नई दिल्ली में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्पष्ट किया कि भारतीय रेलवे का मुख्य उद्देश्य गरीब और मध्यम वर्ग के यात्रियों को सस्ती, सुरक्षित और बेहतर यात्रा सुविधा प्रदान करना है। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें।
रेल भवन से आयोजित इस बैठक में रेल मंत्री ने पिछले वर्ष के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि रेल दुर्घटनाओं में ऐतिहासिक कमी और रिकॉर्ड स्तर पर माल ढुलाई भारतीय रेलवे की बड़ी उपलब्धियां रही हैं। इसके साथ ही त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में विशेष ट्रेनों का संचालन कर यात्रियों की बढ़ी हुई मांग को सफलतापूर्वक पूरा किया गया, जिससे रेलवे की छवि में सकारात्मक सुधार आया है।
स्टेशन साफ-सफाई और सुविधाओं पर विशेष जोर
रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे स्टेशन देश की पहचान होते हैं और ये यात्रियों के सामने भारतीय रेलवे का चेहरा प्रस्तुत करते हैं। इसलिए सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे अपने-अपने स्टेशनों को साफ-सुथरा और सुव्यवस्थित रखें। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि आधुनिकीकरण के लिए आवंटित धन का सही उपयोग करते हुए यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित की जाएं।
त्योहारों और विशेष अवसरों पर बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए प्लेटफॉर्म तक यात्रियों की सुगम पहुंच सुनिश्चित करना भी प्राथमिकता में शामिल किया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे भीड़ प्रबंधन के लिए प्रभावी योजना बनाएं और यात्रियों को बिना किसी परेशानी के ट्रेन तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
रेलवे परियोजनाओं और भूमि मुद्दों पर मानवीय दृष्टिकोण
बैठक में रेलवे परियोजनाओं से जुड़े भूमि अधिग्रहण और अतिक्रमण के मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। रेल मंत्री ने कहा कि यह एक संवेदनशील विषय है और इससे जुड़े लोगों की आजीविका प्रभावित न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे मामलों का समाधान मानवीय दृष्टिकोण से किया जाए और आवश्यकता पड़ने पर राज्य सरकारों के अनुभवी अधिकारियों की सहायता ली जाए।
सुरक्षित और सुविधाजनक आवागमन के लिए नई पहल
रेल मंत्री ने रेलवे ट्रैक पार करने की व्यवस्था को और अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भविष्य में फुटओवर ब्रिज के बजाय भूमिगत पुलियाओं (अंडरपास) के निर्माण को प्राथमिकता दी जाएगी।
इन पुलियाओं को इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि पैदल यात्रियों के साथ-साथ साइकिल, स्कूटर और मोटरसाइकिल चालक भी आसानी से उनका उपयोग कर सकें। ग्रामीण क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए कुछ स्थानों पर ऐसी चौड़ी पुलियाएं भी बनाई जाएंगी, जिनसे ट्रैक्टर और अन्य वाहन भी गुजर सकें। इस दिशा में देश के विभिन्न हिस्सों में पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
समयबद्धता और बेहतर सेवा पर फोकस
रेल मंत्री ने उन रेलवे जोनों की सराहना की, जिन्होंने 85% से अधिक ट्रेनों का समय पर संचालन सुनिश्चित किया। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद हासिल किया गया है और इसे आगे भी बनाए रखना जरूरी है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बेहतर योजना, सतत प्रयास और यात्री-केंद्रित दृष्टिकोण के माध्यम से रेलवे सेवाओं की गुणवत्ता को लगातार सुधारते रहना होगा।
यात्रियों के लिए बेहतर भविष्य की दिशा
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दोहराया कि भारतीय रेलवे आने वाले समय में सुरक्षा, स्वच्छता, समयबद्धता और यात्री सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देगा। आधुनिक तकनीक, बेहतर बुनियादी ढांचे और प्रभावी प्रबंधन के जरिए रेलवे देश के हर वर्ग के यात्रियों को बेहतर अनुभव देने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा।
कुल मिलाकर, यह समीक्षा बैठक भारतीय रेलवे के भविष्य के लिए एक स्पष्ट दिशा तय करती है, जिसमें यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और संतुष्टि को केंद्र में रखकर योजनाएं बनाई जा रही हैं।

