केंद्र सरकार ने गोवा में पंचायती राज संस्थाओं और ग्रामीण स्थानीय निकायों को मजबूत बनाने के लिए 15वें वित्त आयोग के तहत वित्त वर्ष 2025–26 में अनुदान राशि जारी की है। इस कदम से राज्य की जिला पंचायतों और ग्राम पंचायतों को बुनियादी सेवाओं के विकास में मदद मिलेगी, खासकर स्वच्छता, पेयजल और ग्रामीण अवसंरचना से जुड़े कार्यों में।
जारी की गई राशि में वित्त वर्ष 2023–24 के लिए टाइड ग्रांट की दूसरी किस्त के रूप में 15.77 करोड़ रुपये शामिल हैं। यह राशि गोवा की 2 पात्र जिला पंचायतों और 170 ग्राम पंचायतों के लिए उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा, वित्त वर्ष 2023–24 की टाइड ग्रांट की पहली किस्त का रोका गया 2.84 करोड़ रुपये का हिस्सा भी जारी कर दिया गया है, जिससे अतिरिक्त पात्र 2 जिला पंचायतों और 3 ग्राम पंचायतों को लाभ मिलेगा।
केंद्र सरकार की ओर से यह अनुदान पंचायती राज संस्थाओं और ग्रामीण स्थानीय निकायों को वित्तीय रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इन निधियों का उद्देश्य गांवों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाना और स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को गति देना है।
सरकारी व्यवस्था के अनुसार, पंचायती राज मंत्रालय और जल शक्ति मंत्रालय का पेयजल एवं स्वच्छता विभाग राज्यों के लिए 15वें वित्त आयोग के तहत अनुदान जारी करने की सिफारिश करते हैं, जिसके बाद वित्त मंत्रालय द्वारा धनराशि जारी की जाती है। यह अनुदान सामान्यतः एक वित्त वर्ष में दो किस्तों में जारी किया जाता है।
इन अनुदानों में अनटाइड ग्रांट और टाइड ग्रांट दोनों का प्रावधान होता है। अनटाइड ग्रांट का उपयोग पंचायती राज संस्थाएं संविधान की ग्यारहवीं अनुसूची में शामिल 29 विषयों के तहत स्थानीय जरूरतों के अनुरूप विकास कार्यों में कर सकती हैं। हालांकि, इस राशि का उपयोग वेतन या अन्य प्रशासनिक खर्चों के लिए नहीं किया जा सकता।
वहीं टाइड ग्रांट का उपयोग मुख्य रूप से बुनियादी सेवाओं के लिए किया जाता है। इसमें स्वच्छता, ओडीएफ स्थिति बनाए रखना, घरेलू कचरे का प्रबंधन, मानव मल एवं फीकल स्लज प्रबंधन, पेयजल आपूर्ति, वर्षा जल संचयन और जल पुनर्चक्रण जैसे कार्य शामिल हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस अनुदान से गोवा के ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सेवाओं को बेहतर बनाने, पंचायतों की कार्यक्षमता बढ़ाने और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप योजनाओं को लागू करने में मदद मिलेगी। इससे ग्रामीण विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।

