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Home कृषि समाचार

ICAR और GIAN के बीच MoU, जमीनी नवाचारों से बदलेगी टिकाऊ कृषि की तस्वीर

MoU between ICAR and GIAN

Emran Khan by Emran Khan
September 16, 2026
in कृषि समाचार
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MoU between ICAR and GIAN

MoU between ICAR and GIAN

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भारतीय कृषि को अधिक Sustainable, Inclusive और Farmer-Centric बनाने की दिशा में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने Grassroots Innovation Augmentation Network (GIAN) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन यानी MoU पर हस्ताक्षर किए हैं। इस Partnership का उद्देश्य देश के अलग-अलग क्षेत्रों में किसानों, स्थानीय समुदायों और जमीनी स्तर पर काम करने वाले Innovators द्वारा विकसित किए जा रहे स्थानीय ज्ञान एवं नवाचारों को कृषि अनुसंधान और Technology से जोड़ना है।

इस साझेदारी के माध्यम से Grassroots Innovations, Local Knowledge और Sustainable Agriculture को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा। इसका लक्ष्य ऐसे Practical Solutions विकसित करना है, जिन्हें किसानों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा सके और जिन्हें कृषि क्षेत्र में बड़े स्तर पर अपनाया जा सके।

ICAR और GIAN की यह Partnership केवल Innovation को बढ़ावा देने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसमें Scientists, Start-ups, Students, Farmers और Innovators को साथ लाकर Co-Creation Model पर काम करने की परिकल्पना की गई है। इसका मतलब है कि कृषि क्षेत्र की समस्याओं के समाधान केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित न रहें, बल्कि किसानों और स्थानीय समुदायों के अनुभव एवं ज्ञान को भी Research और Technology Development का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जाए।

ICAR-GIAN Partnership क्यों है महत्वपूर्ण?

भारत जैसे विशाल और विविध कृषि देश में किसानों की समस्याएं हर क्षेत्र में एक जैसी नहीं हैं। अलग-अलग राज्यों और कृषि-जलवायु क्षेत्रों में मिट्टी, पानी, फसल, मौसम, खेती की परंपराएं और संसाधनों की उपलब्धता अलग होती है।

ऐसे में कई बार स्थानीय किसान अपनी परिस्थितियों के अनुसार ऐसे समाधान विकसित कर लेते हैं, जो कम लागत में खेती को आसान बनाने, संसाधनों की बचत करने या उत्पादन संबंधी समस्याओं को हल करने में मदद करते हैं। इन्हीं स्थानीय समाधानों को Grassroots Innovation कहा जाता है।

हालांकि, ऐसे कई Innovations स्थानीय स्तर से आगे नहीं बढ़ पाते। इसके पीछे Technology Validation, Research Support, Funding, Market Linkage, Documentation और Scalability जैसी चुनौतियां हो सकती हैं।

ICAR और GIAN के बीच हुआ यह MoU ऐसे Innovations को Institutional Support देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से स्थानीय ज्ञान को वैज्ञानिक Research से जोड़ने और उपयोगी समाधानों को अधिक किसानों तक पहुंचाने की संभावनाएं बढ़ेंगी।

किसानों के अनुभव को Research का हिस्सा बनाने की पहल

कृषि क्षेत्र में किसान केवल Technology के उपयोगकर्ता नहीं हैं, बल्कि वे लंबे समय से खेती के Practical Knowledge का महत्वपूर्ण स्रोत भी रहे हैं।

किसी फसल की स्थानीय परिस्थितियों में बेहतर खेती, पानी के प्रबंधन, मिट्टी की देखभाल, जैविक संसाधनों के उपयोग, कृषि उपकरणों में स्थानीय बदलाव या कीट एवं रोगों से निपटने के कई तरीके किसानों के अनुभव से विकसित हुए हैं।

नई Partnership में ऐसे Local Knowledge Systems को पहचानने और उनके Documentation पर जोर दिया जा सकता है। वैज्ञानिक संस्थानों के सहयोग से यह पता लगाया जा सकता है कि कौन-सा स्थानीय समाधान वैज्ञानिक रूप से प्रभावी है, किन परिस्थितियों में उपयोगी है और उसे किस तरह बेहतर बनाया जा सकता है।

इस प्रक्रिया से किसान के Traditional Knowledge और Modern Science के बीच एक मजबूत connection तैयार हो सकता है।

