ग्रामीण लोकतंत्र में महिलाओं की नेतृत्व भूमिका को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से Ministry of Panchayati Raj द्वारा नई दिल्ली में “सशक्त पंचायत-नेत्री अभियान” पर महिला निर्वाचित प्रतिनिधियों का राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय पंचायती राज तथा मत्स्य, पशुपालन और डेयरी मंत्री Rajiv Ranjan Singh (ललन सिंह) मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
सम्मेलन के दौरान महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए “निर्भय रहो” पहल की भी शुरुआत की गई। यह पहल महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करने और पंचायत स्तर पर सुरक्षित माहौल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने कहा कि Sashakt Panchayat-Netri Abhiyan का उद्देश्य महिलाओं को जमीनी लोकतंत्र के नेतृत्व में आगे लाना है। उन्होंने बताया कि देशभर में लगभग 14.5 लाख महिला निर्वाचित प्रतिनिधि पंचायत व्यवस्था में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। आज वे केवल भागीदारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्थानीय शासन की दिशा तय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। पंचायतों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से ग्रामीण प्रशासन में नई ऊर्जा और दृष्टिकोण देखने को मिल रहा है।
इस अवसर पर “मॉडल महिला-अनुकूल ग्राम पंचायतों” से जुड़ी श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों का संकलन और “Championing Change: Stories of Women Leading Grassroots Democracy in India” नामक पुस्तक भी जारी की गई। इन प्रकाशनों में देशभर की उन महिला प्रतिनिधियों की प्रेरणादायक कहानियों को शामिल किया गया है, जिन्होंने पंचायत स्तर पर प्रभावी नेतृत्व का उदाहरण पेश किया है।
कार्यक्रम के दौरान 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आई उत्कृष्ट महिला पंचायत नेताओं को भी सम्मानित किया गया। इन महिलाओं ने ग्रामीण विकास, स्थानीय प्रशासन और सामाजिक परिवर्तन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देश में पंचायत प्रतिनिधियों में करीब 46 प्रतिशत महिलाएं हैं, जो स्थानीय शासन में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि पंचायतों को मजबूत बनाने के लिए वित्तीय सहायता भी लगातार बढ़ाई जा रही है। उदाहरण के तौर पर, 16वें वित्त आयोग ने वर्ष 2026 से 2031 के बीच ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए 4.35 लाख करोड़ रुपये की सिफारिश की है।
सम्मेलन में केंद्रीय राज्य मंत्री S. P. Singh Baghel ने भी महिलाओं की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि पंचायतों में आरक्षण और संवैधानिक प्रावधानों के कारण आज महिलाएं नेतृत्व की भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों और क्षमता निर्माण पहलों के माध्यम से महिला प्रतिनिधियों को प्रभावी प्रशासन के लिए तैयार किया जा रहा है।
इस दौरान पंचायत प्रतिनिधियों के लिए कानूनी अधिकारों, नेतृत्व क्षमता और लैंगिक समानता पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर भी चर्चा हुई। “निर्भय रहो” पहल के तहत महिला प्रतिनिधियों को सशक्त बनाने के साथ-साथ पुरुष पंचायत प्रतिनिधियों को भी लैंगिक समानता के प्रति संवेदनशील बनाने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम में देशभर से 700 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें पंचायत प्रतिनिधि, नीति विशेषज्ञ और विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल थे। विशेषज्ञों का मानना है कि पंचायत स्तर पर महिलाओं का मजबूत नेतृत्व ग्रामीण विकास को नई दिशा देने के साथ-साथ समावेशी और संतुलित शासन व्यवस्था स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

