• About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Fasal Kranti Agriculture News
Advertisement
  • Home
  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes
  • Animal Husbandry
  • Login
No Result
View All Result
  • Home
  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes
  • Animal Husbandry
No Result
View All Result
Fasal Kranti Agriculture News
No Result
View All Result
Home योजना

SMAM Scheme: किसानों के लिए आधुनिक खेती का बड़ा सहारा

SMAM Scheme: A major support for farmers in modern farming

Fiza by Fiza
May 19, 2026
in योजना
0
SMAM Scheme

SMAM Scheme

0
SHARES
3
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

भारत में खेती लगातार बदल रही है। पहले जहां खेती पूरी तरह मजदूरों और पारंपरिक औजारों पर निर्भर थी, वहीं अब आधुनिक मशीनों ने खेती को तेज, आसान और ज्यादा लाभकारी बना दिया है। इसी बदलाव को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने कृषि यंत्रीकरण उप-मिशन (Sub-Mission on Agricultural Mechanization – SMAM) की शुरुआत की। इस योजना का उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों तक आधुनिक कृषि मशीनों की पहुंच बढ़ाना है ताकि खेती की लागत कम हो और उत्पादन बढ़ सके।

आज ट्रैक्टर, रीपर, हैप्पी सीडर, ड्रोन, पावर टिलर, रोटावेटर और अन्य आधुनिक उपकरण खेती का हिस्सा बन चुके हैं। लेकिन इन मशीनों की कीमत अधिक होने के कारण छोटे किसान इन्हें खरीद नहीं पाते। ऐसे किसानों के लिए SMAM योजना बड़ी राहत बनकर सामने आई है।

क्या है कृषि यंत्रीकरण उप-मिशन (SMAM)?

कृषि यंत्रीकरण उप-मिशन यानी SMAM केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है जिसे वर्ष 2014-15 में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य खेती में मशीनों के उपयोग को बढ़ाना और किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना है।

इस योजना के तहत किसानों को कृषि मशीनें खरीदने पर सब्सिडी दी जाती है। साथ ही गांव स्तर पर Custom Hiring Centres (CHC) और Farm Machinery Banks बनाए जाते हैं, जहां किसान किराये पर मशीनें ले सकते हैं।

SMAM Scheme शुरू करने की जरूरत क्यों पड़ी?

भारत में ज्यादातर किसान छोटे और सीमांत वर्ग से आते हैं। ऐसे किसानों के पास कम जमीन होती है और महंगी मशीनें खरीदना आसान नहीं होता। दूसरी तरफ खेती में मजदूरों की कमी और बढ़ती लागत किसानों की परेशानी बढ़ा रही थी।

इन समस्याओं को देखते हुए सरकार ने SMAM योजना शुरू की ताकि:

  • खेती की लागत कम हो
  • समय पर बुवाई और कटाई हो
  • उत्पादन बढ़े
  • मजदूरों पर निर्भरता कम हो
  • छोटे किसानों को भी आधुनिक तकनीक मिले

SMAM योजना के मुख्य उद्देश्य

छोटे किसानों तक मशीनों की पहुंच बढ़ाना

योजना का सबसे बड़ा उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण उपलब्ध कराना है।

Custom Hiring Centres को बढ़ावा

हर किसान मशीन नहीं खरीद सकता। इसलिए गांवों में ऐसे केंद्र बनाए जाते हैं जहां मशीनें किराये पर मिलती हैं।

कृषि में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा

सरकार ड्रोन, स्मार्ट मशीनें और हाईटेक उपकरणों के उपयोग को बढ़ावा दे रही है।

खेती को आसान और तेज बनाना

मशीनों के उपयोग से खेती का काम कम समय में पूरा हो जाता है।

किन मशीनों पर मिलती है सब्सिडी?

SMAM योजना के तहत कई तरह की कृषि मशीनों पर सहायता मिलती है, जैसे:

  • ट्रैक्टर
  • पावर टिलर
  • सीड ड्रिल
  • हैप्पी सीडर
  • रीपर
  • थ्रेशर
  • रोटावेटर
  • ड्रोन
  • मल्चर
  • स्प्रे मशीन
  • प्लांटर
  • हार्वेस्टर
  • पंप सेट

किसानों को कितनी सब्सिडी मिलती है?

योजना के तहत सामान्य किसानों को कृषि मशीनों पर लगभग 40% तक सब्सिडी दी जाती है। वहीं SC/ST, महिला किसान और छोटे किसानों को 50% या उससे अधिक सहायता मिल सकती है। कई उत्तर-पूर्वी राज्यों में यह सहायता अधिक होती है।

Custom Hiring Centre क्या है?

