हफ्ते की शुरुआत के साथ ही सर्राफा बाजार में सोना और चांदी दोनों की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई है। घरेलू वायदा बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान सोने के दाम में 3,000 रुपये से अधिक की गिरावट देखने को मिली, वहीं चांदी भी करीब 2,000 रुपये तक सस्ती हो गई। विशेषज्ञों के अनुसार यह गिरावट वैश्विक बाजार में डॉलर की मजबूती और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के प्रभाव के कारण आई है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर जून डिलीवरी वाला सोना पिछले कारोबारी सत्र में लगभग 1,47,255 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ था। नए कारोबारी दिन की शुरुआत में यह करीब 1,46,850 रुपये पर खुला और कुछ ही समय में गिरकर लगभग 1,44,200 रुपये तक पहुंच गया। सुबह के कारोबार में इसमें करीब 1,500 रुपये से अधिक की गिरावट के साथ यह लगभग 1,45,600 रुपये के आसपास ट्रेड करता दिखाई दिया।
इसी तरह चांदी के दाम में भी कमजोरी देखने को मिली। मई डिलीवरी वाली चांदी पहले जहां करीब 2,27,900 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बंद हुई थी, वहीं नए सत्र में यह गिरावट के साथ खुली और शुरुआती कारोबार में करीब 2,25,800 रुपये के स्तर तक आ गई। यह लगभग 2,000 रुपये से अधिक की गिरावट को दर्शाता है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर
वैश्विक स्तर पर भी सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का रुख बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना एक फीसदी से अधिक गिरकर करीब 4,439 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया है। वहीं अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर में भी गिरावट दर्ज की गई है। चांदी की कीमतों में भी कमजोरी देखने को मिली और यह गिरकर करीब 68 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गई।
बताया जा रहा है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ है, जिसका सीधा असर कीमती धातुओं पर पड़ा है। आमतौर पर डॉलर मजबूत होने पर सोना और चांदी निवेशकों के लिए कम आकर्षक हो जाते हैं, जिससे इनके दाम नीचे आते हैं।
18 साल की सबसे बड़ी मासिक गिरावट
मार्च महीने में सोने की कीमतों में अब तक करीब 16 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, जो वर्ष 2008 के बाद सबसे बड़ी मासिक गिरावट मानी जा रही है। यह स्थिति निवेशकों के लिए चौंकाने वाली है, क्योंकि आमतौर पर अनिश्चितता के दौर में सोना सुरक्षित निवेश माना जाता है। हालांकि इस बार वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और मुद्रा बाजार के बदलावों ने इसके रुख को प्रभावित किया है।
क्या आगे और गिर सकते हैं दाम?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल सोना और चांदी दोनों ही अंतरराष्ट्रीय संकेतों के आधार पर चल रहे हैं। यदि डॉलर मजबूत बना रहता है और वैश्विक तनाव की स्थिति बनी रहती है, तो कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। हालांकि लंबे समय के निवेशकों के लिए यह गिरावट खरीदारी का अवसर भी मानी जा रही है।
घरेलू बाजार पर असर
देश के विभिन्न शहरों में भी सोने-चांदी के खुदरा दामों में गिरावट देखने को मिल सकती है। ज्वैलरी बाजार में इसकी वजह से ग्राहकों की रुचि बढ़ने की संभावना है, खासकर शादी और त्योहारों के सीजन को ध्यान में रखते हुए।
कुल मिलाकर, आज का दिन सर्राफा बाजार के लिए उतार-चढ़ाव भरा रहा, जहां निवेशकों और खरीदारों दोनों के लिए नई संभावनाएं और चुनौतियां सामने आई हैं।

