Cyclone Arnab: उत्तर प्रदेश में धान की कटाई और रबी फसलों की बुवाई की तैयारियों के बीच मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के कारण प्रदेश के कई जिलों में तेज हवाओं, गरज-चमक और बेमौसम बारिश की संभावना जताई गई है। इस चक्रवाती तूफान को देखते हुए योगी सरकार ने प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी हैं। किसानों को मौसम की स्थिति के अनुसार खेती से जुड़े काम करने और तैयार फसलों को सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है।
Cyclone Arnab Alert: 28 से 31 अक्टूबर तक कैसा रहेगा यूपी का मौसम?
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 27 अक्टूबर के पूर्वानुमान के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 अक्टूबर से मौसम बदलने के संकेत हैं। इस दिन गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी है, जबकि 29 अक्टूबर को अत्यधिक भारी बारिश और 30 अक्टूबर को बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। 31 अक्टूबर को भी कुछ इलाकों में भारी बारिश और बिजली चमकने का खतरा बना रह सकता है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 29 और 30 अक्टूबर को आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है।
किन जिलों के किसानों को सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत?
Cyclone Arnab के तहत पूर्वांचल और दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश के किसानों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, गाजीपुर और बलिया में 28 अक्टूबर को 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका जताई गई है। वहीं चित्रकूट, प्रयागराज, कौशांबी और प्रतापगढ़ सहित आसपास के जिलों में भी अगले दिनों के दौरान तेज बारिश का खतरा बताया गया है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए किसान अपने जिले का ताजा पूर्वानुमान जरूर जांचें।
28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है तूफान
मौसम विभाग के अनुसार, Cyclone Arnab Alert की मुख्य वजह बंगाल की खाड़ी में बना अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान है। 26 अक्टूबर की रात तक यह तूफान और शक्तिशाली हो चुका था। इसके 28 अक्टूबर की पूर्वाह्न तक आंध्र प्रदेश और यानम के तट के पास पहुंचने की संभावना है। इस दौरान हवा की लगातार रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों की गति 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है। हालांकि, यह तटीय क्षेत्र के लिए अनुमानित गति है, उत्तर प्रदेश के लिए नहीं।
धान की कटाई और गेहूं की बुवाई पर पड़ सकता है असर
उत्तर प्रदेश में अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में किसान धान की कटाई, फसल सुखाने और गेहूं, चना तथा सरसों जैसी रबी फसलों के लिए खेत तैयार करने में जुटे रहते हैं। ऐसे में Cyclone Arnab खेती के लिहाज से महत्वपूर्ण हो गया है। बारिश से कटकर खेत में पड़ी धान की फसल भीग सकती है। वहीं पहले से तैयार खेतों में अधिक नमी होने पर गेहूं की बुवाई प्रभावित हो सकती है। जिन किसानों ने हाल ही में सरसों की बुवाई की है, उनके खेतों में पानी रुकने से अंकुरण और शुरुआती पौध वृद्धि पर असर पड़ सकता है।
योगी सरकार की एडवाइजरी, किसानों को बरतनी होंगी ये सावधानियां
Cyclone Arnab Alert को देखते हुए उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय ने किसानों और आम नागरिकों के लिए सतर्कता संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने संभावित बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की घटनाओं से बचाव के लिए सावधानी बरतने पर जोर दिया है। किसानों को फसलों की सुरक्षा और पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है।
किसानों को सलाह है कि मौसम की चेतावनी वाले दिनों में कटी हुई धान की फसल को खुले खेत में न छोड़ें। अनाज और बीज को सुरक्षित तथा सूखी जगह पर रखें। जहां बारिश की अधिक संभावना है, वहां गेहूं और अन्य रबी फसलों की बुवाई मौसम सामान्य होने तक टाली जा सकती है। खेत में पानी निकासी की व्यवस्था पहले से तैयार रखें। गरज-चमक के दौरान खेतों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचें।
पशुपालकों के लिए भी जरूरी है सावधानी
Cyclone Arnab Alert का असर केवल खेतों तक सीमित नहीं रह सकता। तेज बारिश और हवाओं से पशुओं के रहने वाले स्थान भी प्रभावित हो सकते हैं। पशुपालकों को चाहिए कि वे पशुशाला की छत और पानी निकासी की व्यवस्था जांच लें। चारे और भूसे को बारिश से बचाकर रखें। तेज हवा या बिजली चमकने के दौरान पशुओं को खुले मैदान में बांधने के बजाय सुरक्षित शेड में रखें।
फसल खराब होने पर कहां संपर्क करें किसान?
Cyclone Arnab Alert के बीच किसानों के लिए राहत से जुड़ी एक महत्वपूर्ण जानकारी भी सामने आई है। उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय की वेबसाइट पर 11 अक्टूबर 2026 का एक शासनादेश दर्ज है, जो चक्रवात आपदा से प्रभावित किसानों को कृषि निवेश सहायता अनुदान देने से संबंधित है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि आगामी तूफान से होने वाले हर नुकसान पर सहायता स्वतः मिल जाएगी। सहायता का निर्धारण लागू नियमों और नुकसान के आकलन के अनुसार किया जाता है।
यदि बारिश या तूफान से फसल को नुकसान होता है, तो किसान अपने लेखपाल, तहसील कार्यालय या जिला कृषि विभाग को इसकी जानकारी दें। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत बीमित किसानों को अपनी पॉलिसी में निर्धारित सूचना देने की समयसीमा का भी ध्यान रखना चाहिए।
किसानों के लिए अगले 4 दिन महत्वपूर्ण
मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 28 से 31 अक्टूबर का समय खेती के लिए संवेदनशील रह सकता है। विशेष रूप से 29 और 30 अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में अधिक सावधानी की जरूरत है। Cyclone Arnab Alert के बीच किसान मौसम की स्थिति देखकर ही कटाई, सिंचाई, बुवाई और फसल की ढुलाई से जुड़े फैसले लें। समय रहते की गई तैयारी से संभावित नुकसान को कम किया जा सकता है। ताजा आधिकारिक मौसम जानकारी के लिए किसान भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की वेबसाइट देख सकते हैं।

