भारत की अध्यक्षता में BRICS देशों के कृषि मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक जून में इंदौर में आयोजित की जाएगी। यह दो दिवसीय मिनिस्टीरियल मीटिंग 12 से 13 जून तक होगी, जबकि इससे पहले 9 से 11 जून के बीच एग्रीकल्चर वर्किंग ग्रुप के अधिकारियों की बैठक आयोजित की जाएगी। कुल मिलाकर यह पांच दिवसीय आयोजन वैश्विक कृषि क्षेत्र के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर में अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान आयोजन को सफल बनाने के लिए विभिन्न व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई।
चौहान ने बताया कि इस उच्चस्तरीय बैठक में फ़ूड सिक्योरिटी, किसान कल्याण, पोषण, क्लाइमेट-रेज़िलिएंट स्मार्ट एग्रीकल्चर और ग्लोबल एग्रीकल्चरल ट्रेड जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके अलावा सप्लाई चेन मैनेजमेंट, डिजिटल एग्रीकल्चर, रिसर्च और नॉलेज एक्सचेंज को बढ़ावा देने के उपायों पर भी चर्चा होगी। आधुनिक तकनीकों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और रोबोटिक्स के कृषि क्षेत्र में उपयोग को लेकर भी सदस्य देशों के बीच अनुभव साझा किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि बैठक के अंत में सभी सदस्य देशों के बीच सहमति बनने के बाद एक संयुक्त घोषणा पत्र (जॉइंट डिक्लेरेशन) जारी किया जाएगा, जो भविष्य में वैश्विक कृषि नीतियों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है। चौहान के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हो रही यह बैठक वैश्विक कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने का कार्य करेगी।
बैठक की महत्ता को रेखांकित करते हुए उन्होंने बताया कि BRICS देशों के पास दुनिया की लगभग 42 प्रतिशत कृषि योग्य भूमि, 68 प्रतिशत किसान और करीब 45 प्रतिशत अनाज उत्पादन का हिस्सा है। ऐसे में इन देशों के बीच सहयोग वैश्विक खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने में निर्णायक साबित हो सकता है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार सभी प्रतिनिधियों का पारंपरिक आतिथ्य के साथ भव्य स्वागत करेगी। उन्होंने यह भी बताया कि यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है जब मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 को “एग्रीकल्चर वेलफेयर ईयर” के रूप में घोषित किया है, जिससे इस बैठक का महत्व और भी बढ़ जाता है।

