• About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Fasal Kranti Agriculture News
Advertisement
  • Home
  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes
  • Animal Husbandry
  • Login
No Result
View All Result
  • Home
  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes
  • Animal Husbandry
No Result
View All Result
Fasal Kranti Agriculture News
No Result
View All Result
Home अन्य

अब अंतरिक्ष में भी भारत का दबदबा, Skyroot Aerospace बनी 1.1 बिलियन डॉलर की यूनिकॉर्न

यह फंडिंग ऐसे समय में मिली है, जब कंपनी अपने महत्वाकांक्षी Vikram-1 रॉकेट की पहली ऐतिहासिक उड़ान की तैयारी कर रही है

Vipin Mishra by Vipin Mishra
May 9, 2026
in अन्य
0
अब अंतरिक्ष में भी भारत का दबदबा, Skyroot Aerospace बनी 1.1 बिलियन डॉलर की यूनिकॉर्न
0
SHARES
2
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

भारत का निजी अंतरिक्ष क्षेत्र अब तेजी से वैश्विक मंच पर अपनी ताकत दिखा रहा है। एक समय केवल सरकारी एजेंसियों तक सीमित रहने वाला भारतीय स्पेस सेक्टर अब प्राइवेट कंपनियों के दम पर नई ऊंचाइयों को छू रहा है। इसी दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए भारतीय स्पेस टेक कंपनी Skyroot Aerospace ने लगभग 60 मिलियन डॉलर की नई फंडिंग जुटाकर 1.1 बिलियन डॉलर का वैल्यूएशन हासिल कर लिया है। इसके साथ ही कंपनी आधिकारिक तौर पर यूनिकॉर्न क्लब में शामिल हो गई है।

यह उपलब्धि सिर्फ एक कंपनी की सफलता नहीं, बल्कि भारत की उभरती हुई स्पेस इकोनॉमी और तकनीकी क्षमता का बड़ा संकेत मानी जा रही है। खास बात यह है कि यह फंडिंग ऐसे समय में मिली है, जब कंपनी अपने महत्वाकांक्षी Vikram-1 रॉकेट की पहली ऐतिहासिक उड़ान की तैयारी कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि विक्रम-1 मिशन भारत को ग्लोबल स्पेस लॉन्च मार्केट में नई पहचान दिला सकता है।

वैश्विक निवेशकों ने जताया भरोसा

स्काईरूट एयरोस्पेस में हुए इस बड़े निवेश दौर का नेतृत्व Sherpalo Ventures और GIC ने किया। इसके अलावा इस फंडिंग राउंड में BlackRock द्वारा प्रबंधित फंड, Greenko Group के संस्थापक, Arkam Ventures, Playbook Partners और संघवी फैमिली ऑफिस जैसे बड़े निवेशकों ने भी भाग लिया।

इस भारी निवेश ने साफ कर दिया है कि वैश्विक निवेशक अब भारतीय स्पेस टेक सेक्टर को भविष्य के बड़े अवसर के रूप में देख रहे हैं। भारत में तेजी से बढ़ रही तकनीकी क्षमताएं, कम लागत में स्पेस मिशन तैयार करने की क्षमता और मजबूत इंजीनियरिंग टैलेंट विदेशी निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं।

Vikram-1 मिशन पर टिकी दुनिया की नजर

स्काईरूट एयरोस्पेस अब इस नई पूंजी का इस्तेमाल अपने कमर्शियल लॉन्च ऑपरेशंस को तेज करने और विक्रम-1 रॉकेट की लॉन्च तैयारियों को और मजबूत बनाने में करेगी। कंपनी भविष्य के एडवांस्ड रॉकेट Vikram-2 पर भी आक्रामक तरीके से काम कर रही है।

विक्रम-1 एक निजी भारतीय रॉकेट है, जिसे छोटे सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष में लॉन्च करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह पूरी तरह से भारत में विकसित किया गया है और इसे आधुनिक तकनीक और कम लागत वाले लॉन्च सिस्टम के साथ तैयार किया गया है। अगर इसका मिशन सफल रहता है, तो भारत प्राइवेट स्पेस लॉन्च मार्केट में बड़ी ताकत बन सकता है।

भारत की स्पेस क्रांति को मिला नया बूस्ट

स्काईरूट की इस उपलब्धि को भारत की स्पेस क्रांति में एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भारत सरकार ने निजी कंपनियों के लिए स्पेस सेक्टर खोलने के बाद कई स्टार्टअप्स को आगे आने का मौका दिया है। इसका असर अब साफ दिखाई देने लगा है।

भारत पहले ही कम लागत वाले अंतरिक्ष मिशनों के लिए दुनिया में पहचान बना चुका है। Indian Space Research Organisation यानी ISRO के सफल मिशनों ने दुनिया को भारतीय तकनीक की ताकत दिखाई है। अब निजी कंपनियां भी उसी राह पर तेजी से आगे बढ़ रही हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत वैश्विक स्पेस लॉन्च मार्केट में अमेरिका और यूरोप जैसी बड़ी ताकतों को कड़ी चुनौती दे सकता है। छोटे सैटेलाइट लॉन्चिंग की बढ़ती मांग भारतीय कंपनियों के लिए बड़ा अवसर बन रही है।

