֍:खेत डूबने से सब्जियों की फसल बर्बाद§ֆ:बाढ़ के पानी में खेत डूबने से सब्जियों की पूरी फसल बर्बाद हो गई है. गंगा में पानी इतना तेजी से बढ़ा कि लोगों को सब्जियों की फसल बचाने का मौका तक नहीं मिला. किसानों का कहना है कि बाढ़ की वजह से भारी नुकसान हुआ है. वहीं, बस्तियों में रहने वाले लोग खौफ में हैं. उन्हें लग रहा है कि कहीं बाढ़ का पानी बढ़ गया तो उन्हें भी घर छोड़कर न जाना पड़े.
§֍:सैकड़ों बीघा फसल पानी में डूबी§ֆ:बैराजों से छोड़े गए लाखों क्यूसेक पानी से सोमवार को सीतापुर में हालात बेकाबू नजर आए. बाढ़ ने विकराल रूप धारण कर लिया है. सरयू नदी में आए उफान से 80 गांव बाढ़ से प्रभावित हो गए हैं. करीब 25 हजार की आबादी प्रभावित है. आस-पास के गांवों की हालत यह है कि बाढ़ के पानी ने गांव को चारों ओर से घेर लिया है, जिससे वह अलग-थलग टापू बन गया है. सैकड़ों बीघा फसल पानी में डूब गई है. करीब 30 गांवों की सड़कों पर तेज बहाव के कारण संपर्क टूट गया है. हर तरफ पानी ही पानी देख इलाके में हाहाकार मच गया है. ग्रामीण अपनी गृहस्थी समेटकर नाव, पैदल व अन्य साधनों से सुरक्षित स्थानों की ओर बढ़ रहे हैं.
§जगह-जगह हो रही बारिश ये अब नदियां उफान पर हैं और बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं. उत्तर प्रदेश के कई इलाकों का हाल भी कुछ ऐसा ही है. मिर्ज़ापुर में लगातार बढ़ रहे गंगा के पानी के कारण बाढ़ के हालात बन गए हैं. गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित सदर तहसील के मल्लेपुर और नरसिंगपुर में गंगा का पानी खेतों से होते हुए लोगों के घरों तक पहुंच गया है. जिसके कारण किसानों की मक्का, मूंग, बाजरा समेत अन्य खरीफ फसलें डूब गई हैं. हरिसिंघपुर में घरों तक पानी पहुंच गया है. लोगों के घर और झोपड़ी डूब गए हैं. बाढ़ के कारण सबसे ज्यादा नुकसान किसानों का हुआ है.
§֍:50 हजार की आबादी बाढ़ से प्रभावित§ֆ:इधर गोंडा में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है. घाघरा नदी खतरे के निशान से 91 सेमी ऊपर बह रहा है. जिले के करनैलगंज और तरबगंज तहसील के 25 गांवों में बाढ़ ने तबाही ला दी है. चारों तरफ पानी ही पानी दिखाई पड़ रहा है. जिले में करीब 50 हजार की आबादी बाढ़ से कराह रही है. आलम यह है कि तरबगंज तहसील के बेयोन्दा मांझा, दत्तनगर बहादुर पुर समेत अन्य गांवों के घरों में पानी भर गया है. बेयोन्दा के प्रधान केशव राम यादव की मानें तो बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है. प्रशासन यथा सम्भव मदद कर रहा है. जबकि सूचना विभाग द्वारा ग्रुप पर भेजे गए मैसेज में दावा किया गया है कि 36 हजार 5 सौ की आबादी बाढ़ से प्रभवित हुई है.Giveaway ????
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§֍:सैकड़ों बीघा फसल पानी में डूबी§ֆ:बैराजों से छोड़े गए लाखों क्यूसेक पानी से सोमवार को सीतापुर में हालात बेकाबू नजर आए. बाढ़ ने विकराल रूप धारण कर लिया है. सरयू नदी में आए उफान से 80 गांव बाढ़ से प्रभावित हो गए हैं. करीब 25 हजार की आबादी प्रभावित है. आस-पास के गांवों की हालत यह है कि बाढ़ के पानी ने गांव को चारों ओर से घेर लिया है, जिससे वह अलग-थलग टापू बन गया है. सैकड़ों बीघा फसल पानी में डूब गई है. करीब 30 गांवों की सड़कों पर तेज बहाव के कारण संपर्क टूट गया है. हर तरफ पानी ही पानी देख इलाके में हाहाकार मच गया है. ग्रामीण अपनी गृहस्थी समेटकर नाव, पैदल व अन्य साधनों से सुरक्षित स्थानों की ओर बढ़ रहे हैं.
§जगह-जगह हो रही बारिश ये अब नदियां उफान पर हैं और बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं. उत्तर प्रदेश के कई इलाकों का हाल भी कुछ ऐसा ही है. मिर्ज़ापुर में लगातार बढ़ रहे गंगा के पानी के कारण बाढ़ के हालात बन गए हैं. गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित सदर तहसील के मल्लेपुर और नरसिंगपुर में गंगा का पानी खेतों से होते हुए लोगों के घरों तक पहुंच गया है. जिसके कारण किसानों की मक्का, मूंग, बाजरा समेत अन्य खरीफ फसलें डूब गई हैं. हरिसिंघपुर में घरों तक पानी पहुंच गया है. लोगों के घर और झोपड़ी डूब गए हैं. बाढ़ के कारण सबसे ज्यादा नुकसान किसानों का हुआ है.

