राष्ट्रीय मछुआरा दिवस 2025 पर केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने लॉन्च किए 17 नए मत्स्य क्लस्टर

मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय मछुआरा दिवस 2025 का आयोजन ICAR–सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ फ्रेशवाटर एक्वाकल्चर (CIFA), भुवनेश्वर, ओडिशा में भव्य रूप से किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने देशभर के मत्स्य पालकों की उपलब्धियों को सम्मानित करते हुए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के तहत 17 नए मत्स्य क्लस्टर्स की शुरुआत की।

अब देश में कुल 34 मत्स्य क्लस्टर्स हो गए हैं, जिनके माध्यम से मत्स्य क्षेत्र को संगठित, प्रतिस्पर्धी और नवाचारयुक्त रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही मंत्री महोदय ने 11 राज्यों में फैली 70 परियोजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन किया, जिनका कुल बजटीय परिव्यय ₹105 करोड़ है।

मछुआरा समुदाय को नई दिशा देने वाली पहलें

कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की गईं, जिनमें शामिल हैं:

राजीव रंजन ने बताया कि भारत आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश बन चुका है, जिसमें से 75% उत्पादन इनलैंड (भीतरी जल स्रोतों) से आता है। देशभर में 3 करोड़ से अधिक लोग प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से इस क्षेत्र से जुड़े हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ₹38,572 करोड़ से अधिक का ऐतिहासिक निवेश मत्स्य क्षेत्र को सशक्त बनाने में किया गया है।

क्लस्टर आधारित विकास – उत्पादन और निर्यात का नया मॉडल

नए क्लस्टर आधारित विकास मॉडल में उत्पादन से लेकर प्रोसेसिंग, मार्केटिंग और निर्यात तक पूरे मूल्य श्रृंखला को एकीकृत रूप से जोड़ा जाएगा। इससे क्षेत्रीय आर्थिक विकास, रोजगार, नवाचार, और सतत मत्स्य पालन को बढ़ावा मिलेगा।

देशभर में विकसित किए गए 34 क्लस्टर्स में प्रमुख हैं:

साझेदारी और समन्वय से बढ़ेगा विकास

क्लस्टर मॉडल के प्रभावी संचालन के लिए मत्स्य विभाग खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय, MSME मंत्रालय, NABARD, और राज्य सरकारों के साथ मिलकर कार्य करेगा। वित्तीय सहायता, अवसंरचना, विपणन, उद्यमिता और मूल्य संवर्धन पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

वरिष्ठ अधिकारियों ने दिए मार्गदर्शन

राज्यमंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने मछुआरों की आय दोगुनी करने में मत्स्य क्षेत्र की अहम भूमिका पर जोर दिया और ICAR द्वारा विकसित तकनीकों की सराहना की। राज्यमंत्री जॉर्ज कुरियन ने मछली उत्पादन के 195 लाख टन के रिकॉर्ड को देश की उपलब्धि बताया। मंत्रालय के सचिव डॉ. अभिलक्ष लिखी ने ओडिशा की भूमिका की प्रशंसा करते हुए “आक्वा पार्क”, स्कैम्पी हैचरी और चक्रवात प्रभावित गांवों में आपदा प्रबंधन जैसी पहलों पर प्रकाश डाला। संयुक्त सचिव सागर मेहरा और नीतू प्रसाद ने कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

 

 

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