• About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Fasal Kranti Agriculture News
Advertisement
  • Home
  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes
  • Animal Husbandry
  • Login
No Result
View All Result
  • Home
  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes
  • Animal Husbandry
No Result
View All Result
Fasal Kranti Agriculture News
No Result
View All Result
Home योजना

Har Khet Ko Pani Yojana: किसानों तक सिंचाई पहुंचाने की बड़ी सरकारी पहल

Har Khet Ko Pani Yojana: A major government initiative to provide irrigation to farmers

Fiza by Fiza
May 26, 2026
in योजना
0
Har Khet Ko Pani Yojana

Har Khet Ko Pani Yojana

0
SHARES
1
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

Har Khet Ko Pani Yojana: भारत में खेती आज भी काफी हद तक बारिश पर निर्भर है। कई राज्यों में किसानों को समय पर पानी नहीं मिल पाने के कारण फसल उत्पादन प्रभावित होता है। इसी समस्या को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने “हर खेत को पानी” अभियान शुरू किया। इस योजना का उद्देश्य देश के हर किसान तक सिंचाई की सुविधा पहुंचाना है ताकि खेत सूखे की मार से बच सकें और किसानों की आय बढ़ सके।

यह योजना प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है। सरकार का लक्ष्य है कि “Per Drop More Crop” यानी पानी की हर बूंद का सही इस्तेमाल हो और हर खेत तक सिंचाई पहुंचे। पिछले कुछ वर्षों में इस योजना के जरिए नहरों, ट्यूबवेल, ड्रिप इरिगेशन, स्प्रिंकलर और जल संरक्षण परियोजनाओं को बढ़ावा दिया गया है।

हर खेत को पानी योजना की शुरुआत कैसे हुई?

भारत में लंबे समय से किसानों की सबसे बड़ी समस्या सिंचाई रही है। कई क्षेत्रों में किसान केवल मानसून पर निर्भर रहते थे। बारिश कम होने पर फसल खराब हो जाती थी और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था।

इसी चुनौती को देखते हुए केंद्र सरकार ने वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) की शुरुआत की। इसी योजना के अंतर्गत “हर खेत को पानी” अभियान शुरू किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य था कि देश के हर खेत तक पानी पहुंचाया जाए और सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया जाए। सरकार ने इस योजना को ग्रामीण विकास, कृषि और जल संसाधन मंत्रालयों के सहयोग से लागू किया। योजना के तहत उन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई जहां सिंचाई की सुविधा कम थी।

योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?

हर खेत को पानी योजना का उद्देश्य केवल पानी उपलब्ध कराना नहीं बल्कि खेती को अधिक टिकाऊ और लाभदायक बनाना भी है। इस योजना के प्रमुख उद्देश्य इस प्रकार हैं:

  • हर खेत तक सिंचाई सुविधा पहुंचाना
  • जल संरक्षण को बढ़ावा देना
  • ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी आधुनिक सिंचाई तकनीकों को बढ़ावा देना
  • कम पानी में अधिक उत्पादन सुनिश्चित करना
  • किसानों की लागत कम करना
  • सूखा प्रभावित क्षेत्रों में खेती को सुरक्षित बनाना
  • भूजल स्तर को सुधारना

किसानों को इस योजना से क्या फायदा मिलता है?

हर खेत को पानी योजना किसानों के लिए कई मायनों में फायदेमंद साबित हो रही है। जिन किसानों के खेतों तक पहले पानी नहीं पहुंचता था, उन्हें अब सिंचाई सुविधा मिल रही है।

सिंचाई लागत में कमी

ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी तकनीकों के इस्तेमाल से पानी की बचत होती है। इससे बिजली और डीजल की लागत भी कम होती है।

फसल उत्पादन में बढ़ोतरी

समय पर सिंचाई मिलने से फसल की गुणवत्ता बेहतर होती है और उत्पादन बढ़ता है।

सूखे से राहत

कम बारिश वाले क्षेत्रों में भी किसान अब खेती जारी रख पा रहे हैं।

आधुनिक खेती को बढ़ावा

योजना के तहत माइक्रो इरिगेशन को बढ़ावा दिया जा रहा है जिससे किसान आधुनिक खेती की ओर बढ़ रहे हैं।

किसानों की आय में सुधार

कम लागत और बेहतर उत्पादन के कारण किसानों की आमदनी बढ़ रही है।

किन किसानों को योजना का लाभ मिलता है?

