देशभर में फल खाने वालों के लिए राहत की खबर है। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने फलों को कृत्रिम तरीके से पकाने के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा फैसला लिया है। 16 अप्रैल 2026 को जारी नए निर्देशों में साफ कहा गया है कि खतरनाक केमिकल्स का इस्तेमाल कर फलों को पकाना पूरी तरह गैरकानूनी है और ऐसा करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
FSSAI ने खास तौर पर कैल्शियम कार्बाइड जैसे जहरीले पदार्थों के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी है। यह केमिकल लंबे समय से आम, केला और पपीता जैसे फलों को जल्दी पकाने के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है। हालांकि वैज्ञानिकों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, कैल्शियम कार्बाइड में आर्सेनिक और फॉस्फोरस जैसे हानिकारक तत्व पाए जाते हैं, जो इंसानी शरीर के लिए बेहद खतरनाक हो सकते हैं।
FSSAI के मुताबिक, ऐसे केमिकल्स से पकाए गए फल खाने से सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी, सांस लेने में तकलीफ और यहां तक कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह और भी ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है।
नए निर्देशों में यह भी कहा गया है कि फल पकाने के लिए केवल सुरक्षित और स्वीकृत तरीकों का ही इस्तेमाल किया जाए। एथिलीन गैस का नियंत्रित उपयोग एक सुरक्षित विकल्प माना गया है, जिसे वैज्ञानिक तरीके से इस्तेमाल करने पर फलों की गुणवत्ता भी बनी रहती है और स्वास्थ्य पर भी कोई बुरा असर नहीं पड़ता।
FSSAI ने राज्यों के फूड सेफ्टी विभागों को सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। बाजारों, मंडियों और कोल्ड स्टोरेज में नियमित जांच की जाएगी और जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां तुरंत कार्रवाई की जाएगी। दोषी पाए जाने पर भारी जुर्माना, लाइसेंस रद्द करने और कानूनी कार्रवाई जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।
इस सख्ती का उद्देश्य सिर्फ कानून लागू करना नहीं, बल्कि आम लोगों की सेहत की रक्षा करना है। गर्मियों के मौसम में फलों की मांग बढ़ जाती है और इसी का फायदा उठाकर कुछ व्यापारी जल्दी मुनाफा कमाने के लिए खतरनाक तरीकों का सहारा लेते हैं। अब FSSAI के इस फैसले से ऐसे लोगों पर लगाम लगने की उम्मीद है।
उपभोक्ताओं को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है। अगर फल बहुत जल्दी और असामान्य तरीके से पके हुए दिखें, या उनमें केमिकल जैसी गंध आए, तो उन्हें खरीदने से बचना चाहिए। साथ ही, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी स्थानीय फूड सेफ्टी विभाग को देने की अपील की गई है।
कुल मिलाकर, FSSAI का यह कदम खाद्य सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा और जरूरी कदम माना जा रहा है, जिससे बाजार में बिकने वाले फलों की गुणवत्ता सुधरेगी और लोगों को सुरक्षित भोजन मिल सकेगा।