Custom Hiring Centre यानी CHC ऐसे केंद्र होते हैं जहां खेती की मशीनें किराये पर मिलती हैं। जिन किसानों के पास मशीन खरीदने की क्षमता नहीं होती, वे यहां से कम कीमत पर मशीन लेकर खेती कर सकते हैं।

इससे किसानों को कई फायदे होते हैं:

  • मशीन खरीदने का खर्च नहीं
  • समय पर खेती
  • मजदूरी खर्च कम
  • आधुनिक तकनीक का उपयोग

पिछले 5 सालों में किसानों को कितना फायदा मिला?

सरकार के अनुसार SMAM योजना के तहत लाखों किसानों को कृषि मशीनों का लाभ मिला है। 2014-15 से लेकर अब तक हजारों करोड़ रुपये राज्यों को जारी किए गए हैं।

योजना के तहत:

  • 13 लाख से अधिक कृषि मशीनें वितरित की गईं
  • 27 हजार से ज्यादा Custom Hiring Centres बनाए गए
  • किसानों को सीधे DBT के जरिए सब्सिडी दी गई
  • कई राज्यों में मशीन आधारित खेती तेजी से बढ़ी

2025 में भी सरकार ने आधुनिक कृषि तकनीक, ड्रोन और फार्म मशीनरी को बढ़ावा देने के लिए SMAM के तहत सहायता जारी रखी।

किन राज्यों के किसान योजना का लाभ उठा सकते हैं?

SMAM योजना लगभग पूरे भारत में लागू है। सभी राज्य सरकारें अपने कृषि विभाग के माध्यम से इसे लागू करती हैं।

इन राज्यों के किसान विशेष रूप से लाभ उठा रहे हैं:

  • उत्तर प्रदेश
  • बिहार
  • मध्य प्रदेश
  • राजस्थान
  • पंजाब
  • हरियाणा
  • महाराष्ट्र
  • गुजरात
  • ओडिशा
  • पश्चिम बंगाल
  • असम
  • उत्तराखंड
  • छत्तीसगढ़
  • झारखंड
  • तमिलनाडु

उत्तर-पूर्वी राज्यों और पहाड़ी क्षेत्रों में विशेष सहायता दी जाती है।

किसान योजना का फायदा कैसे उठाएं?

किसान अपने राज्य के कृषि विभाग की वेबसाइट या CSC केंद्र के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन की प्रक्रिया

  1. राज्य कृषि विभाग की वेबसाइट पर जाएं
  2. कृषि यंत्रीकरण योजना चुनें
  3. किसान पंजीकरण करें
  4. मशीन का चयन करें
  5. दस्तावेज अपलोड करें
  6. आवेदन जमा करें
  7. स्वीकृति मिलने के बाद मशीन खरीदें
  8. सब्सिडी DBT के माध्यम से खाते में आती है

योजना के लिए जरूरी दस्तावेज

SMAM योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को कुछ जरूरी दस्तावेज देने होते हैं:

  • आधार कार्ड
  • बैंक पासबुक
  • भूमि रिकॉर्ड / खतौनी
  • मोबाइल नंबर
  • पासपोर्ट फोटो
  • जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
  • किसान पंजीकरण संख्या
  • निवास प्रमाण पत्र

महिला किसानों को भी मिल रहा बड़ा लाभ

सरकार महिला किसानों को कृषि मशीनों से जोड़ने पर विशेष ध्यान दे रही है। महिला किसानों को कई राज्यों में अतिरिक्त सब्सिडी भी दी जाती है।

महिला स्वयं सहायता समूहों को ड्रोन और कृषि मशीनें उपलब्ध कराई जा रही हैं ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ सके।

ड्रोन तकनीक और SMAM

अब खेती में ड्रोन का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। ड्रोन से:

  • कीटनाशक छिड़काव
  • फसल निगरानी
  • पोषक तत्वों का छिड़काव
  • समय और लागत की बचत

सरकार SMAM के तहत ड्रोन खरीदने और ड्रोन CHC स्थापित करने पर भी सहायता दे रही है।

पराली प्रबंधन में भी मददगार

SMAM योजना ने पराली जलाने की समस्या कम करने में भी मदद की है। सरकार ने पंजाब, हरियाणा, यूपी और दिल्ली NCR क्षेत्रों में Happy Seeder और Mulcher जैसी मशीनों पर विशेष सहायता दी।

FARMS App क्या है?

सरकार ने FARMS App भी शुरू किया है। यह मोबाइल ऐप किसानों को आसपास के Custom Hiring Centres से जोड़ता है। किसान ऐप के जरिए मशीन किराये पर बुक कर सकते हैं।

खेती में मशीनों से क्या बदलाव आया?

उत्पादन बढ़ा

मशीनों के कारण खेती का काम समय पर होने लगा जिससे पैदावार में सुधार हुआ।

लागत कम हुई

मजदूरी खर्च कम हुआ और समय की बचत हुई।

युवाओं की रुचि बढ़ी

आधुनिक मशीनों और ड्रोन तकनीक से युवा खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

खेती बनी स्मार्ट

अब किसान मोबाइल ऐप, सेंसर और ड्रोन का उपयोग कर रहे हैं।

किसानों के सामने अभी भी क्या चुनौतियां हैं?