Scientists और Farmers मिलकर बनाएंगे Practical Solutions

ICAR देश का प्रमुख कृषि अनुसंधान नेटवर्क है, जिसके अंतर्गत कृषि की विभिन्न शाखाओं में Research और Extension से जुड़े संस्थान काम करते हैं। दूसरी ओर, GIAN का फोकस Grassroots Innovations को आगे बढ़ाने और जमीनी स्तर के Innovators को समर्थन देने पर है।

दोनों संस्थाओं की Partnership से Research + Innovation + Field Experience का एक संयुक्त मॉडल विकसित करने की संभावना है।

इस मॉडल में किसी समस्या की पहचान किसानों और स्थानीय समुदायों से हो सकती है। इसके बाद Scientists उस समाधान का technical evaluation कर सकते हैं। यदि जरूरत हो तो Innovation में आवश्यक सुधार किए जा सकते हैं और फिर Field Trials के माध्यम से उसकी उपयोगिता जांची जा सकती है।

इसके बाद सफल Innovation को बड़े स्तर पर किसानों तक पहुंचाने के लिए Technology Transfer, Training और Extension की व्यवस्था की जा सकती है।

यानी इस Partnership का संभावित approach केवल Innovation खोजने तक नहीं, बल्कि उसके Validation से लेकर Adoption तक का हो सकता है।

Start-ups और Students के लिए भी खुलेंगे अवसर

ICAR-GIAN Partnership में केवल Scientists और Farmers को ही नहीं, बल्कि Start-ups और Students को भी शामिल करने की बात कही गई है।

आज Agriculture Technology यानी AgriTech तेजी से विकसित हो रही है। Artificial Intelligence, IoT, Drones, Sensors, Digital Platforms, Precision Farming और Data Analytics जैसी Technologies कृषि की विभिन्न चुनौतियों के समाधान के लिए इस्तेमाल की जा रही हैं।

लेकिन नई Technology तभी सफल होती है जब वह किसान की वास्तविक जरूरत को पूरा करे और उसकी Cost तथा Usability खेती के हिसाब से उपयुक्त हो।

Grassroots Innovators और Farmers की वास्तविक समस्याओं को Start-ups तथा Students की Technical Capabilities से जोड़ने पर नए Agriculture Solutions विकसित किए जा सकते हैं।

उदाहरण के तौर पर किसी क्षेत्र में सिंचाई की समस्या है तो किसान अपनी Ground-Level आवश्यकता बता सकता है, Scientist उसके तकनीकी पहलुओं का अध्ययन कर सकता है और Start-up कम लागत वाला Technology-Based Solution विकसित कर सकता है।

इस तरह Innovation की पूरी प्रक्रिया अधिक Demand-Driven बन सकती है।

Sustainable Agriculture पर विशेष जोर

ICAR और GIAN की Partnership का एक प्रमुख उद्देश्य Sustainable Agriculture को बढ़ावा देना है।

कृषि में Sustainability का मतलब केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं है। इसमें प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर उपयोग, मिट्टी की गुणवत्ता का संरक्षण, पानी की बचत, Input Efficiency, Biodiversity और किसानों की आर्थिक स्थिरता जैसे पहलू भी शामिल हैं।

स्थानीय स्तर पर विकसित कई कृषि समाधान कम संसाधनों में काम करने वाले हो सकते हैं। यदि ऐसे Innovations को वैज्ञानिक समर्थन और व्यापक Adoption मिलता है, तो वे खेती की Sustainability को मजबूत करने में योगदान दे सकते हैं।

इस दिशा में Water Management, Soil Health, Crop Diversification, Natural Resource Management, Waste Utilization और Low-Cost Farming Technologies जैसे क्षेत्रों में Innovation महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

Inclusive Agriculture के लिए नई दिशा

इस Partnership का एक महत्वपूर्ण पहलू Inclusive Innovation भी है।

भारत में छोटे और सीमांत किसान कृषि क्षेत्र का बड़ा हिस्सा हैं। ऐसे किसानों के लिए महंगी Technology या बड़े Investment वाली खेती की तकनीक हमेशा आसानी से उपलब्ध नहीं होती।

इसलिए ऐसे Solutions की जरूरत है जो स्थानीय परिस्थितियों और किसानों की आर्थिक क्षमता को ध्यान में रखते हुए विकसित किए जाएं।

