भारतीय रेल और डीएफसीसीआईएल के बीच एमओयू, एआई आधारित नई जांच प्रणाली से होगी रेक की निगरानी

भारतीय रेलवे ने रेल परिचालन में सुरक्षा को और मजबूत करने तथा रखरखाव प्रक्रिया को स्वचालित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। इसके तहत भारतीय रेलवे और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (DFCCIL) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस समझौते के तहत रेलवे रेक की निगरानी के लिए मशीन विजन आधारित निरीक्षण प्रणाली (Machine Vision Based Inspection System – MVIS) स्थापित की जाएगी।

क्या है MVIS प्रणाली?

MVIS एक अत्याधुनिक एआई/एमएल (Artificial Intelligence/Machine Learning) तकनीक पर आधारित प्रणाली है, जिसे रेलवे ट्रैक के किनारे स्थापित किया जाएगा। यह प्रणाली तेज गति से गुजरने वाली ट्रेनों के नीचे लगे पुर्जों की हाई-रिजॉल्यूशन इमेजिंग के माध्यम से जांच करती है। यदि कोई पुर्जा ढीला, लटकता हुआ या गायब पाया जाता है, तो यह प्रणाली तुरंत रीयल टाइम अलर्ट जारी करती है जिससे समय पर मरम्मत व कार्रवाई की जा सके।

समझौते के प्रमुख बिंदु

किसे मिली क्या जिम्मेदारी?

इस समझौते के तहत DFCCIL चार MVIS इकाइयों की खरीद, आपूर्ति, स्थापना, परीक्षण और चालूकरण की जिम्मेदारी निभाएगा। यह भारतीय रेलवे के लिए एक पहली बार लागू की जा रही तकनीक है जो रेक निरीक्षण में क्रांति लाएगी।

क्या होगा लाभ?

भविष्य की ओर अग्रसर रेलवे

इस पहल से भारतीय रेलवे के डिजिटलीकरण और भविष्य-उन्मुख बुनियादी ढांचे के निर्माण को बल मिलेगा। यह तकनीक न केवल रेल संरक्षा में नई क्रांति लाएगी बल्कि परिचालन दक्षता, संसाधन उपयोग और रीयल टाइम निर्णय लेने की क्षमता को भी बेहतर बनाएगी।

 

 

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