हालांकि योजना सफल रही है लेकिन कुछ चुनौतियां अभी भी मौजूद हैं:

  • कई गांवों में जानकारी की कमी
  • मशीनों की ऊंची कीमत
  • छोटे किसानों की कम पहुंच
  • तकनीकी प्रशिक्षण की कमी
  • समय पर सब्सिडी न मिलना

सरकार आगे क्या कर रही है?

सरकार अब डिजिटल कृषि और स्मार्ट फार्मिंग पर जोर दे रही है। आने वाले समय में:

  • AI आधारित खेती
  • ड्रोन तकनीक
  • सेंसर आधारित सिंचाई
  • स्मार्ट मशीनें
  • साझा मशीन बैंक

जैसी तकनीकों को और बढ़ावा मिलेगा।

निष्कर्ष

कृषि यंत्रीकरण उप-मिशन यानी SMAM भारतीय खेती को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित हुआ है। इस योजना ने छोटे किसानों को आधुनिक मशीनों से जोड़कर खेती को आसान और लाभकारी बनाने में मदद की है। आज किसान मशीनों की मदद से कम समय और कम लागत में ज्यादा उत्पादन कर पा रहे हैं।

अगर किसान सही जानकारी लेकर योजना का लाभ उठाएं, तो उनकी आय बढ़ सकती है और खेती ज्यादा टिकाऊ बन सकती है। आने वाले समय में आधुनिक मशीनें और डिजिटल तकनीक भारतीय कृषि की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती हैं।

Tags: Agricultural Machinery Subsidy IndiaAgricultural Mechanization Scheme IndiaAgricultural Technology SchemeAgriculture Equipment SubsidyAgriculture Ministry SchemeAgriculture News IndiaCustom Hiring CentreFarm Equipment SubsidyFarm Machinery BankFarm Machinery SubsidyFarmer Subsidy Scheme IndiaFarming Mechanization IndiaGovernment Agriculture SchemeKisan Drone SchemeModern Farming TechnologySMAM Registration ProcessSMAM SchemeSmart Farming IndiaSub Mission on Agricultural MechanizationTractor Subsidy Scheme
Previous Post

seed village scheme: किसानों को गांव में ही मिलेगा अच्छा बीज, बढ़ेगी पैदावार और कम होगी लागत

Next Post

शिवराज सिंह चौहान का बड़ा ऐलान, पीएम मोदी की “रिफॉर्म एक्सप्रेस” से कृषि क्षेत्र में आएंगे बड़े बदलाव

Next Post
शिवराज सिंह चौहान का बड़ा ऐलान, पीएम मोदी की “रिफॉर्म एक्सप्रेस” से कृषि क्षेत्र में आएंगे बड़े बदलाव

शिवराज सिंह चौहान का बड़ा ऐलान, पीएम मोदी की “रिफॉर्म एक्सप्रेस” से कृषि क्षेत्र में आएंगे बड़े बदलाव

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

  • Krishi Udaan Yojana: किसानों की फसल अब पहुंचेगी देश-विदेश के बाजार तक
  • भारतीय कृषि : स्वर्णिम विरासत से विकसित भारत की ओर
  • शिवराज सिंह चौहान का बड़ा ऐलान, पीएम मोदी की “रिफॉर्म एक्सप्रेस” से कृषि क्षेत्र में आएंगे बड़े बदलाव
  • SMAM Scheme: किसानों के लिए आधुनिक खेती का बड़ा सहारा
  • seed village scheme: किसानों को गांव में ही मिलेगा अच्छा बीज, बढ़ेगी पैदावार और कम होगी लागत

Recent Comments

No comments to show.
Fasal Kranti is a leading monthly agricultural magazine dedicated to empowering Indian farmers. Published scince 2013 in Hindi, Punjabi, Marathi, and Gujarati, it provides valuable insights, modern farming techniques, and the latest agricultural updates. With a vision to support 21st-century farmers, Fasal Kranti strives to be a trusted source of knowledge and innovation in the agricultural sector.

Category

  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes

Newsletter

Subscribe to our Newsletter. You choose the topics of your interest and we’ll send you handpicked news and latest updates based on your choice.

Subscribe Now

Contact

Promote your brand with Fasalkranti. Connect with us for advertising.
  • E-Mail: info@fasalkranti.in
  • Phone: +91 9625941688
Copyrights © 2026. Fasal Kranti, Inc. All Rights Reserved. Maintained By Fasalkranti Team .

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

Add New Playlist

No Result
View All Result
  • Home
  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes
  • Animal Husbandry

© 2026 Fasalkranti - News and Magazine by Fasalkranti news.