JU AGRI SCIENCES: कृषि क्षेत्र में हो रहे बदलावों, आधुनिक तकनीक, मिट्टी के स्वास्थ्य और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के प्रयासों को समझने के लिए ‘फसल क्रांति’ की पत्रकार फिजा काजमी ने JU AGRI SCIENCES के वाइस प्रेसिडेंट सत्यजीत सिंह से खास बातचीत की। चार दशकों के अनुभव के साथ सत्यजीत सिंह ने कृषि क्षेत्र में आए बदलावों, मिट्टी के पोषण, कंपनी के प्रयासों और किसानों के लिए महत्वपूर्ण पहलुओं पर अपने विचार साझा किए। प्रस्तुत हैं बातचीत के प्रमुख अंश।
1. आपने कृषि क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत कैसे की? पिछले चार दशकों में इस क्षेत्र में किस तरह के बदलाव देखने को मिले हैं?
मैं पिछले 40 वर्षों से कृषि क्षेत्र में कार्य कर रहा हूं। मैंने अपने करियर की शुरुआत डाउल कंपनी से की थी, जिसका नाम बाद में बदलकर कोरटेवा एग्रीसाइंस हो गया। अपने लंबे अनुभव के दौरान मैंने कृषि क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण बदलाव देखे हैं। इनमें तकनीक की भूमिका सबसे अहम रही है।
आधुनिक तकनीकों को अपनाने से किसानों को फसल उत्पादन बढ़ाने में मदद मिली है। इसके साथ ही फसलों की गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिला है। कृषि क्षेत्र में लगातार नए प्रयोग हो रहे हैं और तकनीक खेती को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। हालांकि, अभी भी किसानों की जरूरतों को समझने, उन्हें सही जानकारी उपलब्ध कराने और खेती को अधिक टिकाऊ एवं लाभकारी बनाने के लिए काफी काम किए जाने की आवश्यकता है।
2. JU AGRI SCIENCES के पास किसानों के लिए ऐसे कौन-से उत्पाद हैं, जो खेती में सकारात्मक बदलाव लाने में मदद कर सकते हैं?
JU AGRI SCIENCES लंबे समय से किसानों के हित में काम कर रही है। हमारे उत्पादों को विकसित करते समय मिट्टी के पोषण और उसके स्वास्थ्य को ध्यान में रखा जाता है। हमारा मानना है कि अच्छी खेती की शुरुआत स्वस्थ मिट्टी से होती है। यदि मिट्टी स्वस्थ होगी, तो फसलों की बेहतर वृद्धि और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
हम खेती की बुनियादी जरूरतों पर ध्यान देते हैं। सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि मिट्टी को स्वस्थ कैसे रखा जाए और उसमें मौजूद पोषक तत्वों का बेहतर उपयोग किस तरह किया जाए। इसी सोच के साथ हमने अनुसंधान एवं विकास पर काम किया है और किसानों की जरूरतों के अनुरूप समाधान विकसित करने का प्रयास किया है।
हमारा उद्देश्य केवल उत्पाद उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि किसानों को मिट्टी के स्वास्थ्य के महत्व के प्रति जागरूक करना भी है। आज किसान मिट्टी की सेहत को लेकर पहले से अधिक जागरूक हो रहे हैं। हम इस दिशा में अपने प्रयास लगातार जारी रखे हुए हैं।
3. JU AGRI SCIENCES का स्लोगन ‘मिट्टी मुस्कुराएगी’ क्या संदेश देता है? इसके पीछे कंपनी का उद्देश्य क्या है?
‘मिट्टी मुस्कुराएगी’ हमारे लिए केवल एक स्लोगन नहीं, बल्कि कृषि के प्रति हमारी सोच और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसके माध्यम से हम कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों, कंपनियों, संस्थानों और किसानों को यह संदेश देना चाहते हैं कि मिट्टी का स्वास्थ्य हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।
मिट्टी स्वस्थ रहेगी, तभी खेती की गुणवत्ता और उत्पादकता को बेहतर बनाने की दिशा में सार्थक प्रयास किए जा सकेंगे। इस उद्देश्य को जमीन पर उतारने के लिए हमारी टीम लगातार काम करती है। हमारे फील्ड असिस्टेंट गांव-गांव जाकर किसानों को मिट्टी के स्वास्थ्य और उसके पोषण से संबंधित जानकारी देते हैं। इसके अलावा, किसान गोष्ठियों के माध्यम से भी किसानों को जागरूक किया जाता है। इन कार्यक्रमों में हम उन्हें समझाने का प्रयास करते हैं कि मिट्टी की जरूरतों को समझना और उसके स्वास्थ्य को बनाए रखना बेहतर खेती की बुनियाद है। हमारा प्रयास है कि मिट्टी के प्रति जागरूकता केवल एक विचार बनकर न रहे, बल्कि किसानों की खेती का अभिन्न हिस्सा बने।
4. JU AGRI SCIENCES अपने उत्पादों को किसानों तक पहुंचाने के लिए किस तरह का वितरण नेटवर्क और जमीनी स्तर पर संपर्क व्यवस्था अपनाती है?
