प्रतिष्ठित Oceanographer और वरिष्ठ वैज्ञानिक Dr. Srinivasa Kumar Tummala ने सोमवार को Ministry of Earth Sciences (MoES) के सचिव के रूप में कार्यभार संभाल लिया। भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय में उनकी नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब देश Deep Ocean Mission, Climate Modelling, Multi-Hazard Early Warning System और Blue Economy से जुड़ी अपनी महत्वाकांक्षी योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ा रहा है।
Dr. Tummala ने Dr. N. Kalaiselvi से यह जिम्मेदारी संभाली है, जो अतिरिक्त प्रभार के रूप में Ministry of Earth Sciences की जिम्मेदारियां देख रही थीं। इससे पहले इस पद पर पूर्णकालिक रूप से Dr. M. Ravichandran कार्यरत थे।
तीन दशकों से अधिक के वैज्ञानिक और तकनीकी अनुभव वाले Dr. Tummala को Remote Sensing, Satellite Oceanography, Coastal Hazard Mitigation और Disaster Management के क्षेत्र में व्यापक विशेषज्ञता हासिल है। उनके अनुभव को देखते हुए माना जा रहा है कि उनके नेतृत्व में Ministry of Earth Sciences समुद्र विज्ञान, जलवायु अनुसंधान, आपदा पूर्व चेतावनी और Marine Resources के सतत उपयोग से जुड़े कार्यक्रमों को नई दिशा दे सकता है।
Deep Ocean Mission और Blue Economy पर बढ़ेगा फोकस
Dr. Srinivasa Kumar Tummala का कार्यभार संभालना Ministry of Earth Sciences के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बदलाव माना जा रहा है। भारत वर्तमान में अपने Deep Ocean Mission को बड़े स्तर पर आगे बढ़ा रहा है। इस मिशन का उद्देश्य गहरे समुद्र में उपलब्ध संसाधनों, जैव विविधता और वैज्ञानिक संभावनाओं का अध्ययन करना तथा अत्याधुनिक तकनीकों के माध्यम से भारत की Ocean Exploration क्षमता को मजबूत करना है।
Deep Ocean Mission के साथ-साथ देश की Blue Economy को मजबूत करना भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। समुद्री संसाधनों का Sustainable Utilisation, समुद्री जैव संसाधनों का अध्ययन, Deep Sea Technologies और समुद्री पर्यावरण का संरक्षण इस दिशा में महत्वपूर्ण विषय हैं।
Dr. Tummala के Oceanography और Marine Science के लंबे अनुभव से इन क्षेत्रों में वैज्ञानिक एवं तकनीकी क्षमताओं को और मजबूत करने की उम्मीद है।
Climate Modelling और Early Warning Systems पर जोर
भारत के लिए Climate Change और उससे जुड़े Extreme Weather Events लगातार बड़ी चुनौती बन रहे हैं। Cyclone, Tsunami, Coastal Flooding, Storm Surge और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से तटीय क्षेत्रों में रहने वाली बड़ी आबादी प्रभावित हो सकती है।
ऐसे में Climate Modelling और Multi-Hazard Early Warning Systems की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है।
Dr. Tummala के पास Disaster Management और Early Warning Systems के क्षेत्र में लंबे समय का अनुभव है। उनके नेतृत्व में Ministry of Earth Sciences के Observational Networks, Atmospheric Modelling और Early Warning Infrastructure को और मजबूत किए जाने की संभावना है।
इन प्रणालियों का उद्देश्य केवल मौसम संबंधी जानकारी उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि संभावित आपदा की पहले से पहचान कर प्रभावित क्षेत्रों और समुदायों को समय रहते Alert करना भी है।
Tsunami Early Warning System के निर्माण में निभाई अहम भूमिका
Dr. Tummala की वैज्ञानिक यात्रा में भारत के Tsunami Early Warning System की स्थापना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही है।
वर्ष 2004 में आए विनाशकारी Indian Ocean Tsunami के बाद भारत ने एक अत्याधुनिक Tsunami Warning System विकसित करने की दिशा में तेजी से काम शुरू किया था। इस प्रक्रिया में Dr. Tummala ने Project Manager के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और Indian Tsunami Early Warning System की स्थापना में योगदान दिया।
यह प्रणाली बाद में भारत की प्रमुख वैज्ञानिक उपलब्धियों में शामिल हुई और INCOIS को वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त Tsunami Service Provider (TSP) के रूप में स्थापित करने में मदद मिली।
