केंद्रीय ग्रामीण विकास तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री Shivraj Singh Chouhan 15 मई को महाराष्ट्र के सतारा में आयोजित “प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) लाभार्थी सम्मेलन एवं महा आवास अभियान राज्य स्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह” में शामिल होंगे। इस अवसर पर राज्य के ग्रामीण विकास और आधारभूत संरचना को नई गति देने वाली कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की जाएंगी।
सैनिक स्कूल ग्राउंड, सतारा में आयोजित इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis, उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde तथा उपमुख्यमंत्री Sunetra Ajit Pawar सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहेंगे।
कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के अंतर्गत पूर्ण हुए 5 लाख पक्के ग्रामीण आवासों के गृह प्रवेश समारोह का शुभारंभ होगा। केंद्रीय मंत्री छह लाभार्थियों को प्रतीकात्मक रूप से घरों की चाबियां भी सौंपेंगे। इनमें वे लाभार्थी भी शामिल होंगे, जो योजना के तहत निर्मित देश के 3 करोड़वें आवास से जुड़े हैं।
इस अवसर पर श्री शिवराज सिंह चौहान महाराष्ट्र को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पीएमएवाई-जी के अंतर्गत ₹8,368.50 करोड़ की केंद्रीय अंश सहायता की मातृ स्वीकृति जारी करेंगे। इसे राज्य में ग्रामीण आवास निर्माण को नई मजबूती देने वाला बड़ा कदम माना जा रहा है।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY)-IV के तहत महाराष्ट्र को ₹122.98 करोड़ की लागत वाली 35 सड़क परियोजनाओं की स्वीकृति भी प्रदान की जाएगी। लगभग 95.99 किलोमीटर लंबाई की इन परियोजनाओं से राज्य की 35 ग्रामीण बसावटों को हर मौसम में बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा। सरकार का मानना है कि इन सड़कों से गांवों की शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच आसान होगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान “महा आवास अभियान 2023-24” के अंतर्गत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों और अधिकारियों को राज्य स्तरीय पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे। साथ ही “महा आवास अभियान अवॉर्ड्स गौरवगाथा पुस्तिका” और एक त्रैमासिक पत्रिका का भी विमोचन किया जाएगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं में शामिल है, जिसका उद्देश्य गरीब ग्रामीण परिवारों को मूलभूत सुविधाओं सहित पक्का घर उपलब्ध कराना है। देशभर में अब तक इस योजना के अंतर्गत 4.15 करोड़ आवासों का लक्ष्य राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को आवंटित किया जा चुका है। इनमें से 3.91 करोड़ आवास स्वीकृत किए गए हैं और 11 मई 2026 तक 3.03 करोड़ से अधिक आवास पूर्ण भी हो चुके हैं।
महाराष्ट्र ने इस योजना के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। राज्य को आवंटित 43.80 लाख आवासों के लक्ष्य के मुकाबले 41.42 लाख आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं, जबकि 17.92 लाख घरों का निर्माण पूरा हो चुका है। सतारा जिले में भी योजना का प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता है, जहां 55,052 आवासों के लक्ष्य के विरुद्ध 54,759 आवास स्वीकृत हुए हैं और 24,848 आवास पूर्ण किए जा चुके हैं।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत भी महाराष्ट्र लगातार प्रगति कर रहा है। राज्य में अब तक 34 हजार किलोमीटर से अधिक ग्रामीण सड़कों और 1000 से अधिक पुलों को स्वीकृति मिल चुकी है। इन परियोजनाओं पर ₹15 हजार करोड़ से अधिक की लागत स्वीकृत की गई है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत हुई है और गांवों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिला है।
सरकार राज्य में “न्यू एंड ग्रीन टेक्नोलॉजी” आधारित सड़क निर्माण को भी प्रोत्साहित कर रही है, ताकि पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ ग्रामीण आधारभूत संरचना विकसित की जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल ग्रामीण महाराष्ट्र में सामाजिक-आर्थिक विकास को नई दिशा देगी।
यह कार्यक्रम केवल आवास वितरण या सड़क परियोजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण परिवर्तन के व्यापक विजन का हिस्सा माना जा रहा है। केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर गांवों में बेहतर आवास, मजबूत सड़क संपर्क और आधुनिक आधारभूत सुविधाओं के जरिए ग्रामीण जीवन स्तर को ऊंचा उठाने की दिशा में लगातार काम कर रही हैं।

