बॉलीवुड एक्टर Arjun Rampal इन दिनों फिल्म धुरंधर फ्रेंचाइजी में मेजर इकबाल के दमदार किरदार को लेकर सुर्खियों में हैं। उनकी एक्टिंग को दर्शकों से खूब सराहना मिल रही है। इसी बीच उन्होंने एक ऐसा निजी अनुभव साझा किया है, जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया।
दरअसल, 2008 Mumbai attacks से जुड़ा यह किस्सा अर्जुन रामपाल की जिंदगी का बेहद संवेदनशील और खौफनाक हिस्सा है। उन्होंने Kalli Purie से बातचीत में बताया कि किस तरह वो उस हमले का शिकार होते-होते बच गए थे।
अर्जुन ने खुलासा किया कि 26 नवंबर का दिन उनके लिए हमेशा खास रहा है, क्योंकि इसी दिन उनका जन्मदिन होता है। साल 2008 में भी वह अपने दोस्तों के साथ इस खास दिन को सेलिब्रेट करने की तैयारी में थे। उन्होंने बताया कि वे मुंबई के ताज होटल की ओर जा रहे थे, जहां जन्मदिन की पार्टी प्लान थी।
लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। अर्जुन ने बताया कि उनके एक दोस्त को तैयार होने में थोड़ी देर हो रही थी। इसी वजह से वे और उनके बाकी दोस्त पास के एक बार में इंतजार करते हुए ड्रिंक्स लेने चले गए। तभी अचानक एक जोरदार धमाका हुआ।
अर्जुन ने उस पल को याद करते हुए कहा कि धमाके की आवाज इतनी भयानक थी कि आसपास की खिड़कियां और कांच तक हिल गए। कुछ पल के लिए सभी लोग समझ ही नहीं पाए कि आखिर हुआ क्या है। धीरे-धीरे जब हालात स्पष्ट हुए, तब पता चला कि मुंबई पर आतंकी हमला हुआ है।
उन्होंने भावुक होकर कहा कि अगर उनका दोस्त देर न करता, तो शायद वे भी उस हमले की चपेट में आ सकते थे। अर्जुन ने अपने उस दोस्त का शुक्रिया अदा किया और कहा कि उसकी देरी ही उनकी जिंदगी बचाने की वजह बनी।
एक्टर ने यह भी बताया कि इस दर्दनाक अनुभव ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया था। यही वजह है कि जब उन्होंने Aditya Dhar की फिल्म धुरंधर में 26/11 से जुड़ा सीन निभाया, तो वह सिर्फ एक्टिंग नहीं थी, बल्कि उनके लिए एक तरह से भावनात्मक “बदला” था।
अर्जुन के मुताबिक, उस ट्रॉमा ने उन्हें उस सीन को पूरी सच्चाई और गहराई के साथ निभाने में मदद की। उनके इस खुलासे ने एक बार फिर 26/11 की भयावह यादों को ताजा कर दिया है और यह भी दिखाया कि जिंदगी और मौत के बीच कभी-कभी बस एक छोटी सी देरी का फर्क होता है।

