भारत ट्राइब्स फेस्ट 2026 के अंतर्गत आयोजित “वन धन कॉन्क्लेव” ने जनजातीय समुदायों के सतत विकास और आर्थिक सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को एक बार फिर मजबूत किया। यह कार्यक्रम नई दिल्ली के सुंदर नर्सरी में “जनजातीय भारत के लिए स्थायी आजीविका” विषय पर आयोजित किया गया, जिसमें नीति निर्माताओं, विशेषज्ञों और जनजातीय उद्यमियों ने भाग लिया।
कॉन्क्लेव का उद्घाटन जनजातीय कार्य राज्य मंत्री दुर्गादास उइके ने किया। इस अवसर पर उन्होंने ‘भारत ट्राइब्स फेस्ट बाजार’ में लगे स्टॉलों का अवलोकन किया और जनजातीय शिल्पकारों से संवाद कर उनके कार्यों की सराहना की। उन्होंने शिल्पकारों को अपने पारंपरिक कौशल को बनाए रखते हुए आधुनिक बाजार से जुड़ने और अपने उत्पादों का विस्तार करने के लिए प्रेरित किया।
अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार जनजातीय समुदायों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने विशेष रूप से लघु वनोपज (एमएफपी) के मूल्य संवर्धन और उद्यमिता को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि “वन धन” पहल ने जनजातीय समुदायों की आय बढ़ाने और उन्हें बाजार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इस कॉन्क्लेव का आयोजन ट्राईफेड (TRIFED) द्वारा जनजातीय कार्य मंत्रालय के तहत किया गया। उद्घाटन सत्र में ट्राईफेड के प्रबंध निदेशक एम. राजामुरुगन, मंत्रालय के अपर सचिव मनीष ठाकुर और पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित चैत्रम देवचंद पवार ने अपने विचार साझा किए।
मनीष ठाकुर ने अपने संबोधन में नवाचार, विभिन्न योजनाओं के समन्वय और बाजार एकीकरण को स्थायी आजीविका के लिए आवश्यक बताया। वहीं चैत्रम देवचंद पवार ने पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण, क्षमता निर्माण और पर्यावरण के अनुकूल प्रथाओं को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
कॉन्क्लेव के दौरान चार प्रमुख विषयों पर चर्चा की गई, जिनमें सामुदायिक सहभागिता, कानूनी और संचालन संबंधी चुनौतियाँ, वन धन विकास केंद्रों की मूल्य श्रृंखला को मजबूत करना और घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच बढ़ाना शामिल था। इन विषयों पर गहन विचार-विमर्श के माध्यम से जनजातीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में सुझाव दिए गए।
कार्यक्रम में केंद्र और राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों, निजी क्षेत्र, गैर-सरकारी संगठनों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी रही। इससे विभिन्न क्षेत्रों के अनुभवों और ज्ञान का आदान-प्रदान संभव हो सका, जो जनजातीय विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ट्राईफेड ने अब तक लघु वनोपज और जनजातीय उत्पादों के व्यापार को बढ़ावा देकर लाखों लोगों को लाभ पहुंचाया है। प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन के तहत देशभर में हजारों वन धन विकास केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनसे लाखों जनजातीय परिवारों की आय में वृद्धि हुई है।
यह कॉन्क्लेव जनजातीय समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ने, उनकी आजीविका को सुदृढ़ करने और सतत विकास के लक्ष्य को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया है।
आयोजकों ने लोगों से अपील की है कि वे “भारत ट्राइब्स फेस्ट 2026” में भाग लेकर जनजातीय संस्कृति, हस्तशिल्प और उद्यमशीलता की झलक का अनुभव करें। यह महोत्सव 5 अप्रैल 2026 तक जारी रहेगा।

