• About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Fasal Kranti Agriculture News
Advertisement
  • Home
  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes
  • Animal Husbandry
  • Login
No Result
View All Result
  • Home
  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes
  • Animal Husbandry
No Result
View All Result
Fasal Kranti Agriculture News
No Result
View All Result

पश्चिम एशिया संकट का असर: कीटनाशक उद्योग पर बढ़ेगा दबाव, किसानों की लागत 20-25% तक बढ़ने की आशंका

Fiza by Fiza
March 20, 2026
in Uncategorized
0
पश्चिम एशिया संकट का असर: कीटनाशक उद्योग पर बढ़ेगा दबाव, किसानों की लागत 20-25% तक बढ़ने की आशंका
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर अब भारतीय कृषि क्षेत्र पर भी दिखाई देने लगा है। फसल सुरक्षा क्षेत्र की अग्रणी शोध-आधारित कंपनियों के संगठन क्रॉपलाइफ इंडिया ने चेतावनी दी है कि आपूर्ति शृंखला और प्रमुख समुद्री शिपिंग मार्गों में आई बाधाओं के कारण भारतीय कीटनाशक उद्योग पर गंभीर दबाव बन सकता है। इसका सीधा असर उत्पादन लागत, उपलब्धता और अंततः किसानों के खर्च पर पड़ने की आशंका जताई गई है।

क्रॉपलाइफ इंडिया के अध्यक्ष तथा क्रिस्टल क्रॉप प्रोटेक्शन लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक अंकुर अग्रवाल ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों के कारण फसल सुरक्षा उद्योग के लिए इनपुट लागत में लगभग 20 से 25 प्रतिशत तक वृद्धि हो सकती है। यदि ऐसा होता है, तो इसका बोझ किसानों तक पहुंचेगा और उन्हें कृषि आदानों पर अधिक खर्च करना पड़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि आपूर्ति में बाधा के कारण कृषि के महत्वपूर्ण मौसम में कुछ फसल सुरक्षा उत्पादों की कमी पैदा हो सकती है, जिससे उपज और गुणवत्ता दोनों प्रभावित हो सकती हैं।

उद्योग संगठन के अनुसार, इस संकट का असर केवल कीमतों तक सीमित नहीं रहेगा। तकनीकी और फॉर्मुलेशन संयंत्रों में इस अवधि के दौरान क्षमता उपयोग में कमी आने की संभावना है। इसका प्रभाव उद्योग की आय, उत्पादन गतिविधियों और रोजगार पर भी पड़ सकता है, खासकर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों यानी एमएसएमई क्षेत्र पर। इस स्थिति को देखते हुए क्रॉपलाइफ इंडिया ने ऊर्जा क्षेत्र में समर्थन और प्रोत्साहन की मांग की है, ताकि देश में स्थानीय उत्पादन और विनिर्माण क्षमता को मजबूत किया जा सके।

अंकुर अग्रवाल ने कहा कि यह समय उद्योग, सरकार और नियामक संस्थाओं के बीच समन्वय बढ़ाने का है। उन्होंने दोहराया कि क्रॉपलाइफ इंडिया भारत सरकार के साथ मिलकर विज्ञान-आधारित, पूर्वानुमेय और वैश्विक मानकों के अनुरूप नियामक ढांचा विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उनका कहना है कि ऐसा नियामक वातावरण नवाचार को बढ़ावा देगा और साथ ही किसानों के हितों, उपभोक्ता सुरक्षा और पर्यावरणीय स्थिरता की भी रक्षा करेगा।

संगठन ने एक और गंभीर चिंता भी जताई है। क्रॉपलाइफ इंडिया का कहना है कि आपूर्ति में कमी और बाजार में अस्थिरता की स्थिति अवैध, नकली या घटिया गुणवत्ता वाले उत्पादों के प्रसार को बढ़ावा दे सकती है। ऐसे में निगरानी तंत्र को सक्रिय रखना और बाजार पर कड़ी नजर बनाए रखना बेहद जरूरी है। नकली या घटिया कृषि रसायनों का उपयोग न केवल किसानों की लागत बढ़ाता है, बल्कि फसलों की सेहत, उत्पादकता और पर्यावरण के लिए भी नुकसानदायक हो सकता है।

क्रॉपलाइफ इंडिया 17 शोध-आधारित सदस्य कंपनियों का संगठन है, जो देश के फसल सुरक्षा बाजार का लगभग 70 प्रतिशत प्रतिनिधित्व करता है। संगठन का दावा है कि भारत में प्रस्तुत की गई 95 प्रतिशत नई अणु-आधारित तकनीकों के पीछे उसकी सदस्य कंपनियों की भूमिका रही है। यह संगठन सुरक्षित और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने तथा किसानों तक बेहतर फसल सुरक्षा समाधान पहुंचाने के लिए कार्यरत है।

 

Previous Post

तेलंगाना में प्राकृतिक खेती की नई क्रांति, 61 हजार किसानों को मिलेगी ट्रेनिंग, 42 करोड़ की योजना शुरू

Next Post

गोवा के ग्रामीण निकायों को मजबूती: केंद्र ने जारी किए 15वें वित्त आयोग के तहत करोड़ों रुपये के अनुदान

Next Post
गोवा के ग्रामीण निकायों को मजबूती: केंद्र ने जारी किए 15वें वित्त आयोग के तहत करोड़ों रुपये के अनुदान

गोवा के ग्रामीण निकायों को मजबूती: केंद्र ने जारी किए 15वें वित्त आयोग के तहत करोड़ों रुपये के अनुदान

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

  • बेंगलुरु में खगोल विज्ञान को नई उड़ान, 75 करोड़ की अत्याधुनिक इमारत का शिलान्यास
  • जम्मू-कश्मीर को 8000 करोड़ की विकास सौगात: सड़कों, महिलाओं और किसानों के लिए बड़ा पैकेज
  • बिहार को मिला बड़ा औद्योगिक बूस्ट, बिहटा में प्रौद्योगिकी केंद्र और 4 एक्सटेंशन सेंटर का उद्घाटन
  • लू से बचाव के लिए केंद्र सरकार अलर्ट: श्रमिकों की सुरक्षा हेतु राष्ट्रव्यापी एडवाइजरी जारी
  • नई दिल्ली में जुटे वैश्विक विशेषज्ञ, भू-स्थानिक तकनीक से मजबूत होगा भूमि शासन और विकास मॉडल

Recent Comments

No comments to show.
Fasal Kranti is a leading monthly agricultural magazine dedicated to empowering Indian farmers. Published scince 2013 in Hindi, Punjabi, Marathi, and Gujarati, it provides valuable insights, modern farming techniques, and the latest agricultural updates. With a vision to support 21st-century farmers, Fasal Kranti strives to be a trusted source of knowledge and innovation in the agricultural sector.

Category

  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes

Newsletter

Subscribe to our Newsletter. You choose the topics of your interest and we’ll send you handpicked news and latest updates based on your choice.

Subscribe Now

Contact

Promote your brand with Fasalkranti. Connect with us for advertising.
  • E-Mail: info@fasalkranti.in
  • Phone: +91 9625941688
Copyrights © 2026. Fasal Kranti, Inc. All Rights Reserved. Maintained By Fasalkranti Team .

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

Add New Playlist

No Result
View All Result
  • Home
  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes
  • Animal Husbandry

© 2026 Fasalkranti - News and Magazine by Fasalkranti news.