इस योजना का लाभ छोटे, सीमांत और मध्यम वर्ग के किसानों को दिया जाता है। जिन किसानों के पास खेती योग्य भूमि है और जो सिंचाई सुविधा विकसित करना चाहते हैं, वे आवेदन कर सकते हैं।

कई राज्यों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला किसानों को अतिरिक्त लाभ भी दिया जाता है।

किन राज्यों में योजना का ज्यादा फायदा मिल रहा है?

हर खेत को पानी योजना पूरे भारत में लागू है, लेकिन कुछ राज्यों में इसका प्रभाव अधिक दिखाई दिया है।

उत्तर प्रदेश

यहां नहरों और ट्यूबवेल आधारित सिंचाई परियोजनाओं पर तेजी से काम हुआ है।

राजस्थान

कम पानी वाले क्षेत्रों में ड्रिप इरिगेशन को बढ़ावा दिया गया।

मध्य प्रदेश

खेती योग्य भूमि में सिंचाई क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया गया।

महाराष्ट्र

सूखा प्रभावित क्षेत्रों में माइक्रो इरिगेशन परियोजनाओं को बढ़ावा मिला।

गुजरात

जल संरक्षण और ड्रिप सिंचाई के मॉडल को मजबूत किया गया।

बिहार

छोटे किसानों को सिंचाई संसाधनों से जोड़ने की कोशिश की गई।

हरियाणा और पंजाब

पानी बचाने वाली तकनीकों को बढ़ावा दिया गया।

योजना के तहत कौन-कौन सी सुविधाएं मिलती हैं?

सरकार किसानों को कई तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराती है।

ड्रिप इरिगेशन

इस तकनीक में पानी सीधे पौधों की जड़ों तक पहुंचता है जिससे पानी की बचत होती है।

स्प्रिंकलर सिस्टम

यह प्रणाली बारिश की तरह खेतों में पानी का छिड़काव करती है।

खेत तालाब निर्माण

कई राज्यों में खेत तालाब बनाने के लिए सहायता दी जाती है।

नहर विकास

पुरानी नहरों की मरम्मत और नई नहरों का निर्माण किया जाता है।

जल संरक्षण कार्य

चेक डैम, वर्षा जल संचयन और जल संरक्षण संरचनाओं पर भी काम किया जाता है।

योजना में कितनी सब्सिडी मिलती है?

राज्यों के अनुसार सब्सिडी की राशि अलग-अलग हो सकती है। सामान्यतः किसानों को माइक्रो इरिगेशन सिस्टम पर 55% तक सब्सिडी दी जाती है। छोटे और सीमांत किसानों के लिए यह सहायता कुछ राज्यों में 70% तक भी पहुंच सकती है।

महिला किसानों और अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग को अतिरिक्त लाभ दिया जाता है।

हर खेत को पानी योजना में आवेदन कैसे करें?

किसान इस योजना के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से आवेदन कर सकते हैं।

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया

  1. राज्य कृषि विभाग या PMKSY की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
  2. किसान पंजीकरण करें
  3. आवेदन फॉर्म भरें
  4. जरूरी दस्तावेज अपलोड करें
  5. आवेदन जमा करें
  6. आवेदन सत्यापन के बाद लाभ दिया जाता है

ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया

किसान अपने जिले के कृषि विभाग, ब्लॉक कार्यालय या कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) में जाकर आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

योजना का लाभ लेने के लिए किसानों के पास कुछ जरूरी दस्तावेज होने चाहिए।

  • आधार कार्ड
  • पहचान पत्र
  • निवास प्रमाण पत्र
  • भूमि संबंधी दस्तावेज
  • बैंक पासबुक
  • मोबाइल नंबर
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)

पिछले 5 सालों में किसानों को कितना फायदा मिला?

