजन देश की सुरक्षा और समृद्धि के दो मजबूत स्तंभों को एक साथ जोड़ता है। उन्होंने राज्य सरकार की किसान-हितैषी नीतियों का जिक्र करते हुए बताया कि मध्यप्रदेश में सिंचाई, बिजली और समर्थन मूल्य जैसी सुविधाओं में लगातार सुधार हुआ है, जिससे किसान मजबूत हुए हैं।
महोत्सव की सबसे खास बात इसका तकनीकी और व्यावहारिक स्वरूप है। यहां किसानों के लिए कॉर्न कटर, ड्रोन, माइक्रो इरिगेशन सिस्टम, सोलर पंप और आधुनिक कृषि यंत्रों का लाइव प्रदर्शन किया गया। साथ ही पशुपालन, मत्स्य पालन और बागवानी से जुड़े आधुनिक मॉडल भी प्रस्तुत किए गए, जिससे किसान नई तकनीकों को समझ सकें और अपनाने के लिए प्रेरित हों।
इस आयोजन को ‘वन-स्टॉप समाधान’ के रूप में तैयार किया गया है, जहां वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज, मृदा स्वास्थ्य, फसल प्रबंधन और बाजार से जुड़ाव जैसे विषयों पर 20 से अधिक तकनीकी सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। करीब 4000 किसानों ने इन सत्रों के लिए पंजीकरण कराया है, जहां विशेषज्ञ सीधे संवाद के माध्यम से उनकी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं।
सरकार द्वारा लॉन्च किया गया मृदा/eFARM मोबाइल ऐप भी किसानों के लिए एक बड़ा कदम है, जिससे वे अपने खेत की मिट्टी की जांच और उर्वरक प्रबंधन की जानकारी मोबाइल पर ही प्राप्त कर सकते हैं। इससे अनावश्यक लागत कम होगी और उत्पादन में सुधार होगा।
कुल मिलाकर, रायसेन का यह उन्नत कृषि महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि आधुनिक, वैज्ञानिक और टिकाऊ खेती की दिशा में एक बड़ा आंदोलन बनकर उभर रहा है, जो आने वाले समय में किसानों की आय और देश की कृषि अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में अहम भूमिका निभाएगा।

