भारत में स्पेशलिटी उर्वरकों और आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए सॉल्युबल फर्टिलाइजर इंडस्ट्री एसोसिएशन (SFIA) ने SOMS 2026 के तहत ‘थीसिस शोडाउन’ रिसर्च कॉन्टेस्ट के दूसरे संस्करण की घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य कृषि वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, छात्रों और तकनीकी संस्थानों को एक ऐसा राष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराना है, जहां वे पौध पोषण, मृदा स्वास्थ्य और आधुनिक कृषि तकनीकों पर अपने शोध और नवाचार प्रस्तुत कर सकें।
भारत में खाद्य सुरक्षा और बेहतर मानव पोषण की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। ऐसे समय में यह महसूस किया जा रहा है कि स्वस्थ मिट्टी और संतुलित पौध पोषण सीधे तौर पर मानव स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए यह रिसर्च प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है, ताकि खेती में नई तकनीकों, वैज्ञानिक शोध और टिकाऊ कृषि समाधानों को प्रोत्साहन मिल सके।
प्रतियोगिता में ऐसे शोधों को शामिल किया जाएगा जो स्पेशलिटी फर्टिलाइजर, सॉल्युबल फर्टिलाइजर, माइक्रोन्यूट्रिएंट्स, बायो-स्टिमुलेंट्स, ऑर्गेनिक इनपुट्स और इंटीग्रेटेड न्यूट्रिशन मैनेजमेंट जैसे विषयों से जुड़े हों। इसके अलावा मृदा स्वास्थ्य सुधार, मिट्टी की पीएच समस्या, क्षारीयता नियंत्रण, उर्वरकों की गुणवत्ता जांच तकनीक, आधुनिक निर्माण प्रक्रियाएं और पारंपरिक सब्सिडी वाले उर्वरकों की तुलना में SOMS आधारित इनपुट्स की प्रभावशीलता पर भी शोध आमंत्रित किए गए हैं।
पिछले संस्करण में कई अनोखे शोध सामने आए थे, जिनमें वेस्टवॉटर से अमोनिया रिकवरी कर उसे सॉल्युबल फर्टिलाइजर के रूप में उपयोग करने तथा स्प्रेइंग सिस्टम में रोबोटिक्स तकनीक के इस्तेमाल जैसे विषय शामिल थे। चयनित शोधकर्ताओं को नकद पुरस्कार और प्रोत्साहन भी दिया गया था।
इस वर्ष प्रतियोगिता का दायरा और बढ़ाया गया है। अब IITs, ICAR संस्थानों, NRCs और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन, डिजिटल एग्रीकल्चर और अगली पीढ़ी की कृषि तकनीकों पर काम कर रहे तकनीकी संस्थानों को भी इसमें भाग लेने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। इससे कृषि और तकनीक के बीच मजबूत समन्वय स्थापित होने की उम्मीद है।
प्रतियोगिता का ग्रैंड फिनाले “थीसिस शोडाउन” SOMS 2026 के दौरान 2 जुलाई 2026 को अहमदाबाद में आयोजित किया जाएगा। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में दुनियाभर के कृषि विशेषज्ञ, उद्योग प्रतिनिधि, नीति निर्माता, वैज्ञानिक और शोधकर्ता शामिल होंगे। फाइनलिस्टों को अपने शोध को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।
प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ तीन शोध प्रस्तुतियों को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। आयोजकों का मानना है कि यह मंच युवा शोधकर्ताओं और कृषि वैज्ञानिकों को कृषि क्षेत्र की भविष्य की चुनौतियों के समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित करेगा।

