भारत में एयरोस्पेस और उच्च स्तरीय विनिर्माण क्षेत्र के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। Ministry of Skill Development and Entrepreneurship के प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीटी) ने कानपुर स्थित National Skill Training Institute Kanpur में प्रधानमंत्री कौशल विकास एवं रोजगार क्षमता परिवर्तन उन्नत आईटीआई (पीएम-सेतु) योजना के तहत वैमानिकी और संबद्ध क्षेत्रों के लिए राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (एनसीओई) की स्थापना को लेकर एक महत्वपूर्ण उद्योग परामर्श बैठक आयोजित की।
बैठक की अध्यक्षता कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की सचिव Debashree Mukherjee ने की। इस दौरान डीजीटी के महानिदेशक Dileep Kumar सहित मंत्रालय और उत्तर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में एयरोस्पेस, रक्षा उत्पादन, सटीक अभियांत्रिकी और विनिर्माण क्षेत्र से जुड़े 25 से अधिक प्रमुख उद्योगों और संस्थानों ने भाग लिया।
इस परामर्श बैठक में Hindustan Aeronautics Limited, Dassault Aviation India, Tata Advanced Systems, Bharat Electronics Limited, L&T Precision Engineering, Honda Motor Company तथा Asian Development Bank और World Bank जैसे संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर भविष्य की कौशल आवश्यकताओं पर अपने सुझाव दिए।
बैठक का मुख्य फोकस उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक प्रशिक्षण ढांचा तैयार करना था। इसमें पाठ्यक्रम निर्माण, प्रशिक्षण संचालन, अत्याधुनिक अवसंरचना विकास और अप्रेन्टिसशिप कार्यक्रमों में उद्योगों की भागीदारी को मजबूत बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने कहा कि भारत में तेजी से बढ़ रहे एयरोस्पेस सेक्टर को देखते हुए प्रशिक्षित तकनीकी कार्यबल की मांग लगातार बढ़ रही है, ऐसे में यह उत्कृष्टता केंद्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि कानपुर स्थित प्रस्तावित राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र उद्योगों के सक्रिय सहयोग और सह-निवेश के मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य युवाओं को वैमानिकी, उच्च स्तरीय विनिर्माण, रक्षा उत्पादन और संबद्ध तकनीकी क्षेत्रों में विश्वस्तरीय प्रशिक्षण प्रदान करना है। सरकार का मानना है कि यह पहल भारत को एयरोस्पेस तकनीकों में आत्मनिर्भर बनाने और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूत स्थिति दिलाने में मदद करेगी।
बैठक में यह भी बताया गया कि यह परियोजना भारत-फ्रांस द्विपक्षीय सहयोग और पीएम-सेतु योजना के ढांचे पर आधारित होगी। मंत्रालय के अनुसार, यह उत्कृष्टता केंद्र प्रतिवर्ष हजारों युवाओं और पेशेवरों को प्रशिक्षण देकर देश के उभरते एयरोस्पेस उद्योग के लिए कुशल कार्यबल तैयार करेगा।
पीएम-सेतु योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में हब-एंड-स्पोक मॉडल पर भी विशेष जोर दिया गया है। इसके तहत अलीगंज, साकेत, पांडू नगर कानपुर, मुजफ्फरनगर, आगरा, नैनी प्रयागराज, वाराणसी और चरगावां गोरखपुर जैसे आईटीआई क्लस्टरों की पहचान की गई है। इन क्लस्टरों में “हब आईटीआई” अन्य “स्पोक आईटीआई” को मार्गदर्शन और तकनीकी सहायता प्रदान करेंगे। इससे क्षेत्रीय स्तर पर कौशल विकास नेटवर्क मजबूत होगा और प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार आएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि उद्योगों की प्रत्यक्ष भागीदारी से प्रशिक्षण अधिक व्यावहारिक और रोजगारोन्मुख बनेगा। इससे युवाओं को नई तकनीकों, मशीनों और आधुनिक उत्पादन प्रक्रियाओं की वास्तविक जानकारी मिल सकेगी। साथ ही अप्रेन्टिसशिप और ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग के अवसर भी बढ़ेंगे।
सरकार ने दोहराया कि पीएम-सेतु योजना का उद्देश्य देशभर के आईटीआई संस्थानों का आधुनिकीकरण करना और उन्हें उद्योगों की वर्तमान तथा भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है। कानपुर में प्रस्तावित यह राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो भारत के वैमानिकी और उन्नत विनिर्माण क्षेत्र को नई गति देने में अहम भूमिका निभाएगा।
