PM Matsya Sampada Yojana: मत्स्य पालन बंदरगाहों और Fish Landing Centres को मिल रही मजबूती, 1 लाख Fishing Vessels में लगेगा ISRO आधारित VCSS सिस्टम

PM Matsya Sampada Yojana: Fishing ports and Fish Landing Centres are getting strengthened, ISRO-based .

सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी राज्यों की

सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी राज्यों की

देश में समुद्री मत्स्य पालन (Marine Fisheries) को आधुनिक बनाने और मछुआरों की सुरक्षा, आय तथा बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए केंद्र सरकार प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PM Matsya Sampada Yojana – PMMSY) के तहत बड़े पैमाने पर Fisheries Infrastructure का विकास कर रही है। योजना के अंतर्गत Fishing Harbours (मत्स्य पालन बंदरगाह) और Fish Landing Centres (FLCs) को आधुनिक बनाया जा रहा है। इसके साथ ही समुद्र में मछुआरों की सुरक्षा और संचार व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा विकसित Vessel Communication and Support System (VCSS) को भी राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया जा रहा है।

यह जानकारी मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के मत्स्य पालन विभाग द्वारा जारी विवरण में दी गई।

₹20,750 करोड़ की PMMSY से मजबूत होगा Fisheries Sector

केंद्र सरकार प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) को 20,750 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ लागू कर रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश में Sustainable Fisheries Development, आधुनिक मत्स्य अवसंरचना का निर्माण, मछुआरों का कल्याण और मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देना है।

योजना के प्रमुख घटकों में आधुनिक Fishing Harbours, Fish Landing Centres, Cold Chain Infrastructure, Fish Processing Facilities, Aquaculture Infrastructure और अन्य आवश्यक सुविधाओं का विकास शामिल है।

Fishing Harbours और Fish Landing Centres का होगा आधुनिकीकरण

सरकार के अनुसार मत्स्य पालन बंदरगाहों और Fish Landing Centres (FLCs) का विकास PMMSY के सबसे महत्वपूर्ण घटकों में शामिल है। इन परियोजनाओं को केंद्र और राज्य सरकारों के बीच 60:40 Cost Sharing Pattern के आधार पर लागू किया जाता है।

किसी भी परियोजना के लिए संबंधित राज्य सरकार या केंद्र शासित प्रदेश को तकनीकी और वित्तीय रूप से व्यवहार्य प्रस्ताव प्रस्तुत करना होता है। इसके साथ राज्य सरकार को भूमि उपलब्ध कराने तथा सभी आवश्यक वैधानिक मंजूरियों की पुष्टि भी करनी होती है।

इसके अतिरिक्त Fisheries and Aquaculture Infrastructure Development Fund (FIDF) के माध्यम से भी मत्स्य अवसंरचना परियोजनाओं के लिए रियायती वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

ISRO विकसित VCSS से बढ़ेगी मछुआरों की सुरक्षा

समुद्र में मछुआरों की सुरक्षा और संचार को मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार ने 364 करोड़ रुपये की लागत से Vessel Communication and Support System (VCSS) के राष्ट्रीय विस्तार को मंजूरी दी है।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत—

यह परियोजना भी राज्यों के साथ 60:40 Cost Sharing के आधार पर लागू होगी, जबकि केंद्र शासित प्रदेशों को 100 प्रतिशत केंद्रीय सहायता प्रदान की जाएगी।

Nabhmitra App देगा समुद्र में रियल टाइम सहायता

ISRO द्वारा विकसित Nabhmitra App समुद्र में कार्यरत मछुआरों के लिए एक अत्याधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म होगा। इस एप्लीकेशन के माध्यम से मछुआरों को कई महत्वपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

Nabhmitra App की प्रमुख विशेषताएं

इन सुविधाओं से समुद्र में कार्यरत मछुआरों की सुरक्षा, संचार और मछली पकड़ने की दक्षता में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है।

1,547 Fish Landing Centres अधिसूचित

मत्स्य पालन विभाग के अनुसार देश के तटीय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने अपने-अपने Marine Fisheries Regulation Acts (MFRA) के तहत कुल 1,547 Fish Landing Centres (FLCs) अधिसूचित किए हैं।

इनमें से अब तक 423 Fish Landing Centres को अवसंरचना विकास कार्यक्रमों के अंतर्गत शामिल किया जा चुका है।

किन आधारों पर चुने जाते हैं Fish Landing Centres

सरकार ने बताया कि सभी अधिसूचित FLCs को एक साथ विकसित नहीं किया जाता। प्राथमिकता तय करने के लिए कई तकनीकी एवं आर्थिक मानकों को ध्यान में रखा जाता है।

इनमें प्रमुख हैं—

इन्हीं मानकों के आधार पर राज्यों की प्राथमिकता के अनुसार परियोजनाओं को मंजूरी दी जाती है।

किन राज्यों में सबसे अधिक Fish Landing Centres

सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार देश में अधिसूचित Fish Landing Centres की संख्या इस प्रकार है—

राज्य Fish Landing Centres
आंध्र प्रदेश 350
तमिलनाडु 301
केरल 204
महाराष्ट्र 173
कर्नाटक 115
गुजरात 107
ओडिशा 73
पश्चिम बंगाल 66
अंडमान एवं निकोबार 51
पुडुचेरी 41
गोवा 34
लक्षद्वीप 20
दमन एवं दीव 12

देशभर में कुल 1,547 अधिसूचित Fish Landing Centres हैं।

सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी राज्यों की

मत्स्य अवतरण केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी संबंधित राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन की होगी। सुरक्षा बलों की तैनाती स्थानीय परिस्थितियों, संवेदनशीलता, कानून-व्यवस्था तथा समुद्री सुरक्षा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए की जाएगी।

Fisheries Infrastructure से मिलेगा आर्थिक लाभ

विशेषज्ञों के अनुसार आधुनिक Fishing Harbours, Fish Landing Centres, Cold Chain, Fish Processing Units और डिजिटल संचार प्रणाली विकसित होने से समुद्री मत्स्य क्षेत्र की उत्पादकता बढ़ेगी। इससे मछलियों की गुणवत्ता बेहतर बनी रहेगी, कटाई के बाद होने वाला नुकसान कम होगा, निर्यात क्षमता मजबूत होगी और मछुआरों की आय में वृद्धि होगी।

साथ ही VCSS और Nabhmitra App जैसी तकनीकों से समुद्र में दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने, मौसम संबंधी समय पर सूचना उपलब्ध कराने और आपातकालीन सहायता पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) भारत के Fisheries Sector को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। ₹20,750 करोड़ के निवेश, 1,547 Fish Landing Centres, 423 अवसंरचना विकास परियोजनाओं, ISRO आधारित VCSS, 1 लाख Fishing Vessels में Transponders और Nabhmitra App जैसी पहलों से देश का समुद्री मत्स्य क्षेत्र नई तकनीक और बेहतर अवसंरचना से जुड़ रहा है। इससे न केवल मछुआरों की सुरक्षा और आय में सुधार होगा, बल्कि भारत के Marine Fisheries, Seafood Processing और Fish Export क्षेत्र को भी दीर्घकालिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।

 

Exit mobile version