मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में स्थित वृशांक ट्रैक्टर एजेंसी में आयोजित मेगा किसान गोष्ठी किसानों के लिए ज्ञान, तकनीक और आधुनिक कृषि यंत्रीकरण का बड़ा मंच बनकर सामने आई। इस भव्य आयोजन में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लेकर आधुनिक ट्रैक्टर तकनीक, रखरखाव, वित्तीय सुविधाओं और नई योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम में कुल 114 किसानों और ग्राहकों की सक्रिय भागीदारी रही, जिससे आयोजन पूरी तरह किसान-केंद्रित नजर आया।
कार्यक्रम में कृषि यंत्रीकरण क्षेत्र से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों की मौजूदगी ने किसानों का उत्साह बढ़ाया। गोष्ठी में एक्शन कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट लिमिटेड (ACE) के महाप्रबंधक (कृषि व्यापार इकाई) श्री रविंद्र सिंह खनेजा, मध्य प्रदेश के स्टॉकिस्ट श्री प्रेम जाट, जोनल हेड (मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़) श्री मनोज गर्ग, एरिया मैनेजर श्री अविनाश दुबे, सर्विस प्रमुख श्री उमेश यादव तथा सर्विस विभाग से श्री अविनाश द्विवेदी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों की उपयोगिता, ट्रैक्टरों के बेहतर रखरखाव और वित्तीय योजनाओं की जानकारी देना था, ताकि किसान कम लागत में अधिक उत्पादन हासिल कर सकें। गोष्ठी के दौरान कंपनी अधिकारियों ने किसानों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याओं एवं जरूरतों को समझने का प्रयास किया।
इस दौरान किसानों के बीच सबसे अधिक आकर्षण ट्रैक्टरों की स्पॉट डिलीवरी को लेकर देखा गया। श्री रविंद्र सिंह खनेजा के मार्गदर्शन में चयनित ट्रैक्टर मॉडलों की मौके पर ही डिलीवरी की गई। किसानों ने इसे आधुनिक कृषि की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। ट्रैक्टर प्राप्त करने वाले किसानों के चेहरों पर उत्साह और संतोष साफ दिखाई दिया।
गोष्ठी में गेहूं कटाई सीजन के दौरान ट्रैक्टरों के रखरखाव पर विशेष चर्चा की गई। कृषि कार्यों में लगातार उपयोग के कारण ट्रैक्टरों पर अधिक दबाव पड़ता है, ऐसे में उनकी नियमित देखभाल बेहद जरूरी हो जाती है। विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी कि रेडिएटर को समय-समय पर हवा से साफ रखें, ताकि इंजन गर्म न हो। इसके अलावा कूलेंट और पानी का संतुलित मिश्रण उपयोग करने की भी सलाह दी गई।
किसानों को बताया गया कि एयर क्लीनर और रेडिएटर जाली की नियमित सफाई से इंजन की कार्यक्षमता बढ़ती है और ईंधन की बचत होती है। अधिकारियों ने यह भी सुझाव दिया कि प्रत्येक आधे घंटे में इंजन ऑयल और कूलेंट के स्तर की जांच करना ट्रैक्टर की लंबी उम्र के लिए आवश्यक है। बेल्ट की स्थिति की निगरानी और ग्रीसिंग पॉइंट्स पर नियमित ग्रीसिंग करने की जानकारी भी विस्तार से दी गई।
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण पहलू किसानों को आसान ट्रैक्टर ऋण सुविधाओं की जानकारी देना भी रहा। श्री रविंद्र सिंह खनेजा ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि आधुनिक खेती के लिए कृषि यंत्रीकरण जरूरी है और इसे बढ़ावा देने के लिए कंपनी किसानों को सरल फाइनेंस विकल्प उपलब्ध करा रही है। उन्होंने बताया कि कम दस्तावेजों, त्वरित स्वीकृति और आकर्षक ब्याज दरों के साथ किसानों को ट्रैक्टर ऋण की सुविधा दी जा रही है। इससे छोटे और मध्यम किसान भी आसानी से आधुनिक कृषि उपकरण खरीद सकेंगे।
गोष्ठी के दौरान “भरोसा योजना” भी किसानों के बीच चर्चा का केंद्र रही। जोनल हेड श्री मनोज गर्ग ने इस योजना की जानकारी देते हुए बताया कि किसान अपने पुराने ट्रैक्टर को उचित मूल्य पर एक्सचेंज कर नया ट्रैक्टर खरीद सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना से किसानों की लागत कम होती है और उन्हें नई तकनीक वाले ट्रैक्टर का लाभ मिलता है। किसानों ने इस योजना को काफी उपयोगी बताया, क्योंकि इससे पुराने उपकरणों को बदलना आसान हो जाता है।
सर्विस प्रमुख श्री उमेश यादव ने ट्रैक्टर सर्विस और रखरखाव के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि समय पर सर्विसिंग और सही देखभाल से ट्रैक्टर की कार्यक्षमता बढ़ती है और अनावश्यक खर्चों से बचा जा सकता है। किसानों ने भी इस विषय पर अपने सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तार से जवाब दिया।
कार्यक्रम के दौरान कंपनी अधिकारियों ने किसानों को ACE ट्रैक्टरों की प्रमुख विशेषताओं, उनकी मजबूती, ईंधन दक्षता और आधुनिक तकनीकी सुविधाओं के बारे में जानकारी दी। किसानों ने ट्रैक्टरों के प्रदर्शन में विशेष रुचि दिखाई। इसी का परिणाम रहा कि कार्यक्रम में मौजूद 19 अन्य किसानों ने भी नए ट्रैक्टर खरीदने की इच्छा जताई।
कार्यक्रम के समापन पर जोनल हेड श्री मनोज गर्ग ने कहा कि इस प्रकार की किसान हितैषी गोष्ठियां मध्य प्रदेश में नियमित रूप से आयोजित की जाएंगी। उनका उद्देश्य किसानों तक नई कृषि तकनीक, योजनाओं और आधुनिक मशीनों की जानकारी पहुंचाना है, ताकि खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सके।
यह मेगा किसान गोष्ठी केवल एक व्यावसायिक कार्यक्रम नहीं रही, बल्कि किसानों के लिए सीखने, समझने और आधुनिक कृषि तकनीकों से जुड़ने का महत्वपूर्ण मंच साबित हुई। आयोजन ने किसानों के बीच विश्वास, जागरूकता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया, जो भविष्य में कृषि यंत्रीकरण को नई दिशा देने में मददगार साबित हो सकता है।

