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Home सफ़लता की कहानी

सौर ऊर्जा से आटा प्रसंस्करण की नई पहल, हमीरपुर में 751 किसानों की एफपीओ ने स्थापित की यूनिट

A new initiative to process flour using solar energy, an FPO of 751 farmers set up a unit in Hamirpur.

Emran Khan by Emran Khan
October 23, 2026
in सफ़लता की कहानी
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A new initiative to process flour using solar energy, an FPO of 751 farmers set up a unit in Hamirpur.

A new initiative to process flour using solar energy, an FPO of 751 farmers set up a unit in Hamirpur.

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किसानों की आय बढ़ाने और कृषि उत्पादों का स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में सिक्शार्थ फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड ने सौर ऊर्जा से संचालित आटा प्रसंस्करण इकाई स्थापित की है। इस किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) से 751 किसान सदस्य जुड़े हुए हैं। इकाई की प्रसंस्करण क्षमता प्रति घंटे एक क्विंटल है।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, यह पहल स्थानीय स्तर पर कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण, स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग और किसानों को बेहतर बाजार अवसर उपलब्ध कराने पर केंद्रित है। इस व्यवस्था के माध्यम से आटा प्रसंस्करण का काम सौर ऊर्जा से संचालित किया जा रहा है, जिससे नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया है।

स्थानीय प्रसंस्करण से बढ़ेगा मूल्य संवर्धन

कृषि उत्पादों का स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण किसानों और ग्रामीण उद्यमों के लिए महत्वपूर्ण अवसर पैदा कर सकता है। जब कृषि उपज का प्रसंस्करण उत्पादन क्षेत्र के आसपास किया जाता है, तो उत्पाद को बाजार के अनुरूप तैयार करने और मूल्य संवर्धन की संभावनाएं विकसित होती हैं।

सिक्शार्थ एफपीओ द्वारा स्थापित सौर ऊर्जा आधारित आटा प्रसंस्करण इकाई इसी दिशा में एक पहल है। इसकी एक क्विंटल प्रति घंटे की क्षमता स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण गतिविधियों को संचालित करने में सहायक हो सकती है। हालांकि, इकाई के वास्तविक उत्पादन, परिचालन लागत और किसानों की आय पर इसके प्रभाव से संबंधित विस्तृत आंकड़े साझा की गई जानकारी में उपलब्ध नहीं हैं।

सौर ऊर्जा और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा

इस परियोजना की खास बात प्रसंस्करण कार्य में सौर ऊर्जा का उपयोग है। नवीकरणीय ऊर्जा आधारित इकाइयां ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के साथ कृषि प्रसंस्करण गतिविधियों को आगे बढ़ाने का माध्यम बन सकती हैं। इससे स्थानीय स्तर पर कृषि आधारित उद्यमों के विकास की संभावनाएं भी बनती हैं।

मंत्रालय की पोस्ट में हमीरपुर को प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत आने वाले जिले के रूप में उल्लेखित किया गया है। हालांकि, साझा जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि प्रसंस्करण इकाई की स्थापना के लिए किसी विशेष सरकारी योजना के तहत वित्तीय सहायता प्राप्त हुई है या नहीं।

एफपीओ के माध्यम से उत्पादों की बिक्री

सिक्शार्थ फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड ने अपने उत्पादों को सीधे खरीदने के लिए ऑनलाइन बिक्री लिंक भी साझा किया है। इससे उपभोक्ताओं को एफपीओ से उत्पाद खरीदने का विकल्प मिलता है। कंपनी से संपर्क के लिए धर्मेश कुमार द्विवेदी का मोबाइल नंबर 9140786112 दिया गया है।

कुल मिलाकर, हमीरपुर में सिक्शार्थ एफपीओ की सौर ऊर्जा आधारित आटा प्रसंस्करण इकाई कृषि उत्पादों के स्थानीय प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को जोड़ने वाली पहल है। 751 किसान सदस्यों वाला यह संगठन ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि आधारित उद्यमों को बढ़ावा देने और किसानों को बाजार से जोड़ने की दिशा में काम कर रहा है।

 

Tags: AgricultureFarminFPOIndian FarmingSuccess Story
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