पिछले पांच वर्षों में इस योजना के तहत लाखों हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा से जोड़ा गया है। सरकार ने माइक्रो इरिगेशन को बढ़ावा देकर पानी की बचत और उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया है। कई राज्यों में ड्रिप इरिगेशन अपनाने वाले किसानों की आय में अच्छी वृद्धि दर्ज की गई है। जल संरक्षण परियोजनाओं से सूखा प्रभावित क्षेत्रों में खेती को राहत मिली है।

सरकारी रिपोर्ट्स के अनुसार:

  • लाखों किसानों को माइक्रो इरिगेशन का लाभ मिला
  • करोड़ों रुपये की सिंचाई परियोजनाएं पूरी हुईं
  • जल संरक्षण क्षमता में वृद्धि हुई
  • कई जिलों में फसल उत्पादकता बढ़ी

माइक्रो इरिगेशन क्यों बन रहा किसानों की पहली पसंद?

आज के समय में पानी की कमी एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। ऐसे में माइक्रो इरिगेशन किसानों के लिए फायदेमंद विकल्प बनकर उभरा है।

पानी की बचत

ड्रिप तकनीक से 40% से 60% तक पानी की बचत संभव है।

उर्वरक की बचत

फर्टिगेशन तकनीक से खाद सीधे पौधों तक पहुंचती है।

बेहतर उत्पादन

फसल को जरूरत के अनुसार पानी मिलने से गुणवत्ता सुधरती है।

कम मजदूरी खर्च

ऑटोमैटिक सिस्टम होने के कारण श्रम लागत कम होती है।

किन फसलों में योजना ज्यादा फायदेमंद है?

हर खेत को पानी योजना लगभग सभी फसलों के लिए उपयोगी है, लेकिन कुछ फसलों में इसका ज्यादा फायदा देखने को मिला है।

  • गन्ना
  • कपास
  • टमाटर
  • मिर्च
  • प्याज
  • अंगूर
  • केला
  • सब्जियां
  • फलदार पौधे

जल संरक्षण क्यों जरूरी है?

भारत के कई राज्यों में भूजल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है। लगातार बढ़ती सिंचाई जरूरतों के कारण पानी की मांग बढ़ रही है। यदि समय रहते जल संरक्षण पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले वर्षों में खेती पर बड़ा संकट आ सकता है। इसी वजह से सरकार जल संरक्षण आधारित सिंचाई मॉडल को बढ़ावा दे रही है।

किसानों के लिए सरकार की नई रणनीति

सरकार अब केवल सिंचाई सुविधा बढ़ाने पर ही नहीं बल्कि “कम पानी में ज्यादा उत्पादन” मॉडल पर भी काम कर रही है।

इसके तहत:

  • सेंसर आधारित सिंचाई
  • सोलर पंप
  • स्मार्ट इरिगेशन सिस्टम
  • डिजिटल मॉनिटरिंग
  • जल संरक्षण अभियान

जैसी तकनीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को कैसे फायदा मिला?

जब खेतों तक पानी पहुंचता है तो खेती मजबूत होती है। खेती मजबूत होने से ग्रामीण बाजार भी मजबूत होते हैं।

इस योजना से:

  • रोजगार बढ़ा
  • कृषि उत्पादन बढ़ा
  • किसानों की आय सुधरी
  • ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ीं

क्या छोटे किसान भी योजना का लाभ ले सकते हैं?