किसानों तक सही उत्पाद और सही जानकारी पहुंचाना कृषि क्षेत्र में किसी भी कंपनी के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। हमारे लिए भी यह जरूरी है कि किसानों को उनकी जरूरतों के अनुरूप समाधान उपलब्ध हों। इसके लिए कंपनी के वितरण नेटवर्क, कृषि विक्रेताओं और फील्ड टीम की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
किसानों के साथ सीधा संवाद हमें उनकी समस्याओं और जरूरतों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करता है। गांवों में पहुंचकर किसानों से बातचीत करना, उन्हें उत्पादों के उचित उपयोग की जानकारी देना और कृषि संबंधी विषयों पर जागरूक करना इस प्रक्रिया का अहम हिस्सा है। हमारा प्रयास है कि किसानों को केवल उत्पाद ही न मिलें, बल्कि उनका सही इस्तेमाल करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी मिले।
5. रबी सीजन की शुरुआत को देखते हुए आप किसानों को क्या सलाह देना चाहेंगे? बेहतर उत्पादन के लिए किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए?
*सत्यजीत सिंह:* रबी सीजन में बेहतर उत्पादन के लिए किसानों को बुवाई से पहले ही अपनी तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। सबसे पहले खेत की मिट्टी की स्थिति और उसमें उपलब्ध पोषक तत्वों की जानकारी प्राप्त करना जरूरी है। मिट्टी की जांच के आधार पर ही उर्वरकों और अन्य कृषि इनपुट का उचित उपयोग करने की योजना बनानी चाहिए।
इसके साथ ही किसानों को अपने क्षेत्र की जलवायु और परिस्थितियों के अनुसार उपयुक्त किस्मों का चयन करना चाहिए। समय पर बुवाई, संतुलित पोषण, सिंचाई का उचित प्रबंधन और फसल की नियमित निगरानी भी अच्छी पैदावार के लिए महत्वपूर्ण हैं।
किसानों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि जरूरत से ज्यादा उर्वरकों या कृषि उत्पादों का इस्तेमाल हमेशा बेहतर परिणाम नहीं देता। सही समय पर, सही मात्रा में और उचित तरीके से उत्पादों का उपयोग करना अधिक महत्वपूर्ण है। मेरा मानना है कि मिट्टी के स्वास्थ्य पर ध्यान देकर और वैज्ञानिक सलाह के अनुसार खेती करके किसान उत्पादन की गुणवत्ता और खेती की स्थिरता, दोनों को बेहतर बना सकते हैं।
6. ‘फसल क्रांति’ के माध्यम से आप देश के किसानों को क्या संदेश देना चाहेंगे?
मैं किसानों से यही कहना चाहूंगा कि खेती को बेहतर बनाने के लिए मिट्टी के स्वास्थ्य को अपनी प्राथमिकता बनाएं। मिट्टी केवल फसल उगाने का माध्यम नहीं है, बल्कि कृषि की पूरी व्यवस्था का आधार है। यदि हम मिट्टी की जरूरतों को समझेंगे और उसके पोषण का ध्यान रखेंगे, तो लंबे समय तक खेती को अधिक उत्पादक और टिकाऊ बनाने में मदद मिलेगी।
किसानों को नई तकनीकों, वैज्ञानिक सलाह और कृषि क्षेत्र में हो रहे नवाचारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए। साथ ही, अपने खेत की परिस्थितियों के अनुसार सही निर्णय लेने चाहिए। कृषि में बदलाव तभी सार्थक होंगे, जब नई जानकारी और तकनीक का लाभ वास्तव में किसानों तक पहुंचेगा।
‘फसल क्रांति’ जैसे कृषि-केंद्रित माध्यम किसानों तक उपयोगी जानकारी पहुंचाने और उन्हें जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। JU AGRI SCIENCES की ओर से हमारा संदेश है—मिट्टी के स्वास्थ्य का ध्यान रखें, वैज्ञानिक तरीके से खेती करें और आने वाली पीढ़ियों के लिए कृषि संसाधनों को सुरक्षित रखें। क्योंकि मिट्टी स्वस्थ होगी, तभी खेती समृद्ध होगी।
