Shivraj Singh Chouhan और Mohan Charan Majhi की मौजूदगी में ओडिशा के विकास को नई रफ्तार देते हुए कई बड़ी योजनाओं का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY-IV) के तहत राज्य को 1,700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 827 नई सड़कों की सौगात मिली, जिससे करीब 1702 किलोमीटर ग्रामीण संपर्क मजबूत होगा।
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री को PMGSY-IV का स्वीकृति-पत्र सौंपते हुए कहा कि सड़कें केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और समग्र विकास की जीवनरेखा हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अब कोई भी दूरस्थ और पिछड़ा इलाका विकास की मुख्यधारा से वंचित नहीं रहेगा।
आवास और रोजगार के क्षेत्र में भी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। Pradhan Mantri Awas Yojana Gramin के तहत 630.61 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है, ताकि सभी पात्र गरीब परिवारों को पक्का घर मिल सके। वहीं Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act के अंतर्गत 2026-27 की पहली किश्त के रूप में 868.71 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इसके अलावा जल संरक्षण और सिंचाई को बढ़ावा देने के लिए WDC-PMKSY 2.0 के तहत 30.07 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि ओडिशा का कोई भी गरीब कच्चे घर में न रहे और हर परिवार को सम्मानजनक जीवन मिले। उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण, किसानों की आय बढ़ाने और युवाओं के रोजगार को प्राथमिकता बताते हुए “लखपति दीदी” जैसे अभियानों, स्वयं सहायता समूहों और कृषि आधारित उद्यमों को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने इस अवसर पर कहा कि PMGSY-IV विशेष रूप से दुर्गम, पहाड़ी और दूरस्थ क्षेत्रों को जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि “समृद्ध ओडिशा, विकसित ओडिशा” के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सड़क, पानी, बिजली और ग्रामीण बुनियादी ढांचे पर मिशन मोड में काम किया जा रहा है।
कार्यक्रम में हितग्राहियों को सहायता राशि वितरित की गई और विभिन्न योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचाया गया। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, जनप्रतिनिधि और महिलाएं इस आयोजन में शामिल हुईं।
इस अवसर पर यह भी स्पष्ट किया गया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर डबल इंजन मॉडल के तहत ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और किसान कल्याण को नई दिशा दे रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इन योजनाओं से न केवल बुनियादी ढांचा मजबूत होगा, बल्कि रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा मिलेगी।
कुल मिलाकर, रायगड़ा से शुरू हुआ यह विकास अभियान ओडिशा के दूर-दराज इलाकों तक प्रगति की नई राह खोलने वाला साबित हो सकता है।

