गोरखपुर के सहजनवा क्षेत्र के सेवई गांव में आखिरकार किसानों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हो गई है। साधन सहकारी समिति सेवई को गेहूं क्रय केंद्र का दर्जा मिलने के बाद क्षेत्र के किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई है। इस फैसले से अब किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा और उन्हें उचित मूल्य भी मिल सकेगा।
दरअसल, इस वर्ष सेवई, भौवापार और महावीर छपरा की सहकारी समितियों को गेहूं क्रय केंद्र का दर्जा नहीं मिला था, जिससे किसानों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। कई किसानों को अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए मजबूरी में गेहूं व्यापारियों को कम कीमत पर बेचना पड़ रहा था। इससे उनमें नाराजगी भी बढ़ रही थी।
किसानों की इस समस्या को स्थानीय स्तर पर उठाया गया और जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ किसानों ने शासन-प्रशासन को पत्र लिखकर क्रय केंद्र स्थापित करने की मांग की। मामले के गंभीरता से सामने आने के बाद प्रशासन ने इस पर संज्ञान लिया और साधन सहकारी समिति सेवई को गेहूं क्रय केंद्र के रूप में अधिसूचित कर दिया।
इस निर्णय के बाद किसानों को अब अपनी फसल बेचने में बड़ी राहत मिलेगी। स्थानीय किसानों का कहना है कि हर साल समय पर क्रय केंद्र बन जाने से उन्हें आसानी होती थी, लेकिन इस बार देरी के कारण काफी दिक्कत हुई। अब केंद्र शुरू होने से उन्हें उचित मूल्य मिलने के साथ-साथ समय और परिवहन खर्च में भी बचत होगी।
कुल मिलाकर, सेवई में गेहूं क्रय केंद्र की स्थापना से किसानों की बड़ी समस्या का समाधान हुआ है और इससे क्षेत्रीय कृषि व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

