उत्तर प्रदेश की योगी सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए लगातार बड़े कदम उठा रही है. इसी कड़ी में राज्य के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों और बैंकों को सख्त निर्देश दिए हैं. उन्होंने स्पष्ट कहा कि इन योजनाओं का लाभ हर पात्र किसान तक पहुंचना सरकार की प्राथमिकता है.
बैठक में मंत्री ने जोर देकर कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड और फसल बीमा योजना किसानों के लिए बेहद अहम हैं, क्योंकि ये न केवल उन्हें सस्ता कर्ज उपलब्ध कराते हैं बल्कि फसल खराब होने की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा भी देते हैं. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों के डाटा का उपयोग कर अधिक से अधिक किसानों को KCC से जोड़ा जाए.
एनपीए खातों पर सरकार सख्त
समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि प्रदेश में कई KCC खाते नवीनीकरण के इंतजार में हैं और बड़ी संख्या में खाते एनपीए (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट) बन चुके हैं. इस पर मंत्री शाही ने नाराजगी जताते हुए बैंकों और विभागों को संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर ऋण चुकाने के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि उनके खाते नियमित बने रहें और उन्हें आगे भी आसानी से कर्ज मिलता रहे.
15 मई से शुरू होगा विशेष अभियान
सरकार ने 15 मई से प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाने का ऐलान किया है. इस अभियान के तहत नए किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए जाएंगे और अधिक से अधिक किसानों को इससे जोड़ा जाएगा. मंत्री ने यह भी कहा कि किसानों को जागरूक किया जाए कि समय पर लोन चुकाने पर उन्हें ब्याज में छूट मिलती है, जिससे उनकी लागत कम होती है.
बैंकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे शाखा स्तर पर जागरूकता बढ़ाएं, नोटिस बोर्ड लगाएं और किसानों से सीधे संपर्क कर उन्हें योजनाओं के फायदे समझाएं.
फसल बीमा में पारदर्शिता पर जोर
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा करते हुए मंत्री ने कहा कि जिन किसानों का प्रीमियम काटा गया है, उनका बीमा हर हाल में सुनिश्चित किया जाए. साथ ही बीमा से जुड़े सभी रिकॉर्ड पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराए जाएं. अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि बीमा कवरेज, क्लेम और लाभार्थियों का डेटा साफ-सुथरा और अपडेटेड रखा जाए.
कृषि निवेश बढ़ाने के निर्देश
बैठक में एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (AIF) की धीमी प्रगति पर भी चिंता जताई गई. मंत्री शाही ने कहा कि सरकार किसानों को भारी सब्सिडी और ब्याज में छूट दे रही है, लेकिन यदि बैंक सहयोग नहीं करेंगे तो योजनाओं का लाभ किसानों तक नहीं पहुंच पाएगा. उन्होंने बैंकों से सकारात्मक रवैया अपनाने और किसानों को समय पर ऋण उपलब्ध कराने की अपील की.
सरकार का यह कदम किसानों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है, क्योंकि इससे उन्हें सस्ता कर्ज, बेहतर बीमा और निवेश के नए अवसर मिलेंगे.