हाँ, छोटे और सीमांत किसानों को योजना में विशेष प्राथमिकता दी जाती है। सरकार इन्हें अधिक सब्सिडी देने की कोशिश करती है ताकि कम जमीन वाले किसान भी आधुनिक सिंचाई तकनीक अपना सकें।

योजना से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण सुझाव

  • आवेदन से पहले अपने राज्य की कृषि वेबसाइट जरूर देखें
  • केवल प्रमाणित कंपनियों से उपकरण खरीदें
  • सब्सिडी नियमों की जानकारी लें
  • पानी की उपलब्धता के अनुसार तकनीक चुनें
  • कृषि विशेषज्ञों की सलाह लें

निष्कर्ष

हर खेत को पानी योजना देश के किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण पहल बन चुकी है। जल संकट और बढ़ती खेती लागत के बीच यह योजना किसानों को आधुनिक सिंचाई तकनीकों से जोड़ रही है। इससे पानी की बचत के साथ-साथ उत्पादन और किसानों की आय दोनों में सुधार देखने को मिल रहा है।

यदि किसान सही जानकारी और तकनीक के साथ इस योजना का लाभ उठाते हैं तो आने वाले वर्षों में खेती और अधिक मजबूत और लाभदायक बन सकती है। सरकार की यह पहल ग्रामीण भारत में कृषि विकास को नई दिशा देने का काम कर रही है।

Tags: agriculture irrigation schemeAgriculture News HindiAgriculture Subsidy IndiaDrip Irrigation Subsidyfarmer government scheme Indiafarming schemes IndiaFarming Technology India.Har Khet Ko Pani YojanaIndian farming schemesIrrigation Scheme for FarmersIrrigation Subsidy for Farmersirrigation support for farmersmicro irrigation scheme IndiaModern Irrigation TechniquesPer Drop More CropPMKSYPMKSY BenefitsPradhan Mantri Krishi Sinchai Yojanasprinkler irrigation subsidywater conservation farming
Previous Post

खाद्य तेलों के पैकेट होंगे अब एक जैसे? उपभोक्ताओं को राहत देने की तैयारी में सरकार

Next Post

Papaya Farming के लिए बेहतरीन जैविक खाद तकनीकें

Next Post
papaya farming

Papaya Farming के लिए बेहतरीन जैविक खाद तकनीकें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

  • पश्चिमी एशिया संकट से बढ़ा भारत का खाद सब्सिडी बोझ, 3 लाख करोड़ पार पहुंचने का खतरा
  • बायोप्राइम और मोज़ेक की साझेदारी से बदलेगी फर्टिलाइजर इंडस्ट्री की तस्वीर
  • पैराक्वाट और कार्बोसल्फान पर प्रतिबंध से नहीं रुकेगी किसान आत्महत्या, मूल कारणों पर ध्यान जरूरी: क्रॉपलाइफ इंडिया
  • PMKSY Watershed Scheme: कैसे बदली किसानों की तस्वीर, जानिए योजना का पूरा लाभ, रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज
  • Papaya Farming के लिए बेहतरीन जैविक खाद तकनीकें

Recent Comments

No comments to show.
Fasal Kranti is a leading monthly agricultural magazine dedicated to empowering Indian farmers. Published scince 2013 in Hindi, Punjabi, Marathi, and Gujarati, it provides valuable insights, modern farming techniques, and the latest agricultural updates. With a vision to support 21st-century farmers, Fasal Kranti strives to be a trusted source of knowledge and innovation in the agricultural sector.

Category

  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes

Newsletter

Subscribe to our Newsletter. You choose the topics of your interest and we’ll send you handpicked news and latest updates based on your choice.

Subscribe Now

Contact

Promote your brand with Fasalkranti. Connect with us for advertising.
  • E-Mail: info@fasalkranti.in
  • Phone: +91 9625941688
Copyrights © 2026. Fasal Kranti, Inc. All Rights Reserved. Maintained By Fasalkranti Team .

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

Add New Playlist

No Result
View All Result
  • Home
  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes
  • Animal Husbandry

© 2026 Fasalkranti - News and Magazine by Fasalkranti news.