भारत की कृषि व्यवस्था लंबे समय से देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ रही है, लेकिन पारंपरिक मंडी प्रणाली में कई सीमाएं थीं—जैसे सीमित बाजार पहुंच, पारदर्शिता की कमी और राज्य-स्तरीय प्रतिबंध। इन्हीं चुनौतियों को दूर करने के लिए सरकार ने वर्ष 2016 में National Agriculture Market (e-NAM) की शुरुआत की, जिसने कृषि व्यापार को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाकर एक बड़ा परिवर्तन किया है।
23 राज्यों में 1,656 मंडियों का एकीकरण
मार्च 2026 तक e-NAM प्लेटफॉर्म से देश के 23 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों की 1,656 मंडियों को जोड़ा जा चुका है। यह “एक राष्ट्र, एक बाजार” की दिशा में एक ठोस कदम है, जिससे किसानों को पूरे देश के खरीदारों तक सीधी पहुंच मिल रही है।
इसके साथ ही, इस प्लेटफॉर्म पर:
- 1.80 करोड़ से अधिक किसान
- 2.73 लाख व्यापारी
- 4,724 किसान उत्पादक संगठन (FPOs)
पंजीकृत हो चुके हैं, जो इसकी व्यापक स्वीकार्यता और उपयोगिता को दर्शाता है।
4.84 लाख करोड़ का व्यापार, बढ़ती डिजिटल ताकत
e-NAM के जरिए वर्ष 2016 से मार्च 2026 तक 13.25 करोड़ मीट्रिक टन कृषि उपज का व्यापार हुआ है, जिसका कुल मूल्य 4.84 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
विशेष बात यह है कि केवल दो वर्षों में व्यापार मूल्य 3.19 लाख करोड़ (2024) से बढ़कर 4.84 लाख करोड़ (2026) हो गया, जो इस प्लेटफॉर्म की तेजी से बढ़ती लोकप्रियता और प्रभाव को दर्शाता है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से पारदर्शी और आसान व्यापार
e-NAM एक पूर्ण डिजिटल इकोसिस्टम प्रदान करता है, जिसमें शामिल हैं:
- ऑनलाइन बोली (e-Bidding)
- गुणवत्ता परीक्षण (Quality Assaying)
- रियल-टाइम मूल्य जानकारी
- सीधे बैंक खाते में भुगतान
इससे किसानों को अपनी फसल का सही मूल्य मिलता है और बिचौलियों पर निर्भरता कम होती है।
मोबाइल ऐप से किसानों के हाथ में बाजार
e-NAM मोबाइल ऐप के जरिए किसान कहीं से भी बाजार की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और व्यापार में भाग ले सकते हैं।
इस ऐप में 247 कृषि वस्तुओं के लिए मूल्य सूचना उपलब्ध है, जिससे किसान बेहतर निर्णय ले सकते हैं और सही समय पर अपनी उपज बेच सकते हैं।
प्लेटफॉर्म ऑफ प्लेटफॉर्म्स (PoP): सेवाओं का एकीकरण
e-NAM का एक महत्वपूर्ण विस्तार “Platform of Platforms (PoP)” है, जो किसानों को एक ही प्लेटफॉर्म पर कई सेवाएं उपलब्ध कराता है, जैसे:
- लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग
- ग्रेडिंग और पैकेजिंग
- कृषि इनपुट
- बीमा और वित्तीय सेवाएं
- मौसम और फसल सलाह
इससे कृषि मूल्य श्रृंखला को एकीकृत और मजबूत बनाया जा रहा है।
e-NWR के साथ भंडारण और व्यापार का एकीकरण
e-NAM को Electronic Negotiable Warehouse Receipt प्रणाली के साथ जोड़ा गया है, जिससे किसान अपनी उपज को गोदाम में सुरक्षित रखकर डिजिटल रसीद के आधार पर बेच सकते हैं।
इसके फायदे:
- तुरंत बिक्री का दबाव कम
- बेहतर कीमत मिलने का मौका
- बैंक से ऋण लेने में सुविधा
- परिवहन लागत में कमी
किसानों के लिए पारदर्शी भुगतान प्रणाली
e-NAM में डिजिटल भुगतान की सुविधा (NEFT, RTGS, UPI आदि) उपलब्ध है, जिससे किसानों को सीधे उनके बैंक खाते में भुगतान मिलता है। इससे लेन-देन सुरक्षित और तेज हो गया है और वित्तीय समावेशन को भी बढ़ावा मिला है।
12 भाषाओं में उपलब्ध प्लेटफॉर्म
यह प्लेटफॉर्म 12 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे देश के विभिन्न क्षेत्रों के किसान आसानी से इसका उपयोग कर सकते हैं। यह डिजिटल समावेशन का एक बड़ा उदाहरण है।
किसानों के लिए हेल्पलाइन और सहायता
e-NAM के तहत किसानों को टोल-फ्री हेल्पलाइन और ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली भी उपलब्ध है, जिससे तकनीकी और व्यापार से जुड़ी समस्याओं का समाधान तुरंत किया जा सकता है।
National Agriculture Market (e-NAM) भारत के कृषि क्षेत्र में डिजिटल क्रांति का एक मजबूत स्तंभ बनकर उभरा है। यह न केवल किसानों को बेहतर बाजार और मूल्य प्रदान कर रहा है, बल्कि पूरे कृषि विपणन तंत्र को अधिक पारदर्शी, कुशल और समावेशी बना रहा है।
जैसे-जैसे यह प्लेटफॉर्म आगे बढ़ेगा, यह भारत को एक एकीकृत कृषि बाजार बनाने और किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा।

