उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर स्थित नुमाइश ग्राउंड में आयोजित विशाल रोजगार मेले ने “रोजगार के महाकुंभ” का रूप ले लिया, जहां हजारों युवाओं को देश-विदेश की 100 से अधिक कंपनियों से सीधे रोजगार के अवसर प्राप्त हुए। इस भव्य आयोजन में Yogi Adityanath और केंद्रीय मंत्री Jayant Chaudhary की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और अधिक महत्व प्रदान किया।
यह आयोजन उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के तहत किया गया, जिसका उद्देश्य युवाओं को कौशल, रोजगार और नवाचार के साथ जोड़ना था।
रोजगार और स्किलिंग का बड़ा मंच
इस मेले में मैन्युफैक्चरिंग, आईटी, हेल्थकेयर, रिटेल, लॉजिस्टिक्स और सर्विस सेक्टर की प्रमुख कंपनियों ने भाग लिया। बड़ी संख्या में पहुंचे युवाओं ने उत्साहपूर्वक आवेदन किया, और कई उम्मीदवारों का मौके पर ही चयन भी हुआ।
यह आयोजन उद्योग और युवाओं के बीच एक मजबूत सेतु बनकर उभरा, जिसने रोजगार प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुलभ बनाया।
महिला उद्यमिता को मिलेगा नया बल
कार्यक्रम के दौरान National Skill Development Corporation और NITI Aayog के Women Entrepreneurship Platform (WEP) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता (SOI) किया गया।
इस पहल का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जुड़ी महिलाओं को पारंपरिक कार्यों से आगे बढ़ाकर स्केलेबल और औपचारिक उद्यमों में परिवर्तित करना है। इसके तहत महिलाओं को:
- उद्यमिता आधारित प्रशिक्षण
- वित्तीय सहायता (क्रेडिट लिंकिंग)
- साझा इंफ्रास्ट्रक्चर
- घरेलू और वैश्विक बाजारों तक पहुंच
जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ-साथ महिलाओं की आय और सामाजिक भागीदारी में भी वृद्धि होगी।
एआई रिपोर्ट ने दिखाया भविष्य का संकेत
इस मौके पर “AI Sentiment and Readiness” नामक महत्वपूर्ण रिपोर्ट का भी विमोचन किया गया, जिसे कौशल विकास मंत्रालय, Chaudhary Charan Singh University और Google Cloud के सहयोग से तैयार किया गया है।
रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्ष:
- 85% से अधिक छात्र AI को सकारात्मक और परिवर्तनकारी मानते हैं
- 73% शिक्षक AI के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हैं
- 76% युवा खुद AI समाधान विकसित करना चाहते हैं
- 81% शिक्षक शिक्षा में AI अपनाने के लिए तैयार हैं
- 90% छात्र AI को मातृभाषा में उपलब्ध कराने की मांग करते हैं
यह आंकड़े दर्शाते हैं कि भारत तेजी से “AI कंज्यूमर” से “AI क्रिएटर” बनने की दिशा में बढ़ रहा है।
युवाओं के लिए नए अवसरों का युग
केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि यह रोजगार महाकुंभ केवल नौकरी देने का मंच नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों को साकार करने का माध्यम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज के दौर में एग्रीकल्चर, ड्रोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में तेजी से अवसर बढ़ रहे हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि देश में पेटेंट फाइलिंग में 27% की वृद्धि हुई है, जो नवाचार की दिशा में बढ़ते कदमों को दर्शाता है। उनका लक्ष्य युवाओं को नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजक बनाना है।
मुख्यमंत्री का संदेश: स्थानीय स्तर पर रोजगार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को अपने ही राज्य में वैश्विक स्तर के अवसर प्रदान करते हैं, जिससे पलायन में कमी आएगी। उन्होंने युवाओं को कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने यह भी कहा कि महान नेताओं जैसे चौधरी चरण सिंह की प्रेरणा से ही किसानों, युवाओं और ग्रामीण भारत के विकास की दिशा तय होती है।
सरकारी योजनाओं का प्रदर्शन
इस आयोजन में कौशल विकास मंत्रालय द्वारा कई प्रमुख योजनाओं को भी प्रदर्शित किया गया, जिनमें शामिल हैं:
- प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY)
- प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना
- Skill India Digital Hub
- SOAR (AI के लिए स्किलिंग पहल)
- PM-SETU योजना (आईटीआई अपग्रेडेशन)
इन योजनाओं का उद्देश्य युवाओं को उद्योग की जरूरतों के अनुसार तैयार करना है।
मुजफ्फरनगर का यह “रोजगार महाकुंभ” केवल एक जॉब फेयर नहीं, बल्कि कौशल, नवाचार और उद्यमिता का संगम साबित हुआ।
महिला सशक्तिकरण, एआई आधारित शिक्षा और रोजगार के अवसरों के इस त्रिस्तरीय मॉडल ने उत्तर प्रदेश को देश में स्किल और रोजगार के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम बढ़ाया है।
आने वाले समय में ऐसे आयोजन न केवल युवाओं के भविष्य को उज्जवल बनाएंगे, बल्कि भारत को वैश्विक स्किल कैपिटल के रूप