Grassroots Innovation इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, क्योंकि इसका आधार अक्सर स्थानीय समस्या और स्थानीय संसाधन होते हैं।

यदि ऐसे Innovations को Scientific Validation, Institutional Support और Market Linkage मिलती है, तो छोटे किसानों के लिए भी उपयोगी Technology Solutions विकसित किए जा सकते हैं।

ICAR के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में MoU

ICAR और GIAN के बीच MoU पर हस्ताक्षर महत्वपूर्ण अधिकारियों की मौजूदगी में किए गए।

यह समझौता Dr. M. L. Jat, Secretary, Department of Agricultural Research and Education (DARE) एवं Director General, ICAR की उपस्थिति में हुआ।

इस अवसर पर Dr. Rajbir Singh, Deputy Director General (Extension), Dr. Anil Kumar, Additional Director General (Coordination) और Dr. Ranjay Singh, Additional Director General (Extension) सहित ICAR के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति इस Partnership के Institutional महत्व को दर्शाती है और इससे ICAR के Research, Extension तथा Innovation ecosystem के बीच Coordination को आगे बढ़ाने की संभावनाएं बनती हैं।

Local Innovation से National Impact तक

भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में कई ऐसे किसान और Innovators हैं जो अपनी रोजमर्रा की कृषि समस्याओं के समाधान खुद विकसित करते हैं। कई बार उनके पास औपचारिक Research Infrastructure नहीं होता, लेकिन उनके पास वर्षों का Field Experience होता है।

ऐसे Innovations को यदि सही Platform मिले तो उनका प्रभाव स्थानीय स्तर से निकलकर दूसरे क्षेत्रों तक पहुंच सकता है।

ICAR जैसी National Agricultural Research Institution के साथ Partnership इस process को मजबूत कर सकती है।

किसी स्थानीय Innovation की सफलता के बाद उसका Documentation किया जा सकता है। इसके बाद वैज्ञानिक परीक्षण, Field Demonstration और Farmer Training के माध्यम से दूसरे क्षेत्रों में उसका विस्तार किया जा सकता है।

इस तरह एक Local Solution को Scalable Agriculture Innovation में बदलने की संभावना पैदा होती है।

कृषि में Co-Creation Model की जरूरत

पारंपरिक Research Model में अक्सर वैज्ञानिक समस्या की पहचान करते हैं, Research करते हैं और फिर Technology को किसानों तक पहुंचाया जाता है।

लेकिन Agriculture की कई वास्तविक समस्याएं इतनी जटिल हैं कि उनके समाधान के लिए Co-Creation की आवश्यकता होती है।

Co-Creation Model में किसान, वैज्ञानिक, उद्यमी, विद्यार्थी और स्थानीय Innovator मिलकर समस्या को समझते हैं और उसका समाधान विकसित करते हैं।

इसमें Farmer केवल अंतिम User नहीं होता, बल्कि Innovation Process का Partner बनता है।

ICAR-GIAN Partnership इसी प्रकार के Collaborative Innovation Ecosystem को मजबूत करने की दिशा में काम कर सकती है।

Agriculture Start-up Ecosystem को भी मिल सकता है फायदा

भारत में Agriculture Start-ups की संख्या और उनके द्वारा विकसित किए जा रहे Solutions लगातार बढ़ रहे हैं। लेकिन कई Start-ups के सामने Field Validation, Farmer Adoption और Technology Scaling जैसी चुनौतियां रहती हैं।

Grassroots Innovators और Farmers के साथ Start-ups का बेहतर जुड़ाव इन चुनौतियों को कम करने में मदद कर सकता है।

ICAR के Research Network का उपयोग Technology Testing, Scientific Validation और Field Demonstration के लिए किया जा सकता है।

इससे Agriculture Start-ups को भी यह समझने में मदद मिलेगी कि किसानों की वास्तविक जरूरत क्या है और कौन-से Solutions बड़े स्तर पर अपनाए जा सकते हैं।

Innovation से रोजगार और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा

Grassroots Innovation का प्रभाव केवल खेती तक सीमित नहीं रहता। यदि किसी Innovation को Commercial Scale पर विकसित किया जाता है तो उससे स्थानीय स्तर पर Rural Entrepreneurship और Employment के अवसर भी पैदा हो सकते हैं।

