• About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Fasal Kranti Agriculture News
Advertisement
  • Home
  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes
  • Animal Husbandry
  • Login
No Result
View All Result
  • Home
  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes
  • Animal Husbandry
No Result
View All Result
Fasal Kranti Agriculture News
No Result
View All Result

2026 का मॉनसून रहेगा कमजोर? IMD का बड़ा अनुमान—एल नीनो का असर, बारिश हो सकती है कम!

Fiza by Fiza
April 14, 2026
in Uncategorized
0
2026 का मॉनसून रहेगा कमजोर? IMD का बड़ा अनुमान—एल नीनो का असर, बारिश हो सकती है कम!
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

देश के किसानों और आम जनता के लिए अहम खबर सामने आई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने साल 2026 के दक्षिण-पश्चिम मॉनसून को लेकर अपना पहला पूर्वानुमान जारी कर दिया है। इस अनुमान के मुताबिक, इस बार जून से सितंबर के बीच देश में सामान्य से थोड़ी कम बारिश होने की संभावना जताई गई है।

IMD के अनुसार, 2026 में मॉनसून की बारिश लंबी अवधि के औसत (LPA) के करीब 90% से 95% के बीच रह सकती है। एक अन्य मॉडल अनुमान इसे लगभग 92% (±5% त्रुटि के साथ) बताता है। यहां LPA यानी “लॉन्ग पीरियड एवरेज” का मतलब 1971 से 2020 के बीच की औसत बारिश से है, जिसे 87 सेंटीमीटर माना जाता है। इस लिहाज से देखा जाए तो इस साल बारिश सामान्य से थोड़ी कम रह सकती है, जो कृषि क्षेत्र के लिए चिंता का विषय बन सकता है।

मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो इस बार मॉनसून पर एल नीनो (El Nino) का असर पड़ने की आशंका है। एल नीनो एक ऐसी जलवायु स्थिति है, जिसमें प्रशांत महासागर के सतही पानी का तापमान बढ़ जाता है, जिससे भारत समेत कई देशों में बारिश कम हो जाती है। IMD के महानिदेशक डॉ. एम. महापात्र ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि एल नीनो के सक्रिय होने से इस बार मॉनसून कमजोर पड़ सकता है।

हालांकि, कुछ सकारात्मक संकेत भी हैं। फिलहाल हिंद महासागर में इंडियन ओशन डाइपोल (IOD) की स्थिति न्यूट्रल बनी हुई है, लेकिन मॉनसून के अंत तक इसके पॉजिटिव होने के संकेत मिल रहे हैं। पॉजिटिव IOD आमतौर पर भारत में बारिश को बढ़ावा देता है, जिससे एल नीनो के नकारात्मक प्रभाव को कुछ हद तक संतुलित किया जा सकता है।

IMD लगातार प्रशांत और हिंद महासागर के समुद्री सतह तापमान (SST) पर नजर बनाए हुए है, क्योंकि इनका सीधा असर भारतीय मॉनसून पर पड़ता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि आने वाले हफ्तों में इन कारकों में बदलाव से मॉनसून के अंतिम स्वरूप पर असर पड़ सकता है।

इसके अलावा, एक और महत्वपूर्ण संकेत उत्तरी गोलार्ध में बर्फ की मात्रा से जुड़ा है। जनवरी से मार्च के बीच उत्तरी गोलार्ध में बर्फ का कवरेज सामान्य से थोड़ा कम रहा है। मौसम विज्ञान के अनुसार, सर्दियों और वसंत ऋतु में बर्फबारी का भारतीय मॉनसून से उल्टा संबंध होता है—कम बर्फबारी का मतलब मॉनसून पर नकारात्मक असर हो सकता है।

IMD हर साल अप्रैल के मध्य में मॉनसून का पहला पूर्वानुमान जारी करता है, जबकि मई के अंत में इसे अपडेट किया जाता है। ऐसे में आने वाले समय में नए आंकड़ों के आधार पर इस अनुमान में बदलाव भी संभव है।

फिलहाल, इस शुरुआती पूर्वानुमान ने संकेत दे दिया है कि 2026 का मॉनसून सामान्य से थोड़ा कमजोर रह सकता है। ऐसे में किसानों को फसल योजना बनाते समय सतर्क रहने और मौसम के अपडेट पर नजर बनाए रखने की जरूरत है।

Previous Post

नोएडा में मजदूरों के विरोध के बाद बड़ा फैसला: यूपी सरकार ने बढ़ाई न्यूनतम मजदूरी, 1 अप्रैल से लागू नई दरें

Next Post

कश्मीर की बड़ी खोज: अब जंगल नहीं, खेतों में उगेगी ‘गुच्छी मशरूम’, किसानों की कमाई में आएगा बूम!

Next Post
कश्मीर की बड़ी खोज: अब जंगल नहीं, खेतों में उगेगी ‘गुच्छी मशरूम’, किसानों की कमाई में आएगा बूम!

कश्मीर की बड़ी खोज: अब जंगल नहीं, खेतों में उगेगी ‘गुच्छी मशरूम’, किसानों की कमाई में आएगा बूम!

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

  • Kapas ki kheti से बढ़ेगा मुनाफा जानें सही बुवाई का तरीका
  • दूध के दाम में बढ़ोतरी से डेयरी किसानों की बल्ले-बल्ले! ओडिशा, केरल और पंजाब में बड़ा फैसला
  • ट्यूबवेल से नहर की ओर बढ़े पंजाब: CM भगवंत मान की किसानों से अपील, धान सीजन से पहले छोड़ा गया रिकॉर्ड पानी
  • उच्च मूल्य औषधीय फसलों से किसानों को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम, कलमेघ की उन्नत किस्म ‘वल्लभ कलमेघ-1’ बनी उम्मीद की नई किरण
  • मई की शुरुआत में मौसम का ‘डबल अटैक’! कहीं भारी बारिश-तूफान, तो कहीं झुलसाती गर्मी- जानें आपके इलाके का हाल

Recent Comments

No comments to show.
Fasal Kranti is a leading monthly agricultural magazine dedicated to empowering Indian farmers. Published scince 2013 in Hindi, Punjabi, Marathi, and Gujarati, it provides valuable insights, modern farming techniques, and the latest agricultural updates. With a vision to support 21st-century farmers, Fasal Kranti strives to be a trusted source of knowledge and innovation in the agricultural sector.

Category

  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes

Newsletter

Subscribe to our Newsletter. You choose the topics of your interest and we’ll send you handpicked news and latest updates based on your choice.

Subscribe Now

Contact

Promote your brand with Fasalkranti. Connect with us for advertising.
  • E-Mail: info@fasalkranti.in
  • Phone: +91 9625941688
Copyrights © 2026. Fasal Kranti, Inc. All Rights Reserved. Maintained By Fasalkranti Team .

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

Add New Playlist

No Result
View All Result
  • Home
  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes
  • Animal Husbandry

© 2026 Fasalkranti - News and Magazine by Fasalkranti news.