राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में दुग्धशाला विकास विभाग की स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर 17 और 18 अप्रैल को “दुग्ध स्वर्ण महोत्सव-2026” का भव्य आयोजन किया जा रहा है। दो दिवसीय यह कार्यक्रम इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के मार्स हॉल में आयोजित होगा, जिसमें प्रदेशभर से करीब 10 हजार पशुपालक, दुग्ध उत्पादक और निवेशक हिस्सा लेंगे। इस आयोजन को डेयरी सेक्टर के लिए एक बड़े मंच के रूप में देखा जा रहा है, जहां विकास, निवेश और तकनीकी नवाचार पर व्यापक चर्चा होगी।
उत्तर प्रदेश की दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि महोत्सव के दौरान विभिन्न योजनाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पशुपालकों और निवेशकों को सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही डेयरी क्षेत्र में नए अवसरों और संभावनाओं पर भी विस्तार से विचार-विमर्श होगा। कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल पशुपालकों को प्रोत्साहित करना है, बल्कि इस क्षेत्र में निवेश को भी बढ़ावा देना है।
महोत्सव में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए विषय विशेषज्ञ नवीनतम तकनीकों और डेयरी प्रबंधन से जुड़ी अहम जानकारियां साझा करेंगे। इसके अलावा, कार्यक्रम में स्वदेशी व्यंजनों का फूड कोर्ट भी लगाया जाएगा, जो स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक खानपान को बढ़ावा देगा। डेयरी क्षेत्र में निवेश को सरल बनाने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम के तहत निवेशकों के साथ एमओयू (समझौता ज्ञापन) भी किया जाएगा।
इस कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी शामिल होंगे। कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह, जो दुग्ध विकास, पशुधन एवं राजनीतिक पेंशन विभाग संभाल रहे हैं, इस आयोजन में मौजूद रहेंगे। साथ ही अपर मुख्य सचिव (पशुधन, मत्स्य एवं दुग्ध विकास) मुकेश कुमार मेश्राम की भी उपस्थिति रहेगी।
दुग्ध स्वर्ण महोत्सव की खास बात यह है कि इसमें केवल प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश-विदेश के लाखों गौ पालकों और निवेशकों को ऑनलाइन माध्यम से जोड़ा जाएगा। इससे यह आयोजन एक वैश्विक प्लेटफॉर्म का रूप ले लेगा। कार्यक्रम के दौरान निजी क्षेत्र के निवेशक अपने स्टॉल और कियोस्क के माध्यम से दुग्ध उत्पादों और नवीन तकनीकों का प्रदर्शन करेंगे।
कार्यक्रम के पहले सत्र में गौ पूजन, प्रदर्शनी का उद्घाटन, प्रगतिशील गौपालकों और निवेशकों की सफलता की कहानियों की पुस्तिका का विमोचन किया जाएगा। साथ ही नंद बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत विजेताओं को डीबीटी के जरिए पुरस्कार राशि वितरित की जाएगी। इसके अलावा गोशाला प्रबंधन और गोबर गैस के महत्व पर भी प्रस्तुतिकरण होगा।
दूसरे सत्र में दुग्ध विज्ञान से जुड़े विशेषज्ञ, शिक्षाविद और नीति लाभार्थी अपने अनुभव साझा करेंगे। इस दौरान स्वदेशी नस्ल के गौ पालन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और डेयरी सेक्टर में आत्मनिर्भरता पर भी जोर दिया जाएगा।
कुल मिलाकर, दुग्ध स्वर्ण महोत्सव-2026 न केवल डेयरी क्षेत्र की उपलब्धियों का उत्सव है, बल्कि भविष्य की संभावनाओं को दिशा देने वाला एक महत्वपूर्ण मंच भी साबित होगा।

