देश के कृषि क्षेत्र को अधिक आधुनिक, टिकाऊ और लाभकारी बनाने के उद्देश्य से “उन्नत कृषि संकल्प 2026” कार्यक्रम के तहत एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस कार्यक्रम का आयोजन Indian Council of Agricultural Research और Ministry of Agriculture & Farmers Welfare के सहयोग से किया गया, जिसमें कृषि क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने किसानों के विकास और कृषि क्षेत्र में नवाचार को लेकर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि भारत को कृषि के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए नई तकनीकों और वैज्ञानिक तरीकों को अपनाना बेहद जरूरी है।
बैठक में सबसे अधिक जोर उन्नत बीजों के चयन पर दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि बेहतर गुणवत्ता वाले और जलवायु के अनुकूल बीजों का चयन करने से फसल उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। किसानों को प्रमाणित बीजों का उपयोग करने और नई किस्मों के बारे में जानकारी लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
इसके साथ ही सिंचाई में आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर भी विशेष चर्चा हुई। कार्यक्रम में यह बताया गया कि टपक सिंचाई (ड्रिप इरिगेशन) और स्प्रिंकलर जैसी प्रणालियां न केवल पानी की बचत करती हैं, बल्कि फसल की उत्पादकता भी बढ़ाती हैं। जल संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इन तकनीकों को अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने की जरूरत बताई गई।
जैविक खेती को लेकर भी कार्यक्रम में गंभीर मंथन हुआ। विशेषज्ञों ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की उर्वरता कम हो रही है और इसका असर मानव स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। ऐसे में जैविक खेती को बढ़ावा देना समय की मांग है। किसानों को गोबर खाद, वर्मी कम्पोस्ट और जैव उर्वरकों के उपयोग के लिए जागरूक करने पर बल दिया गया।
इसके अलावा, डिजिटल कृषि और स्मार्ट तकनीकों के उपयोग पर भी चर्चा हुई। मौसम की सटीक जानकारी, मोबाइल ऐप्स और आधुनिक कृषि उपकरणों के माध्यम से किसान बेहतर निर्णय ले सकते हैं और अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं।
कार्यक्रम में यह भी स्पष्ट किया गया कि सरकार किसानों के हित में कई योजनाएं चला रही है, जिनका लाभ उठाकर किसान अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ा सकते हैं। प्रशिक्षण और जागरूकता अभियानों के माध्यम से किसानों को नई तकनीकों से जोड़ने का प्रयास लगातार किया जा रहा है।
अंत में, यह निष्कर्ष निकाला गया कि यदि किसान सही बीज चयन, आधुनिक सिंचाई तकनीकों और जैविक खेती को अपनाते हैं, तो कृषि क्षेत्र में न केवल उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि यह क्षेत्र अधिक टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल भी बनेगा। “उन्नत कृषि संकल्प 2026” इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

