कृषि रसायनों का करें सही तरह उपयोग, बरतें ये सावधानियां!

֍:कीटनाशक खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान§ֆ:• सबसे पहले खेत में हुए नुकसान को नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र जाकर वैज्ञानिकों से साझा करें.
• खेत में लगे कीट, रोग या खरपतवार की जानकारी वैज्ञानिकों को दें.
• बाद में सिफारिश की गई दवा में से सबसे कम जहरीली दवा को ही लें. इससे फसल में प्रभाव कम होगा और रोकथाम भी हो जाएगी.
• इन दवाओं को केवल विश्वसनीय दुकानों से आईएसआई मार्क देखकर खरीदें और कभी भी बहुत अधिक मात्रा में न खरीदें. इससे दवाई का उसकी समय सीमा में उपयोग हो सकेगा और अनावश्यक भण्डारण भी नहीं होगा.
• दवाई खरीदते समय उसकी पैकिंग और निर्माण एंव समाप्ति तिथी जरूर चेक करें.

§֍:परिवहन के समय बरतें ये सावधानियां§ֆ:• कीटनाशकों को सफर में न लेकर जाएं, जितना हो सके कोशिश करें सार्वजनिक परिवहन में न ले जाएं.
• इन दवाइयों को कभी भी खाद्य सामिग्री के साथ न रखें. इसे अलग साफ जगह पर ढक कर ही रखें.
• सफर में अगल दवाइ गिर जाती है तो उसे जल्द से जल्द ब्लीचिंग पाउडर से अच्छे से साफ करें. इसमें 1 किलो चूना या 4 लीटर पानी मिलाकर भी धो सकते हैं.
§֍:उपयोग के समय ध्यान में रखें ये बातें§ֆ:• कीटनाशकों का उपयोग बताई गई मात्रा में ही करें.
• इसतेमाल के समय एक व्यक्ति को साथ में जरूर रखें.
• दवाई के छिड़काव के समय बच्चों, जानवरों को दूर रखें. इसे कभी भी हाथ से न मिलाएं, हमेशा लकड़ी या किसी स्टिक से ही मिलाएं.
• इस्तेमाल के समय फुल स्लीव के पकड़े पहनें तथा हाथ में दस्ताने और मुंह पर कपड़ा या मास्क बांध लें. आखों पर चश्मा भी लगाएं.
• कृषि रसायनों का छिड़काव हमेशा सुबह या शाम को करें. इसे कभी भी दोपहर में न डालें.
• दवाइयों को मिलाते समय ध्यान रखें कि वह शरीर पर न गिरे.
• दवाइयों का इस्तेमाल करते समय खाना, पीना, धूम्रपान बिल्कुल न करें.
• बारिश होने की स्थिति में छिड़काव न करें.
• कीटनाशक के इस्तेमाल से किसी प्रकार का शरीर में कष्ट हो तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर चिकित्सक को संपूर्ण जानकारी दें.
§֍:उपयोग के बाद बरतें ये सावधानियां§ֆ:• दवाई छिड़काव के बाद तुरंत नहाना चाहिए और कपड़ों को अच्छी तरह धोना चाहिए.
• बची हुई दवाई को कभी भी स्प्रेयर में या डस्टर में न छोड़ें. इस्तेमाल के बाद हमेशा अच्छे से धोकर चीजें साफ और बाकी चीजों से अलग जगह रखें.
• दवाई के खाली डिब्बों को खेत में ही जलाकर नष्ट कर दें. इसे किसी भी चीज के लिए इस्तेमाल न करें.
• दवाई छिड़काव के बाद फसलों की तुड़ाई के लिए प्रतीक्षा अवधि का पालन करें. दवाई का असर खत्म होने पर ही तुड़ाई करें.
§֍:इस तरह जानें कितनी खतरनाक है दवाई§ֆ:अगर दवाई के डिब्बे पर लाल लेबल (खोपड़ी के साथ नीचे पाइजन लिखा हुआ) लगा हुआ है, तो यह दवा बेहद जहरीली है. इसका उपयोग बहुत कम मात्रा में करें. वहीं, दवाई के डिब्बे पर पीला रंग का लेबल है तो यह दवा अत्यधिक जहरीली है. अगर डिब्बे पर नीला निशान है और डेंजर लिखा हुआ है, तो ये दवा मध्यम जहरीली है. वहीं, अगर डिब्बे पर वही लेबल हरे रंग में है तो ये दवा थोड़ा जहरीला है. ध्यान रखें ये सभी दवाइयां शरीर को नुकसान पहुंचाती है. इसे हमेशा सावधानी के साथ इस्तेमाल करें.

§भारत में कई सालों से किसान खेती में उपज बढ़ाने के लिए कई प्रकार के रसायनों का इस्तेमाल करते आ रहे हैं. जिससे उन्हें काफी मुनाफा भी होता है. खेत में कई बार कीट, बीमारी जैसी कई समस्याएं आ जाती हैं, जिस कारण फसल बर्बाद हो जाती है. इसके निदान के लिए कई कृषि रसायन मार्केट में मिल जाते हैं. जैसे- कीटनाशक, फुंदनाशी, शाकनाशी, आदि, जो कि बहुत ही घातक रसायन होते हैं. इन दवाओं को असुरक्षित ढंग से इस्तेमाल में लेने से फसल और मिट्टी पर बुरा असर पड़ता है. ऐसे में इन प्रकार की दवाओं का सही तरीके से इस्तेमाल करना अति आवश्यक है.

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