उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बड़ौत स्थित जनता वैदिक कॉलेज में 12 और 13 अक्टूबर 2026 को आयोजित फसल क्रांति किसान मेला एवं किसान वॉलीबॉल प्रीमियर लीग 2026 में एग्रो केम फेडरेशन ऑफ इंडिया (ACFI) ने सहभागिता की। इस दौरान संगठन के प्रतिनिधियों ने किसानों को कृषि क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों और कृषि रसायनों के संतुलित एवं जिम्मेदार उपयोग के महत्व के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों तक उपयोगी कृषि जानकारी पहुंचाना और फसल संरक्षण से जुड़ी बेहतर पद्धतियों के प्रति जागरूकता को प्रोत्साहित करना रहा।
किसान मेले में ACFI की ओर से कम्युनिकेशन एंड पब्लिक रिलेशंस मैनेजर सिमरनजीत कौर और एग्जीक्यूटिव-रेगुलेटरी अफेयर्स रहमत जहां ने हिस्सा लिया। फसल क्रांति की टीम ने दोनों प्रतिनिधियों का स्वागत किया। इस दौरान किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने तथा कृषि संबंधी महत्वपूर्ण विषयों पर संवाद स्थापित करने पर जोर दिया गया।
कृषि रसायनों के सही इस्तेमाल के प्रति किसानों को किया जागरूक
कृषि में फसल संरक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका है। फसलों को कीटों, बीमारियों और खरपतवारों से बचाने के लिए कई परिस्थितियों में कृषि रसायनों का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, इनका प्रभावी और सुरक्षित उपयोग तभी संभव है, जब किसान सही उत्पाद का चयन करें और निर्धारित मात्रा एवं निर्देशों के अनुसार उसका इस्तेमाल करें।
किसान मेले के दौरान ACFI की कम्युनिकेशन एंड पब्लिक रिलेशंस मैनेजर सिमरनजीत कौर ने किसानों को संगठन की गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कृषि रसायनों के संतुलित और अनुशंसित उपयोग के प्रति किसानों को प्रोत्साहित किया। कृषि रसायनों का इस्तेमाल करते समय उत्पाद के लेबल पर दिए गए निर्देशों, निर्धारित खुराक, उचित समय और सुरक्षा संबंधी सावधानियों का पालन करना आवश्यक है।
किसानों के लिए यह समझना भी जरूरी है कि किसी भी कृषि रसायन की अधिक मात्रा का इस्तेमाल हमेशा बेहतर परिणाम नहीं देता। इसके विपरीत, गलत मात्रा या अनुचित तरीके से छिड़काव करने से फसल, मिट्टी, पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका हो सकती है। इसलिए वैज्ञानिक सलाह के आधार पर फसल संरक्षण के उपाय अपनाना महत्वपूर्ण है।
फसल संरक्षण में वैज्ञानिक जानकारी की अहम भूमिका
भारतीय कृषि में फसल उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ उत्पादन की गुणवत्ता बनाए रखना भी एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है। मौसम में बदलाव, कीटों का प्रकोप, फसल रोग और खरपतवार जैसी चुनौतियां किसानों की उत्पादकता और आय को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसी परिस्थितियों में फसल संरक्षण के सही उपायों की जानकारी किसानों के लिए उपयोगी साबित होती है।
कृषि रसायनों का उपयोग फसल की आवश्यकता, संबंधित कीट या रोग की पहचान और अनुशंसित कृषि पद्धतियों के आधार पर किया जाना चाहिए। किसानों को बिना उचित जानकारी के रसायनों का इस्तेमाल करने या निर्धारित मात्रा से अधिक खुराक देने से बचना चाहिए। साथ ही, छिड़काव के दौरान व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों का उपयोग, हवा की दिशा का ध्यान रखना और उत्पाद के निर्देशों के अनुसार सुरक्षा अवधि का पालन करना भी जरूरी है।
कृषि विशेषज्ञों और संबंधित संस्थाओं से समय पर सलाह मिलने से किसान फसल की समस्या की सही पहचान कर सकते हैं और आवश्यकता के अनुसार उचित कदम उठा सकते हैं। इससे अनावश्यक छिड़काव और कृषि लागत को नियंत्रित करने में भी मदद मिल सकती है।
ACFI की ओर से किसान मेले में किसानों को जागरूक करने की पहल इसी दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा सकती है। ऐसे कार्यक्रम कृषि क्षेत्र से जुड़ी संस्थाओं को किसानों के साथ सीधे संवाद करने और जिम्मेदार कृषि पद्धतियों के बारे में जानकारी साझा करने का अवसर प्रदान करते हैं।
किसान मेले में ACFI की सक्रिय भागीदारी
फसल क्रांति किसान मेला किसानों को कृषि क्षेत्र से संबंधित जानकारी और विभिन्न गतिविधियों से जोड़ने का एक मंच रहा। इस आयोजन में ACFI की भागीदारी ने कृषि रसायनों के संतुलित उपयोग और फसल संरक्षण के प्रति जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों को सामने लाने का अवसर दिया।
