जनजातीय समुदायों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए कार्यरत राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त और विकास निगम (एनएसटीएफडीसी) आज अपना 25वां स्थापना दिवस धूमधाम से मना रहा है। यह विशेष कार्यक्रम नई दिल्ली के विश्व युवा केंद्र में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देशभर से जनजातीय उद्यमी, नीति-निर्माता और गणमान्य अतिथि शामिल हो रहे हैं।
इस अवसर पर जनजातीय मामलों के केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे। उनके साथ केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गा दास उइके और मंत्रालय की सचिव रंजना चोपड़ा भी उपस्थित रहेंगी। कार्यक्रम में एनएसटीएफडीसी के सीएमडी टी. रूमुआन पैते सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और पूर्व पदाधिकारी भी भाग ले रहे हैं।
वर्ष 2001 में स्थापित एनएसटीएफडीसी पिछले 25 वर्षों से अनुसूचित जनजातियों के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह संस्था राज्य चैनलिंग एजेंसियों के माध्यम से जनजातीय समुदायों को रियायती दरों पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराती है, जिससे वे स्वरोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ सकें।
स्थापना दिवस समारोह के दौरान देशभर के उन सफल जनजातीय उद्यमियों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने एनएसटीएफडीसी की योजनाओं का लाभ उठाकर अपने व्यवसाय को स्थापित किया और उसे सफल बनाया। ये उद्यमी पारंपरिक व्यंजन, डेयरी, मुर्गी पालन, मत्स्य पालन, हस्तशिल्प, खुदरा व्यापार, सिलाई और स्वास्थ्य सेवाओं जैसे विविध क्षेत्रों में सक्रिय हैं। इनकी सफलता की कहानियां अन्य लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही हैं।
कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भी विशेष आकर्षण रहेगा। आदिवासी नृत्य और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से देश के विभिन्न जनजातीय समुदायों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को प्रदर्शित किया जाएगा। यह आयोजन न केवल आर्थिक उपलब्धियों का उत्सव है, बल्कि भारत की विविध सांस्कृतिक पहचान को भी सामने लाने का अवसर है।
एनएसटीएफडीसी के अधिकारियों के अनुसार, यह 25वां स्थापना दिवस केवल एक समारोह नहीं, बल्कि जनजातीय सशक्तिकरण की दिशा में किए गए प्रयासों की समीक्षा और भविष्य की रणनीति तय करने का भी मंच है। संस्था आने वाले वर्षों में और अधिक जनजातीय युवाओं को उद्यमिता से जोड़ने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए नई योजनाएं और पहलें शुरू करने पर जोर दे रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि एनएसटीएफडीसी जैसे संस्थानों की भूमिका देश में समावेशी विकास को बढ़ावा देने में बेहद महत्वपूर्ण है। वित्तीय सहायता के साथ-साथ कौशल विकास और बाजार से जुड़ाव जैसे प्रयास जनजातीय समुदायों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में सहायक साबित हो रहे हैं।
कुल मिलाकर, एनएसटीएफडीसी का यह 25वां स्थापना दिवस जनजातीय समुदायों की उपलब्धियों का उत्सव है और यह दर्शाता है कि सही नीति और सहयोग से समाज के हर वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सकता है। यह आयोजन आने वाले समय में जनजातीय उद्यमिता को नई दिशा और गति देने का संकेत भी देता है।

