नई दिल्ली। देश के दाल बाजार में इन दिनों Urad Dal यानी Black Gram के भाव पर दबाव देखने को मिल रहा है। कई मंडियों में मांग सामान्य है, जबकि मिलर्स जरूरत के हिसाब से ही खरीद कर रहे हैं। इसी वजह से बाजार में तेजी की रफ्तार फिलहाल कमजोर है। हालांकि, व्यापारियों और किसानों के लिए राहत की बात यह है कि Urad की घरेलू मांग मजबूत बनी हुई है, जिससे आने वाले दिनों में धीरे-धीरे रिकवरी की संभावना बन सकती है।
ताजा बाजार संकेतों के अनुसार, Black Gram Dal यानी Urad Dal का लाइव थोक भाव करीब ₹69.79 प्रति किलो बताया गया है, जबकि Whole Black Gram का थोक भाव लगभग ₹67.98 प्रति किलो के आसपास दर्ज किया गया है। अलग-अलग मंडियों में क्वालिटी, आवक और स्थानीय मांग के आधार पर भाव में अंतर देखने को मिल रहा है। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, Urad Dal की मंडी कीमतें कई जगहों पर ₹9,900 से ₹10,100 प्रति क्विंटल तक भी दर्ज की गई हैं।
बाजार पर दबाव की मुख्य वजह
Urad Dal बाजार में दबाव की सबसे बड़ी वजह सीमित खरीदारी मानी जा रही है। दाल मिलें फिलहाल बड़ी मात्रा में स्टॉक बनाने के बजाय जरूरत के अनुसार माल उठा रही हैं। दूसरी ओर, कई जगह किसानों और व्यापारियों के पास पुराना स्टॉक मौजूद है। जब बाजार में आवक बनी रहती है और खरीदारी कमजोर होती है, तो भाव पर दबाव आना स्वाभाविक है।
इसके अलावा, कुछ क्षेत्रों में स्थानीय मंडियों में माल की गुणवत्ता भी भाव को प्रभावित कर रही है। नमी अधिक होने, दाने टूटे होने या साफ-सफाई कम होने पर व्यापारियों द्वारा कम रेट लगाए जा रहे हैं। ऐसे में अच्छी क्वालिटी वाला Urad ही बेहतर भाव हासिल कर पा रहा है।
रिकवरी की उम्मीद क्यों बनी हुई है?
Urad की सबसे बड़ी मजबूती इसकी लगातार बनी रहने वाली घरेलू मांग है। भारत में Urad Dal का इस्तेमाल दाल, पापड़, वड़ा, इडली, डोसा और कई प्रोसेस्ड फूड उत्पादों में होता है। इसलिए बाजार में मांग पूरी तरह कमजोर नहीं होती। अगर आने वाले दिनों में मिलर्स की खरीद बढ़ती है, त्योहारी मांग मजबूत होती है या आवक कम होती है, तो Urad के भाव में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल सकता है।
पहले भी सरकार ने सप्लाई बढ़ाने और बाजार को स्थिर करने के प्रयासों के बाद दिल्ली और इंदौर जैसे प्रमुख बाजारों में Urad कीमतों में नरमी की बात कही थी। इससे साफ है कि Urad बाजार मांग, सप्लाई और सरकारी नीति तीनों से प्रभावित होता है।
किसानों को क्या करना चाहिए?
किसानों के लिए इस समय सबसे जरूरी है कि वे जल्दबाजी में पूरी उपज न बेचें। जिन किसानों के पास भंडारण की सुविधा है, वे अच्छी क्वालिटी वाले Urad को कुछ समय रोककर बेहतर भाव का इंतजार कर सकते हैं। हालांकि, जिन किसानों को नकदी की तुरंत जरूरत है, वे पूरी उपज बेचने के बजाय हिस्सों में बिक्री की रणनीति अपना सकते हैं।
किसानों को नजदीकी मंडियों के भाव रोजाना देखने चाहिए। एक ही राज्य या जिले की अलग-अलग मंडियों में भाव में अंतर हो सकता है। इसलिए जहां बेहतर रेट मिले, वहां बिक्री की योजना बनाना फायदेमंद रहेगा।
गुणवत्ता से मिलेगा बेहतर भाव
Urad बेचते समय किसान गुणवत्ता पर खास ध्यान दें। साफ, सूखा और कम नमी वाला माल बाजार में बेहतर दाम दिलाता है। कटाई के बाद दाने को अच्छी तरह सुखाना चाहिए और भंडारण के लिए सूखी, साफ और हवादार जगह चुननी चाहिए। बोरी को सीधे जमीन पर रखने के बजाय लकड़ी के पट्टों या प्लास्टिक शीट पर रखना बेहतर रहता है। अगर दाने में नमी ज्यादा है, तो फफूंद और खराब गंध की समस्या हो सकती है। इससे व्यापारी भाव कम कर देते हैं। इसलिए किसान बिक्री से पहले सफाई और ग्रेडिंग जरूर करें।
MSP और सरकारी खरीद पर नजर जरूरी
किसानों को MSP और सरकारी खरीद की जानकारी पर भी नजर रखनी चाहिए। अगर बाजार भाव MSP से नीचे जाता है और राज्य में खरीद केंद्र सक्रिय होते हैं, तो किसानों को पंजीकरण कराकर सरकारी खरीद का लाभ लेना चाहिए। इसके लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक, जमीन से जुड़े दस्तावेज, मोबाइल नंबर और फसल पंजीकरण जैसी जानकारी तैयार रखना जरूरी है।
निष्कर्ष
Black Gram Market में Urad फिलहाल दबाव में है, लेकिन बाजार में रिकवरी की संभावना बनी हुई है। घरेलू मांग, मिलर्स की खरीद और आवक की स्थिति आने वाले दिनों में भाव की दिशा तय करेगी। किसानों को घबराकर बिक्री करने के बजाय मंडी भाव, गुणवत्ता और भंडारण सुविधा को ध्यान में रखकर फैसला लेना चाहिए। अच्छी क्वालिटी, सही समय पर बिक्री और बाजार जानकारी किसानों को बेहतर दाम दिलाने में मदद कर सकती है।

