Delhi Budget 2026: दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने मंगलवार को विधानसभा में 1,03,700 करोड़ रुपये का महत्वाकांक्षी बजट पेश किया, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यावरण को केंद्र में रखा गया है। इस बजट की खास बात यह रही कि पहली बार एमसीडी और दिल्ली जल बोर्ड को इतने बड़े स्तर पर फंड आवंटित किए गए हैं, जिससे राजधानी के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का स्पष्ट संकेत मिलता है।
मुख्यमंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि दिल्ली प्रति व्यक्ति आय के मामले में देश में तीसरे स्थान पर पहुंच गई है, जो सरकार की आर्थिक नीतियों की सफलता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष 1 लाख करोड़ का ऐतिहासिक बजट पेश किया गया था और इस बार इसे और विस्तार देते हुए विकास को नई गति देने का प्रयास किया गया है।
इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को इस बजट में सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी गई है। पहले जहां इस क्षेत्र पर महज 6-7 हजार करोड़ रुपये खर्च होते थे, वहीं अब यह राशि बढ़कर 28 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। पीडब्ल्यूडी विभाग को 5,921 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिससे सड़कों के नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा। इसके अलावा, दिल्ली की सड़कों को धूल मुक्त बनाने के लिए 1,392 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
लंबे समय से लंबित बारापुला कॉरिडोर परियोजना को पूरा करने के लिए 210 करोड़ रुपये दिए गए हैं। वहीं, 52,000 किलोमीटर लंबी बिजली की तारों को भूमिगत करने के लिए 200 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है, जिससे न सिर्फ शहर की सुंदरता बढ़ेगी बल्कि सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
पूर्वी दिल्ली यानी यमुना पार क्षेत्र के विकास के लिए पहले चरण में 300 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज घोषित किया गया है। इसके अलावा दिल्ली ग्राम बोर्ड के लिए 787 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे ग्रामीण इलाकों में भी विकास कार्यों को गति मिलेगी।
जल प्रबंधन के क्षेत्र में भी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली जल बोर्ड को 9,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। जलभराव की समस्या से निपटने के लिए एक व्यापक मास्टर प्लान तैयार किया गया है, जबकि सिंचाई विभाग के लिए 610 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
बाढ़ नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 50 करोड़ रुपये की लागत से सुरक्षा दीवार के निर्माण की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री ने बताया कि यमुना नदी के जलस्तर के 207 के पार जाने के बावजूद बाढ़ नहीं आई, जिसका श्रेय समय पर की गई डिसिल्टिंग प्रक्रिया को जाता है।
सामाजिक क्षेत्र में भी सरकार ने कई घोषणाएं की हैं। छात्राओं को साइकिल और मेधावी छात्रों को लैपटॉप देने की योजना को इस बजट में शामिल किया गया है, जिससे शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और डिजिटल अंतर को कम करने में मदद मिलेगी।
कुल मिलाकर, यह बजट दिल्ली को आधुनिक, स्वच्छ और बेहतर बुनियादी सुविधाओं वाला शहर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

