देशभर में ऑर्गेनिक खेती करने वाले किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण यानी Agricultural and Processed Food Products Export Development Authority (APEDA) ने किसानों के अनिवार्य फिजिकल वेरिफिकेशन की अंतिम तारीख बढ़ाकर अब 3 जुलाई 2026 कर दी है. यह दूसरी बार है जब इस प्रक्रिया की समयसीमा आगे बढ़ाई गई है. इससे पहले यह अभियान तय समय में पूरा नहीं हो सका था, जिसके बाद हितधारकों की मांग पर APEDA को यह फैसला लेना पड़ा.
यह वेरिफिकेशन अभियान 3 नवंबर 2025 से शुरू किया गया था. इसका उद्देश्य देशभर में ऑर्गेनिक खेती से जुड़े किसानों और उत्पादक समूहों के रिकॉर्ड की जांच करना है, ताकि प्रमाणन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाया जा सके. APEDA का कहना है कि कई इलाकों में तकनीकी और प्रशासनिक चुनौतियों के कारण प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं हो पा रही थी.
नेटवर्क और रिकॉर्ड अपडेट बनी बड़ी चुनौती
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कई राज्यों से किसानों, प्रमाणन एजेंसियों और उत्पादक समूहों ने APEDA को बताया कि ग्रामीण इलाकों में नेटवर्क की समस्या, किसान रिकॉर्ड अपडेट करने में देरी और किसानों के अस्थायी ट्रांसफर जैसी परेशानियों के चलते फिजिकल वेरिफिकेशन प्रभावित हो रहा है. कई किसानों का डेटा डिजिटल पोर्टल पर अपडेट नहीं था, जबकि कुछ मामलों में किसानों के समूह बदलने से भी रिकॉर्ड मिलान में दिक्कतें आईं.
इन सभी समस्याओं को देखते हुए अथॉरिटी ने समयसीमा बढ़ाने का फैसला लिया, ताकि कोई भी पात्र किसान इस प्रक्रिया से बाहर न रह जाए. APEDA का मानना है कि यदि वेरिफिकेशन अधूरा रहता है तो निर्यात और प्रमाणन प्रणाली पर असर पड़ सकता है.
अब तक 52 फीसदी वेरिफिकेशन पूरा
APEDA के चेयरमैन Abhishek Dev ने जानकारी दी कि अब तक करीब 52 फीसदी किसानों का फिजिकल वेरिफिकेशन पूरा किया जा चुका है. शुरुआत में इस पूरी प्रक्रिया के लिए केवल तीन महीने का समय निर्धारित किया गया था, लेकिन जमीनी स्तर पर सामने आई चुनौतियों के कारण इसे कई बार आगे बढ़ाना पड़ा.
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में ऑर्गेनिक खेती का दायरा तेजी से बढ़ रहा है, इसलिए किसानों के रिकॉर्ड को सही और अपडेट रखना बेहद जरूरी है. इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय ऑर्गेनिक उत्पादों की विश्वसनीयता भी मजबूत होगी.
किसानों की संख्या में आया बदलाव
सरकार ने जुलाई 2022 में लोकसभा में जानकारी दी थी कि देश में करीब 25 लाख किसान ऑर्गेनिक खेती से जुड़े हुए हैं. वहीं 29 जुलाई 2025 को दी गई ताजा जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम (NPOP) के तहत मान्यता प्राप्त एजेंसियों द्वारा प्रमाणित किसानों की संख्या घटकर 19,29,243 दर्ज की गई है. ये किसान देशभर के 4,712 सक्रिय उत्पादक समूहों से जुड़े हुए हैं.
विशेषज्ञों का मानना है कि फिजिकल वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद वास्तविक और सक्रिय किसानों का डेटा अधिक स्पष्ट रूप से सामने आएगा. इससे भविष्य में सरकारी योजनाओं और निर्यात नीतियों को बेहतर तरीके से लागू करने में मदद मिलेगी.