CEO पवन कुमार चंदना ने बताया ऐतिहासिक पल

स्काईरूट एयरोस्पेस के सह-संस्थापक और CEO पवन कुमार चंदना ने इस उपलब्धि को भारत के निजी स्पेस सेक्टर के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि विक्रम-1 मिशन सिर्फ एक लॉन्च नहीं, बल्कि भारत के स्पेस सेक्टर के भविष्य की नई शुरुआत है।

उन्होंने कहा कि भारत के इंजीनियर्स और वैज्ञानिक अब दुनिया को दिखा रहे हैं कि सीमित संसाधनों में भी विश्वस्तरीय तकनीक विकसित की जा सकती है। पवन कुमार चंदना के मुताबिक स्काईरूट का लक्ष्य अंतरिक्ष तक पहुंच को सस्ता, तेज और अधिक भरोसेमंद बनाना है।

भारत बन सकता है ग्लोबल स्पेस हब

विशेषज्ञों के अनुसार भारत का स्पेस इकोनॉमी मार्केट अगले दशक में कई गुना बढ़ सकता है। सरकार की नई नीतियां, निजी निवेश और तकनीकी इनोवेशन भारत को ग्लोबल स्पेस हब बनाने में मदद कर रहे हैं।

स्काईरूट की यूनिकॉर्न उपलब्धि इस बात का संकेत है कि भारतीय स्टार्टअप्स अब सिर्फ घरेलू बाजार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार हैं। आने वाले समय में भारत का नाम दुनिया के प्रमुख स्पेस देशों में और मजबूती से शामिल हो सकता है।

Tags: AerospaceBillionDollarStartupIndiaInSpaceIndianSpaceTechIndianStartupIndiaTechInnovationISROMakeInIndiaNewSpaceSatelliteLaunchSkyrootAerospaceSpaceIndustrySpaceInnovationSpaceMissionSpaceTechStartupIndiaStartupNewsTechnologyUnicornStartup
Previous Post

Rohit Sharma की धमाकेदार पारी पर फिदा हुईं Sonal Chauhan, बोलीं – “मुंबई चा राजा”

Next Post

Jharkhand Rain Alert:झारखंड में मौसम का बड़ा अलर्ट: 6 दिन तक बारिश-बिजली का खतरा, कई जिलों में तेज हवाओं की चेतावनी

Next Post
Jharkhand Rain Alert:झारखंड में मौसम का बड़ा अलर्ट: 6 दिन तक बारिश-बिजली का खतरा, कई जिलों में तेज हवाओं की चेतावनी

Jharkhand Rain Alert:झारखंड में मौसम का बड़ा अलर्ट: 6 दिन तक बारिश-बिजली का खतरा, कई जिलों में तेज हवाओं की चेतावनी

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

  • पीएम-सेतु योजना के तहत कानपुर में बनेगा वैमानिकी उत्कृष्टता केंद्र, उद्योगों के साथ मिलकर तैयार होगा स्किल हब
  • Jharkhand Rain Alert:झारखंड में मौसम का बड़ा अलर्ट: 6 दिन तक बारिश-बिजली का खतरा, कई जिलों में तेज हवाओं की चेतावनी
  • अब अंतरिक्ष में भी भारत का दबदबा, Skyroot Aerospace बनी 1.1 बिलियन डॉलर की यूनिकॉर्न
  • Rohit Sharma की धमाकेदार पारी पर फिदा हुईं Sonal Chauhan, बोलीं – “मुंबई चा राजा”
  • एबी पीएम-जेएवाई में एआई का बड़ा कदम, दावों के निपटान को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए

Recent Comments

No comments to show.
Fasal Kranti is a leading monthly agricultural magazine dedicated to empowering Indian farmers. Published scince 2013 in Hindi, Punjabi, Marathi, and Gujarati, it provides valuable insights, modern farming techniques, and the latest agricultural updates. With a vision to support 21st-century farmers, Fasal Kranti strives to be a trusted source of knowledge and innovation in the agricultural sector.

Category

  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes

Newsletter

Subscribe to our Newsletter. You choose the topics of your interest and we’ll send you handpicked news and latest updates based on your choice.

Subscribe Now

Contact

Promote your brand with Fasalkranti. Connect with us for advertising.
  • E-Mail: info@fasalkranti.in
  • Phone: +91 9625941688
Copyrights © 2026. Fasal Kranti, Inc. All Rights Reserved. Maintained By Fasalkranti Team .

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

Add New Playlist

No Result
View All Result
  • Home
  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes
  • Animal Husbandry

© 2026 Fasalkranti - News and Magazine by Fasalkranti news.