National Backward Classes Finance and Development Corporation ने वित्त वर्ष 2025-26 में अपने अब तक के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। Ministry of Social Justice and Empowerment के अधीन कार्यरत इस निगम ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के उत्थान के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से व्यापक स्तर पर लाभ पहुंचाया।
वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान एनबीसीएफडीसी ने 613.75 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड ऋण वितरण किया, जिससे देशभर के 61,621 लाभार्थियों को सीधा फायदा मिला। यह पिछले वित्त वर्ष की तुलना में लगभग 16 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। उल्लेखनीय है कि निगम ने शत-प्रतिशत भौगोलिक कवरेज सुनिश्चित करते हुए उपलब्ध निधियों का लगभग 99 प्रतिशत उपयोग किया।
वंचित वर्गों तक रियायती ऋण की पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘वीआईएसवीएएस ब्याज अनुदान योजना’ के तहत भी निगम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इस योजना में 35.20 करोड़ रुपये की अनुदान राशि का पूर्ण उपयोग करते हुए कुल 2,720 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए गए, जिससे 1,92,650 लाभार्थियों को लाभ मिला। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सस्ती दरों पर वित्तीय सहायता प्रदान करने में अहम भूमिका निभा रही है।
शिक्षा के क्षेत्र में भी निगम की भूमिका सराहनीय रही। ‘राष्ट्रीय ओबीसी फेलोशिप’ के अंतर्गत 123.33 करोड़ रुपये की राशि वितरित कर 2,505 छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए सहायता प्रदान की गई। इससे ओबीसी वर्ग के छात्रों को बेहतर शैक्षणिक अवसर मिल रहे हैं और उनके भविष्य को नई दिशा मिल रही है।
इसके साथ ही, गैर-अधिसूचित, खानाबदोश और अर्ध-खानाबदोश जनजातियों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए संचालित ‘एसईईडी’ योजना के अंतर्गत 19.20 करोड़ रुपये की सहायता दी गई। इस पहल के माध्यम से 2,373 स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) और 28,476 लाभार्थियों को आजीविका के अवसर उपलब्ध कराए गए, जिससे ग्रामीण और वंचित समुदायों की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ।
कौशल विकास के क्षेत्र में ‘पीएम-दक्ष’ योजना के तहत 45.34 करोड़ रुपये की अनुदान राशि का लगभग पूर्ण उपयोग किया गया, जिससे प्रशिक्षण और रोजगार से जुड़ी गतिविधियों को गति मिली। इसके अलावा, निगम ने जनसंपर्क गतिविधियों के तहत भुवनेश्वर और अहमदाबाद में ‘शिल्प मेला’ आयोजित कर कारीगरों और उद्यमियों को मंच प्रदान किया।
एनबीसीएफडीसी ने प्रशासनिक और आयोजन स्तर पर भी सक्रिय भूमिका निभाई। देहरादून में आयोजित ‘चिंतन शिविर’ (7-8 अप्रैल 2025) के सफल आयोजन में निगम ने महत्वपूर्ण रसद सहयोग प्रदान किया।
विशेषज्ञों का मानना है कि एनबीसीएफडीसी का यह प्रदर्शन न केवल ओबीसी समुदाय के आर्थिक सशक्तिकरण को गति देगा, बल्कि देश के समावेशी विकास के लक्ष्य को भी मजबूत करेगा। निगम की विभिन्न योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और भागीदार संस्थानों के साथ समन्वय भविष्य में और बेहतर परिणाम देने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।