किसान स्वयं किसी Innovation को अपनाकर अपनी लागत कम कर सकता है। वहीं स्थानीय युवा उस Technology या Product की Manufacturing, Service, Distribution या Training से जुड़ा Business शुरू कर सकते हैं।

इससे Agriculture Innovation का एक पूरा Rural Business Ecosystem विकसित हो सकता है।

Knowledge Sharing को मिलेगा नया Platform

Partnership का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू Knowledge Sharing है।

किसानों के पास मौजूद Traditional Knowledge, Innovators के Practical Ideas, Scientists का Research Experience और Start-ups की Technology Capabilities—इन सभी को एक साथ लाने से एक व्यापक Knowledge Network बनाया जा सकता है।

ऐसे Network के माध्यम से सफल Innovations की जानकारी दूसरे राज्यों और कृषि क्षेत्रों तक पहुंचाई जा सकती है।

Digital Platforms, Workshops, Demonstrations, Farmer Training Programmes और Innovation Challenges के माध्यम से इस Knowledge को बड़े स्तर पर साझा किया जा सकता है।

कृषि के भविष्य में Grassroots Innovation की भूमिका

जलवायु परिवर्तन, पानी की कमी, बढ़ती Input Cost, श्रम की कमी, मिट्टी की गिरती गुणवत्ता और बाजार की अनिश्चितता जैसी चुनौतियां कृषि के सामने लगातार नई परिस्थितियां पैदा कर रही हैं।

इन चुनौतियों के समाधान के लिए केवल एक प्रकार की Technology पर्याप्त नहीं होगी। अलग-अलग कृषि क्षेत्रों की जरूरतों के अनुसार स्थानीय और Flexible Solutions की आवश्यकता होगी।

यहीं Grassroots Innovation की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।

किसानों द्वारा विकसित स्थानीय समाधान कई बार उनकी वास्तविक परिस्थितियों से सीधे जुड़े होते हैं। यदि इन्हें वैज्ञानिक Research और Modern Technology का सहयोग मिले तो इनका प्रभाव और अधिक बढ़ाया जा सकता है।

किसान बने Innovation Ecosystem के केंद्र में

ICAR-GIAN Partnership का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इसमें किसान को Innovation Ecosystem के केंद्र में रखने की संभावना है।

कृषि Technology की सफलता का अंतिम पैमाना यही है कि वह किसान की समस्या को कितना प्रभावी ढंग से हल करती है। इसलिए Farmer Feedback, Field Experience और Local Knowledge को Research Process में शामिल करना जरूरी है।

इस Partnership के माध्यम से यदि किसानों की समस्याओं से Innovation की शुरुआत होती है और समाधान के विकास में किसान लगातार शामिल रहते हैं, तो इससे Agriculture Technology का Adoption बेहतर हो सकता है।

Sustainable और Technology-Driven Agriculture की ओर कदम

ICAR और GIAN के बीच हुआ यह MoU भारत में Sustainable Agriculture और Grassroots Innovation को नई दिशा देने की क्षमता रखता है।

इस Partnership के तहत Scientists, Farmers, Start-ups, Students और Innovators को साथ लाने का उद्देश्य एक ऐसा Innovation Ecosystem तैयार करना है जिसमें कृषि समस्याओं के समाधान स्थानीय जरूरतों और वैज्ञानिक ज्ञान दोनों पर आधारित हों।

आने वाले समय में इस तरह के Collaborative Models कृषि क्षेत्र में नई Technologies और Practical Solutions के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

विशेष रूप से छोटे किसानों, ग्रामीण Innovators और स्थानीय समुदायों के अनुभव को National Research System से जोड़ना कृषि विकास को अधिक Inclusive, Practical और Farmer-Centric बनाने में मदद कर सकता है।

ICAR और GIAN की यह पहल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह Innovation को केवल प्रयोगशाला या Technology तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उसे खेत, किसान और स्थानीय समुदाय से जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ती है। यदि इस Partnership के तहत विकसित Solutions का प्रभावी Validation, Field Testing और Extension सुनिश्चित किया जाता है, तो आने वाले समय में कई Grassroots Innovations बड़े स्तर पर किसानों तक पहुंच सकते हैं।

 

Tags: AgricultureFarmingIndian Agriculture
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