आज Indian Ocean Region में Tsunami Monitoring और Early Warning के क्षेत्र में भारत की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है।
UNESCO-IOC में भी निभाई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
Ministry of Earth Sciences के सचिव बनने से पहले Dr. Tummala ने UNESCO-IOC से जुड़े महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय दायित्वों को भी संभाला।
उन्होंने Head, ICG/IOTWMS Secretariat, UNESCO-IOC के रूप में Perth, Australia में काम किया। इस भूमिका में उन्होंने Indian Ocean क्षेत्र के 28 Member States से जुड़े Regional Tsunami Warning Networks के संचालन और समन्वय में नेतृत्व प्रदान किया।
उन्होंने Ocean Watch Operations के Global Standardization तथा Tsunami Ready Community Recognition Programme के Implementation को भी बढ़ावा दिया।
इस अंतरराष्ट्रीय अनुभव से उन्हें विभिन्न देशों के वैज्ञानिक संस्थानों, आपदा प्रबंधन एजेंसियों और Ocean Monitoring Networks के साथ काम करने का व्यापक अनुभव मिला।
INCOIS के Director के रूप में महत्वपूर्ण योगदान
Dr. Tummala ने Indian National Centre for Ocean Information Services (INCOIS), Hyderabad के Director के रूप में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई। उन्होंने अगस्त 2020 से INCOIS का नेतृत्व किया।
उनके कार्यकाल के दौरान INCOIS ने Ocean Information Services को मजबूत करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण प्रगति की।
इनमें Potential Fishing Zone (PFZ) Advisories, Coral Reef Bleaching Alerts और Multi-Hazard Vulnerability Mapping जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम शामिल हैं।
PFZ Advisories के माध्यम से समुद्र में मछली पकड़ने वाले मछुआरों को संभावित Fishing Zones की वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध कराने में मदद मिलती है। इससे मछुआरों के समय, ईंधन और संसाधनों की बचत हो सकती है।
वहीं Coral Reef Bleaching Alert Systems समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र की निगरानी और संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण हैं।
Coastal Communities की सुरक्षा पर रहेगा जोर
भारत की लंबी Coastline और बड़ी तटीय आबादी को देखते हुए Coastal Hazard Mitigation एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय आवश्यकता है।
Cyclones, Tsunami, Storm Surge और Coastal Flooding जैसी घटनाएं तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों, Fisheries, Ports, Infrastructure और Marine Ecosystems को प्रभावित कर सकती हैं।
Dr. Tummala का अनुभव ऐसे Multi-Hazard Risks की पहचान और Monitoring Systems विकसित करने में रहा है। ऐसे में उनके नेतृत्व में Coastal Communities के लिए Early Warning और Risk Assessment Systems को और मजबूत किए जाने की उम्मीद है।
National Geoscience Award से सम्मानित
Dr. Tummala के वैज्ञानिक योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर भी सम्मान मिल चुका है। वर्ष 2010 में उन्हें National Geoscience Award से सम्मानित किया गया था।
यह पुरस्कार Ministry of Mines, Government of India की ओर से प्रदान किया गया। उन्हें यह सम्मान भारत में World-Class Tsunami Early Warning Facilities की स्थापना में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए दिया गया था।
इसके अलावा वर्ष 2008 में Indian National Geospatial Award भी उन्हें मिला। यह पुरस्कार Indian Society of Remote Sensing (ISRS) की ओर से Geospatial Technologies के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए दिया गया।
100 से अधिक Scientific Publications
Dr. Tummala का योगदान केवल प्रशासनिक और तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित Peer-Reviewed Scientific Journals में 100 से अधिक Research Papers प्रकाशित किए हैं।
उनका Research Work मुख्य रूप से Oceanography, Remote Sensing, Disaster Management, Coastal Hazards और Marine Resources से जुड़े विषयों पर केंद्रित रहा है।
