कृषि क्षेत्र में युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित एग्री-क्लिनिक्स और एग्री-बिजनेस सेंटर्स (ACABC) कार्यक्रम का समापन आज नोडल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट “जय बजरंग प्रतिष्ठान, बड़ौत” में उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर छपरौली, बागपत के माननीय विधायक डॉ. अजय कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत नोडल ऑफिसर श्री जे.के. श्योरान द्वारा मुख्य अतिथि का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत करने के साथ हुई। समापन समारोह में बड़ी संख्या में प्रशिक्षु, कृषि विशेषज्ञ और स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. अजय कुमार ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम आज के युवाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि एग्री-क्लिनिक्स और एग्री-बिजनेस सेंटर्स जैसी योजनाएं युवाओं को सिर्फ नौकरी तलाशने के बजाय खुद रोजगार सृजक बनने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से अपील की कि वे प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान और कौशल का उपयोग करते हुए कृषि क्षेत्र में नवाचार करें और गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान दें।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि श्री जे.एस. गुलिया ने अपने संबोधन में कहा कि यह योजना युवाओं को कृषि आधारित व्यवसाय शुरू करने का सुनहरा अवसर प्रदान करती है। उन्होंने बताया कि सही मार्गदर्शन और प्रशिक्षण के माध्यम से युवा सफल उद्यमी बन सकते हैं और अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकते हैं।
कार्यक्रम के समन्वयक श्री वसीम अहमद ने प्रशिक्षणार्थियों को एग्री-क्लिनिक्स और एग्री-बिजनेस सेंटर्स योजना के विभिन्न पहलुओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत प्रतिभागियों को निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है, जिससे वे कृषि से जुड़े आधुनिक तकनीकी और व्यावसायिक कौशल सीख सकें। इसके अलावा, प्रशिक्षण के बाद प्रतिभागियों को अपना व्यवसाय स्थापित करने के लिए बैंक के माध्यम से 20 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है, जिस पर लगभग 8.80 लाख रुपये तक की सब्सिडी भी दी जाती है।
उन्होंने यह भी बताया कि यह योजना National Bank for Agriculture and Rural Development के सहयोग से संचालित होती है और पूरे देश में MANAGE Hyderabad के मार्गदर्शन में लागू की जा रही है। इसका उद्देश्य कृषि क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना और किसानों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है।
कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण पूर्ण करने पर प्रमाण पत्र वितरित किए गए। साथ ही, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जिससे अन्य प्रतिभागियों को भी प्रेरणा मिली। इस अवसर पर कई प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि यह प्रशिक्षण उनके लिए बेहद उपयोगी और प्रेरणादायक साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें न केवल नई तकनीकों की जानकारी मिली, बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ा है।
समापन के अवसर पर नोडल अधिकारी श्री जे.के. श्योरान ने सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों और प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम बन रहे हैं और भविष्य में भी ऐसे प्रयास जारी रहेंगे।
कुल मिलाकर, बागपत में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ, बल्कि कृषि क्षेत्र में नवाचार और उद्यमिता को भी बढ़ावा देने वाला कदम रहा।