ACFI की एग्जीक्यूटिव-रेगुलेटरी अफेयर्स रहमत जहां ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। फसल क्रांति की टीम ने सिमरनजीत कौर और रहमत जहां का स्वागत किया। इस सहभागिता के माध्यम से किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़े संगठनों के बीच संवाद को प्रोत्साहन मिला।
किसान मेलों की खासियत यह है कि यहां किसानों को कृषि क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त करने और संबंधित प्रतिनिधियों से बातचीत करने का अवसर मिलता है। जब ऐसे आयोजनों में कृषि संगठनों की भागीदारी होती है, तो किसानों तक फसल संरक्षण, कृषि तकनीक और बेहतर खेती से जुड़ी जानकारी पहुंचाने की संभावनाएं बढ़ती हैं।
टिकाऊ खेती के लिए जिम्मेदार कृषि पद्धतियां जरूरी
आज कृषि क्षेत्र के सामने उत्पादन बढ़ाने, खेती की लागत को नियंत्रित करने और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करने जैसी कई चुनौतियां हैं। ऐसे में टिकाऊ खेती (Sustainable Agriculture) को बढ़ावा देने के लिए किसानों को संतुलित और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना जरूरी है।
फसल संरक्षण के लिए एकीकृत कीट प्रबंधन (Integrated Pest Management-IPM) जैसी पद्धतियां भी महत्वपूर्ण हैं। इनमें फसल की नियमित निगरानी, कीटों की पहचान, जैविक एवं यांत्रिक उपायों का उपयोग और आवश्यकता होने पर अनुशंसित रासायनिक उपायों को अपनाना शामिल है। इस दृष्टिकोण का उद्देश्य फसल को नुकसान से बचाने के साथ-साथ कृषि रसायनों के अनावश्यक इस्तेमाल को कम करना है।
किसानों को यह जानकारी देना भी जरूरी है कि कृषि रसायनों का इस्तेमाल केवल संबंधित उत्पाद के स्वीकृत उपयोग और लेबल पर दिए गए निर्देशों के अनुसार किया जाए। निर्धारित प्रतीक्षा अवधि का पालन करने से खाद्य उत्पादों में रसायनों के अवशेष से जुड़े जोखिमों को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
इस प्रकार, कृषि जागरूकता कार्यक्रम किसानों को केवल उत्पादों की जानकारी देने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि उन्हें जिम्मेदार निर्णय लेने और बेहतर कृषि प्रबंधन अपनाने के लिए भी प्रेरित कर सकते हैं।
कृषि संगठनों और किसानों के बीच संवाद की जरूरत
कृषि क्षेत्र में नई जानकारी और वैज्ञानिक सलाह को किसानों तक पहुंचाने के लिए संस्थाओं, कृषि विशेषज्ञों, किसान संगठनों और मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण है। किसान मेले जैसे आयोजन इन सभी पक्षों के बीच संवाद स्थापित करने का अवसर देते हैं।
ACFI की फसल क्रांति किसान मेले में सहभागिता को किसानों के बीच कृषि रसायनों के जिम्मेदार उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक सराहनीय पहल के रूप में देखा जा सकता है। ऐसे प्रयासों को लगातार आगे बढ़ाने से किसानों को फसल संरक्षण के बारे में अधिक जानकारी मिल सकती है और वे खेती से जुड़े फैसले बेहतर ढंग से ले सकते हैं।
किसानों के हित में जागरूकता कार्यक्रमों का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है, क्योंकि सही समय पर मिली जानकारी फसल की सुरक्षा, कृषि लागत और उत्पादन की गुणवत्ता से जुड़े निर्णयों में सहायक हो सकती है। इसके लिए जरूरी है कि किसानों को सरल भाषा में व्यावहारिक जानकारी दी जाए और उन्हें जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों से सलाह लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
एग्रो केम फेडरेशन ऑफ इंडिया (Agro Chem Federation of India-ACFI) कृषि रसायन क्षेत्र से जुड़ा एक संगठन है। संगठन कृषि रसायनों, फसल संरक्षण और कृषि क्षेत्र से संबंधित विषयों पर जागरूकता एवं संवाद को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य करता है। कृषि रसायनों के जिम्मेदार उपयोग और बेहतर फसल संरक्षण पद्धतियों से संबंधित जानकारी किसानों तक पहुंचाना इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण है।
ACFI के बारे में अधिक जानकारी के लिए किसान और कृषि क्षेत्र से जुड़े अन्य हितधारक संगठन की आधिकारिक वेबसाइट https://www.acfiindia.com/ पर जा सकते हैं। संगठन की गतिविधियों, बैठकों और कार्यक्रमों से संबंधित जानकारी के लिए https://www.acfiindia.com/meetings-seminars पर भी विजिट किया जा सकता है।
कुल मिलाकर, फसल क्रांति किसान मेले में ACFI की सहभागिता ने किसानों के बीच कृषि रसायनों के संतुलित एवं जिम्मेदार उपयोग पर जागरूकता बढ़ाने का अवसर प्रदान किया। ऐसे प्रयास वैज्ञानिक खेती, बेहतर फसल संरक्षण और टिकाऊ कृषि को प्रोत्साहित करने में उपयोगी भूमिका निभा सकते हैं।