उन्होंने UNESCO के Intergovernmental Coordination Group में Vice-Chair की भूमिका भी निभाई है। इससे उनके Global Academic और Scientific Network का भी अंदाजा लगाया जा सकता है।
Ocean Science में भारत की बढ़ती भूमिका
भारत दुनिया के उन देशों में शामिल है, जिनकी अर्थव्यवस्था और सामाजिक संरचना का समुद्र से गहरा संबंध है। Fisheries, Ports, Shipping, Offshore Energy, Marine Biotechnology और Coastal Tourism जैसे कई क्षेत्र देश की Blue Economy का हिस्सा हैं।
इसके अलावा समुद्र Climate Regulation में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। Ocean Health और Climate Change के बीच सीधा संबंध है। इसलिए Marine Ecosystems की Monitoring और संरक्षण आने वाले वर्षों में और महत्वपूर्ण होने वाला है।
ऐसे समय में Ministry of Earth Sciences का कार्य केवल मौसम पूर्वानुमान तक सीमित नहीं है। मंत्रालय Earth System Science, Ocean Science, Atmospheric Science, Polar Research और Disaster Management जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काम करता है।
Observation Networks और Atmospheric Modelling को मिलेगी मजबूती
Dr. Tummala के नेतृत्व में Ministry of Earth Sciences के Observational Networks को और मजबूत किए जाने की उम्मीद है।
बेहतर Observation Systems से मौसम, समुद्र और वातावरण में होने वाले बदलावों की अधिक सटीक निगरानी संभव होती है। इसके साथ ही Atmospheric Modelling में सुधार से Weather Forecasting और Extreme Weather Prediction को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
भारत में Cyclones और अन्य मौसम संबंधी घटनाओं की Early Prediction ने पिछले वर्षों में काफी प्रगति की है। आने वाले समय में Artificial Intelligence, High-Performance Computing, Satellite Data और Advanced Modelling जैसी तकनीकों का इस्तेमाल इस क्षेत्र को और मजबूत कर सकता है।
Science और Society के बीच मजबूत होगा संबंध
Dr. Tummala के सामने एक महत्वपूर्ण चुनौती यह भी होगी कि वैज्ञानिक अनुसंधान और उसके सामाजिक उपयोग के बीच संबंध को और मजबूत किया जाए।
Ocean Science से प्राप्त जानकारी का सीधा लाभ Fishermen, Coastal Communities, Disaster Management Agencies, Farmers, Shipping Sector और Policy Makers तक पहुंचना जरूरी है।
यदि Scientific Data को User-Friendly Advisories और Early Warning Alerts में बदला जाए तो इसका प्रभाव जमीनी स्तर पर अधिक दिखाई दे सकता है।
भारत की Climate Resilience को मजबूत करने की दिशा में कदम
Climate Change के बढ़ते प्रभावों के बीच भारत के लिए Climate Resilience को मजबूत करना राष्ट्रीय प्राथमिकता बनता जा रहा है। Rising Sea Levels, Extreme Weather Events, Coastal Hazards और Changing Ocean Conditions आने वाले वर्षों में नई चुनौतियां पैदा कर सकते हैं।
ऐसे में Ministry of Earth Sciences की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।
Dr. Srinivasa Kumar Tummala का व्यापक वैज्ञानिक और प्रशासनिक अनुभव मंत्रालय को इन चुनौतियों से निपटने में मदद कर सकता है। उनके नेतृत्व में Deep Ocean Exploration, Climate Science, Ocean Observation, Disaster Early Warning और Sustainable Marine Resource Management जैसे क्षेत्रों में नई गति आने की उम्मीद है।
Dr. Srinivasa Kumar Tummala का Secretary, Ministry of Earth Sciences के रूप में कार्यभार संभालना भारत के Earth and Ocean Sciences क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। तीन दशकों से अधिक के अनुभव, Tsunami Early Warning System की स्थापना में योगदान, INCOIS के नेतृत्व, UNESCO-IOC में अंतरराष्ट्रीय भूमिका और वैज्ञानिक अनुसंधान के व्यापक अनुभव के साथ वे इस महत्वपूर्ण मंत्रालय का नेतृत्व करेंगे।
आने वाले वर्षों में भारत के लिए Deep Ocean Mission, Blue Economy, Climate Resilience, Multi-Hazard Early Warning Systems और Ocean Health जैसे क्षेत्र बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। ऐसे में Dr. Tummala का नेतृत्व इन राष्ट्रीय कार्यक्रमों को वैज्ञानिक दृष्टि, तकनीकी क्षमता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के साथ आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

