सूरत, जो अपनी चमक-दमक और तेज़ रफ्तार व्यापार के लिए जाना जाता है, अब मिलावटखोरों के लिए सुरक्षित ठिकाना बनता जा रहा है। शहर में चल रहे ‘ऑपरेशन शुद्धि’ के तहत स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने एक बड़े नकली घी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह कार्रवाई सचिन GIDC इलाके में की गई, जहां ‘सबका फूड्स’ नाम से एक फैक्ट्री में शुद्ध देशी गाय के घी के नाम पर खतरनाक मिलावटी घी तैयार किया जा रहा था।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने फैक्ट्री से लाखों रुपये का नकली घी, भारी मात्रा में मशीनरी और करीब 35 लाख 81 हजार रुपये नकद बरामद किए। यह खुलासा न केवल चौंकाने वाला है, बल्कि आम लोगों की सेहत के लिए भी गंभीर खतरे की घंटी है।
जांच में सामने आया कि इस नकली घी को ‘विदुर’ ब्रांड के नाम से बाजार में बेचा जा रहा था। आरोपी बेहद चालाकी से इस अवैध कारोबार को चला रहे थे। गिरोह के मुख्य सरगना भरत पोलरा और अमीन वधवानिया बताए जा रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, भरत पोलरा पिछले दो वर्षों से इस फैक्ट्री को संचालित कर रहा था और ग्राहकों की मांग के अनुसार नकली घी तैयार किया जाता था।
इस गिरोह का नेटवर्क सिर्फ सूरत तक सीमित नहीं था, बल्कि गुजरात के कई जिलों और अन्य राज्यों तक फैला हुआ था। आरोपी व्यापारियों को उनकी जरूरत और बजट के हिसाब से ‘क्वालिटी’ का नकली घी उपलब्ध कराते थे। अगर किसी ग्राहक को ‘प्रीमियम क्वालिटी’ चाहिए होती, तो उसमें थोड़ी मात्रा में असली घी मिलाया जाता था। वहीं सस्ते विकल्प के लिए ताड़ के तेल और वनस्पति का मिश्रण तैयार कर दिया जाता था, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि एक किलो असली घी से लगभग 15 किलो तक नकली घी तैयार किया जा रहा था। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह कारोबार कितना मुनाफेदार और संगठित तरीके से चलाया जा रहा था।
SOG के डीसीपी राजदीप सिंह नकुम ने बताया कि ‘ऑपरेशन शुद्धि’ के तहत नकली खाद्य पदार्थ बनाने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी, जिसके आधार पर यह छापेमारी की गई। रेड के दौरान 2000 किलो से अधिक नकली घी बरामद किया गया, जिसकी कीमत लगभग 15 लाख रुपये आंकी गई है।
पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और इससे जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। साथ ही, यह भी पता लगाया जा रहा है कि यह नकली घी किन-किन बाजारों में सप्लाई किया जा रहा था।
इस घटना ने एक बार फिर खाद्य सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आम लोगों के लिए जरूरी है कि वे खाद्य सामग्री खरीदते समय सतर्क रहें और केवल भरोसेमंद ब्रांड्स का ही चयन करें। प्रशासन भी ऐसे मामलों में सख्ती बरतते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात कह रहा है।

